मैनपुरी(सुवि) मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप भूमि विवादों के त्वरित, पारदर्शी एवं स्थायी निस्तारण के लिए संचालित ‘‘मिशन समाधान’’ अभियान जनपद में आमजन के लिए न्याय और विश्वास का माध्यम बनता जा रहा है, अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी लगातार गांवों में पहुंचकर स्वयं भूमि विवादों एवं लंबित पट्टा प्रकरणों की सुनवाई कर रहे हैं तथा मौके पर पैमाइश, सीमांकन, हदबंदी और कब्जा दिलाकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करा रहे हैं, इसी क्रम में तहसील कुरावली के ग्राम सुजरई रामनगर एवं ग्राम बसुरा सुल्तानपुर तथा तहसील सदर के ग्राम सूरजपुर मनोना में वर्षों से लंबित भूमि विवादों एवं पट्टा प्रकरणों का मौके पर निस्तारण कराया। उन्होने कहा कि ’’मिशन समाधान’’ का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं बल्कि लोगों को वास्तविक न्याय दिलाना और प्रशासन के प्रति जन-सामान्य का विश्वास मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि भूमि विवादों के कारण वर्षों तक मुकद्मेबाजी, सामाजिक तनाव, पारिवारिक वैमनस्य और कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, ऐसे मामलों को फाइलों में लंबित रखने के बजाय मौके पर पहुंचकर उनका व्यावहारिक एवं स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी भूमि विवाद को केवल कागजी कार्यवाही के आधार पर निस्तारित न माना जाए, जब तक संबंधित व्यक्ति को उसका वास्तविक अधिकार प्राप्त न हो जाए, तब तक प्रकरण को पूर्ण रूप से निस्तारित नही माना जाएगा।
श्री त्रिपाठी ने ग्राम सुजरई रामनगर के निरीक्षण के दौरान संबंधित अभिलेखों, खतौनी, पट्टा रजिस्टर एवं पूर्व में की गई कार्यवाहियों का परीक्षण किया, जांच में पाया गया कि उषा देवी को लगभग 20 वर्ष पूर्व पट्टे के माध्यम से भूमि आवंटित की गई थी लेकिन विभिन्न कारणों से उन्हें वास्तविक कब्जा प्राप्त नहीं हो सका था, वर्षों से लंबित इस मामले में कई स्तरों पर प्रयास हुए लेकिन समाधान नहीं निकल पाया। उन्होने राजस्व, पुलिस विभाग की संयुक्त टीम को निर्देशित करते हुए मौके पर भूमि की पैमाइश करायी तथा अभिलेखों के अनुरूप उषा देवी को उनकी भूमि पर विधिवत रूप से कब्जा दिलाया, इस कार्यवाही के बाद लाभार्थी और उनके परिवार ने प्रशासन का आभार व्यक्त किया। तहसील सदर के ग्राम सूरजपुर मनोना में भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं भावनात्मक प्रकरण का निस्तारण किया गया, ग्राम नि. रामादेवी को लगभग 48 वर्ष पूर्व भूमि का पट्टा आवंटित किया गया था किंतु उन्हें आज तक उस भूमि पर वास्तविक कब्जा प्राप्त नहीं हो सका था, वृद्धावस्था में भी वह अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रही थीं, जिलाधिकारी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर राजस्व टीम से भूमि की पैमाइश, सीमांकन कराया तथा सभी संबंधित पक्षों की मौजूदगी में रामादेवी को उनके पट्टे की भूमि पर कब्जा दिलाया, लगभग 48 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद जब उन्हें अपनी भूमि पर अधिकार मिला तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे, उपस्थित ग्रामीण भी इस भावुक क्षण के साक्षी बने, रामादेवी ने जिलाधिकारी एवं प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जीवन के इस पड़ाव पर न्याय मिलने की उम्मीद लगभग समाप्त हो चुकी थी लेकिन ’’मिशन समाधान’’ अभियान ने उनके दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त कर दिया।
तहसील कुरावली के ग्राम बसुरा सुल्तानपुर में भी भूमि विवाद से संबंधित चार महत्वपूर्ण प्रकरणों की मौके पर सुनवाई की गई, जिलाधिकारी ने दोनों पक्षों, राजस्व अधिकारियों एवं पुलिस टीम की मौजूदगी में अभिलेखों का परीक्षण कराया तथा भूमि की पैमाइश कराई, पैमाइश के बाद भूमि की वास्तविक सीमाएं निर्धारित की गईं तथा भविष्य में विवाद की संभावना को समाप्त करने के उद्देश्य से जे.सी.बी. मशीन की सहायता से मौके पर हदबंदी एवं मेड़बंदी कराई गई, इस कार्यवाही से वर्षों से चले आ रहे विवाद सभी पक्षों की सहमति से समाप्त हुए तथा संबंधित पक्षों को उनकी भूमि की स्पष्ट सीमा प्राप्त हुई। उन्होने कहा कि जहां सीमांकन के बाद भी विवाद की संभावना हो, वहां तत्काल हदबंदी कराकर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को दोबारा तहसील और न्यायालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। निरीक्षण के दौरान उन्होने अन्य भूमि विवादों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मामलों में एक से अधिक खातेदार हैं, वहां केवल एक पक्ष का निस्तारण कर प्रकरण बंद न किया जाए, सभी खातेदारों की हिस्सेदारी, रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति का परीक्षण करते हुए संपूर्ण विवाद का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि अधूरा समाधान ही भविष्य में नए विवादों को जन्म देता है, यदि भूमि का वास्तविक रकबा अभिलेखों की तुलना में कम उपलब्ध है तो उपलब्ध भूमि का नियमानुसार अनुपातिक निर्धारण कर सीमांकन किया जाए तथा सभी पक्षों को बुलाकर उनकी उपस्थिति में पैमाइश कराई जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि अनेकों बार भूमि विवाद छोटे स्तर से शुरू होकर गंभीर आपराधिक घटनाओं का रूप ले लेते हैं, मारपीट, मुकद्मेबाजी, हिंसा, हत्या जैसी घटनाओं की पृष्ठभूमि में अक्सर भूमि विवाद ही होते हैं इसलिए ऐसे मामलों का समय रहते समाधान करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों में बार-बार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं अथवा कई बार एफ.आई.आर. दर्ज हो चुकी हैं, उन्हें सर्वाेच्च प्राथमिकता पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति शासन द्वारा दिए गए निर्णयों का पालन नहीं करता है और अवैध कब्जा करता है या दबंगई के बल पर गरीब, कमजोर लोगों के अधिकारों का हनन करने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होने कि ’’मिशन समाधान’’ वास्तव में वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक कमियों को दूर करने का अभियान है, कई ऐसे विवाद सामने आ रहे हैं जो 20, 30, 40 और 48 वर्षों से लंबित थे, इन मामलों के समाधान से न केवल संबंधित परिवारों को राहत मिल रही है बल्कि गांवों में सामाजिक सौहार्द और शांति का वातावरण भी स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन गांव-गांव जाकर वास्तविक समस्याओं का समाधान कर रहा है और यही कारण है कि मिशन समाधान के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी कुरावली शिव नरेश, डिप्टी कलेक्टर धु्रव शुक्ला, प्रभारी निरीक्षक कुरावली ललित भाटी, क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक, लेखपाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण आदि उपस्थित रहे।



