30 अक्टूबर 2023 से ब्रह्मांड में इस सृष्टि का संचालन करने वाली ग्रह व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन होगा। इस दिन से राहु-केतु मेष और तुला राशि को छोडकर मीन और कन्या राशि में प्रविष्ट होंगे। यहां इनका निवास 18 माह के लिये 18 मई 2025 तक रहेगा।

राहु-केतु का यह राशि परिवर्तन सभी के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आने वाला है, यह बदलाव आपके लिये शुभ या अशुभ होंगे, यह आपकी जन्मकुंडली पर निर्भर करता है।

जिनको इस समय में राहु-केतु की महादशा है वे इस परिवर्तन से बहुत अधिक प्रभावित होंगे।

12 राशियों के लिये यह गोचर किस प्रकार का रहने वाला है, इसका एक स्थूल फलादेश इस प्रकार है।

मेष राशि : आपके लिये राहु द्वादश भाव खर्च स्थान में और केतु शत्रु और ऋण स्थान में भ्रमण करेंगे। राहु आपके अनावश्यक खर्च में वृद्धि करेगा, चिंता और तनाव को बढ़ायेगा, तो वहीं केतु आपको ऋण और रोग से परेशान और त्रस्त रखेगा।

वृषभ : आपके लिये राहु एकादश और केतु पंचम स्थान से गोचर करेगा।  राहु आपको लाभ के नये अवसर प्रदान करेगा, नौकरी या व्यवसाय में परिवर्तन होगा। स्थान परिवर्तन या आवास परिवर्तन होगा। वहीं केतु आपको संतान और प्रेम पक्ष की चिंता से परेशान रखेगा।

मिथुन : आपके लिये राहु दशम भाव तो केतु चतुर्थ भाव से भ्रमण करेगा। इस समय में आप कर्म और आजीविका को लेकर परेशान रहेंगे, नौकरी और व्यवसाय से मन का उच्चाटन होगा, भूमि भवन वाहन की प्लानिंग आप करेंगे लेकिन सफल नहीं हो पायेंगी।

कर्क राशि : राहु आपके लिये नवम भाव तो केतु तृतीय स्थान से भ्रमण करेगा, इस समय में आपके लिये वैसी परिस्थितियां बनेंगी जैसे सांप सीढी के खेल में 99 पर पहुंचकर किसी को सांप काट लेता है, पिता और छोटे भाई बहनों से संबंधित चिंता बढेगी, या उनसे संबंध खराब हो सकते है। आप पहले से ही शनिदेव की कष्टकारी ढैय्या का फल भोग रहे है।

सिंह राशि : राहु आपके लिये अष्टम भाव से तो केतु धन स्थान से भ्रमण करेगा। आपको इस गोचर में विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है। क्योंकि राहु और केतु दोनों मिलकर आपके लिये अचानक से धन नुकसान की परिस्थितियां बनायेंगे। आप चोरी,दुर्घटना या ठगी के शिकार बन सकते है।

कन्या राशि : राहु आपके लिये विवाह स्थान तो केतु लग्न से गोचर करेगा। अविवाहित जातकों के लिये अचानक से विवाह का संयोंग बन सकता है। आपका झुकाव अनैतिक संबंधों की ओर हो सकता है। वहीं केतु आपको डिसीजन लेने में कंन्फ्यूज रखेगा, कभी कभी घर गृहस्थी से मन का उच्चाटन होगा,स्वास्थ्य से संबंधित यदा-कदा परेशानियां होती रहेंगी।

तुला राशि : राहु आपके लिये रिपु स्थान से गोचर करेगा तो वहीं केतु का निवास आपके खर्च स्थान में रहेगा। मई 2024 के पश्चात आप खर्च की अधिकता और आय की कमी से चिंतित होंगे, जीवन में ऐसी परिस्थितियॉं बनेंगी जिनसे आपको दुर्भाग्य का एहसास होगा।

वृश्चिक राशि : राहु आपके लिये पंचम भाव तो केतु का गोचर एकादश भाव से होगा। इस समय में आपकी संतान और प्रेम पक्ष को लेकर चिंतायें बढेंगी। शेयर मार्केट या किसी भी प्रकार के लॉटरी सिस्टम में निवेश करने वालों को नुकसान होगा।

आप पहले से ही शनिदेव की ढैय्या से त्रस्त है।

धनु राशि : राहु आपके लिये चतुर्थ तो केतु आपके कर्म भाव से गोचर करेगा। राहु आपके भूमि भवन वाहन को लेकर परिवर्तन की स्थितियां बनायेगा। माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता होगी। वहीं केतु आपकी आजीविका में व्यवधान उत्पन्न करेगा।

मकर : राहु आपके लिये तृतीय भाव तो केतु का भ्रमण आपके भाग्य स्थान से होगा। इस काल में आपकी बहुत अधिक यात्रायें होंगी। मित्र, पड़ोसी और बंधुओं से बैर हो सकता है , पिता के स्वास्थ्य को लेकर आप चिंतित रहेंगे।

बहुत प्रयास के बाद भी अनुकूल परिणाम प्राप्त नहीं होंगे।

कुंभ : राहु आपके धन स्थान तो केतु का भ्रमण अष्टम स्थान से होगा। इस काल में आपको धन का नुकसान होने के योग प्रबल है, चाहकर भी धन का संचय नहीं हो पायेगा। अष्टम केतु आपको ऐसे रोग और समस्या में फंसा सकता है जिसका हल आसानी से नहीं होगा।

मीन : राहु आपके लग्न स्थान तो केतु आपके विवाह स्थान से भ्रमण करेगा। इस काल में आपकी भौतिक इच्छायें बढेंगी, आप शीघ्रता से अल्प परिश्रम से धन अर्जित करने को लेकर प्रयासरत होंगे, लेकिन यदि आपकी जन्मकुंडली अनुकूल ना हुयी तो आप बड़ी आर्थिक समस्या में फंस सकते हैं, केतु आपके व्यापार व्यवसाय और दांपत्य जीवन के लिये अनुकूल नहीं है।

नोट : राहु केतु के अलावा अन्य 7 ग्रह और भी है। आपकी जन्मकुंडली में चल रही ग्रहस्थिति के अनुसार आपके जीवन में फल आता है, अत: राशिफल पढकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।आचार्य अंकित (विनायक फीचर्स)