मैनपुरी(सुवि) रू. 1605.08 लाख की लागत से नव-निर्मित 50 शैय्या क्रिटिकल केयर यूनिट एवं ट्रामा सेंटर का लोकार्पण तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत तकनीकि सहयोगी संस्था पी.सी.आई. के वित्तीय सहयोग से जिला महिला चिकित्सालय में विकसित ’’उड़ान मॉडल प्रेरणा कैन्टीन’’ का शुभारंभ करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि चिकित्सक भगवान का दूसरा स्वरूप होता यदि बीमार व्यक्ति का हाथ पकड़कर कहे कि आप जल्द ही ठीक होंगे तो मरीज का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह जल्द ही ठीक होने लगता है। उन्होंने चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं जनपदवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है, जिससे आमजन को अपने ही जनपद में बेहतर उपचार की सुविधा मिल सके। उन्होने कहा कि जनपद तेजी से विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है, शिक्षा, बिजली, सड़क, पेयजल एवं स्वास्थ्य जैसे सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय परिवर्तन दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि कभी जनपद को पिछड़ा जनपद मानकर अधिकारियों में यहां आने को लेकर संकोच रहता था लेकिन आज परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं, जनपद अब विकास की नई पहचान बना रहा है और आने वाले समय में प्रदेश के अग्रणी जनपदों में शामिल होगा।

 

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पर्यटन मंत्री ने कहा कि जनपद की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित एवं विकसित करने के लिए भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं, निर्माणाधीन संग्रहालय एवं ऑडिटोरियम देश के उत्कृष्ट सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल होंगे, यहां स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, महापुरुषों, ऋषि-मुनियों तथा जनपद के गौरवशाली इतिहास को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा, इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा क्यूरेशन एवं आधुनिक प्रस्तुतीकरण हेतु अतिरिक्त रू. 15 करोड़ की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। उन्होने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का प्रत्येक नागरिक अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करने वाला प्रत्येक व्यक्ति राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है यदि सभी लोग अपने-अपने क्षेत्र में पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें तो दुनिया की कोई ताकत भारत को विकसित राष्ट्र बनने से नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा कि सरकारी चिकित्सालयों में आने वाला अधिकांश मरीज गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद होता है, जिसके पास निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने की क्षमता नहीं होती, ऐसे में प्रत्येक चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी का नैतिक दायित्व है कि वह पूरी संवेदनशीलता, समर्पण और मानवीय दृष्टिकोण के साथ मरीजों का उपचार करे। उन्होंने कहा कि सरकार अस्पतालों के लिए आधुनिक भवन, अत्याधुनिक मशीनें, उपकरण, दवाइयां तथा अन्य संसाधन उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है, इन संसाधनों का जनहित में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों की जिम्मेदारी है यदि सभी चिकित्सा कर्मी पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें तो सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी।

श्री सिंह ने कहा कि एक समय प्रदेश में मोबाइल मेडिकल सेवाओं के विस्तार के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया गया था ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके, मैनपुरी सहित विभिन्न जनपदों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई थीं। उन्होंने कहा कि मैनपुरी में भी स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे, जिनका लाभ जनपदवासियों को मिला। उन्होंने कहा कि जब उनके पास स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी थी, तब मैनपुरी में प्रदेश का पहला कैंसर यूनिट स्थापित कराया गया था तथा उसके लिए आधुनिक मशीनें भी उपलब्ध कराई गई थीं, दुर्भाग्यवश सरकार बदलने के बाद आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो सकी और उपलब्ध कराए गए कई उपकरण भी हटा दिए गए, जिसके कारण कैंसर यूनिट का संचालन प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि आज भी जनपद के कैंसर रोगियों को उपचार के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है, जो चिंता का विषय है। उन्होने मुख्य चिकित्साधीक्षक से कैंसर यूनिट को पुनः प्रारंभ कराने तथा आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव की एक प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराई जाए ताकि शासन स्तर पर उसका प्रभावी अनुश्रवण कर शीघ्र स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में हृदय रोग विशेषज्ञ की भी अत्यंत आवश्यकता है, वर्तमान में न तो सरकारी अस्पताल में और न ही निजी क्षेत्र में पर्याप्त हृदय रोग विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, इस दिशा में भी शासन स्तर पर प्रयास किए जाएंगे ताकि मैनपुरी के लोगों को बेहतर हृदय रोग उपचार की सुविधा मिल सके।

जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने कहा कि जनपद में ट्रामा सेंटर, क्रिटिकल यूनिट की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी और इस संबंध में समय-समय पर प्रदेश सरकार के समक्ष मांग भी रखी जाती रही। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री इस आवश्यकता को गंभीरता से लिया और उनके विशेष प्रयासों से आज यह महत्वपूर्ण परियोजना धरातल पर साकार हो सकी है। उन्होने कहा कि इस क्रिटिकल केयर यूनिट के लोकार्पण के साथ ही जनपदवासियों की एक बड़ी आवश्यकता पूरी हुई है, अब गंभीर एवं आपातकालीन स्थिति वाले मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी, जिससे उन्हें उपचार के लिए अन्य जनपदों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।

जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि यह यूनिट जनपदवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है, इसके संचालन से गंभीर एवं दुर्घटना में घायल मरीजों को समय पर उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा। उन्होने कहा कि जब जनपद में कार्यभार ग्रहण किया था, उस समय जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को लेकर प्रतिदिन शिकायतें मिल रही थीं, अस्पताल में मरीजों को मूल-भूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता महसूस हुई, तत्कालीन मुख्य चिकित्साधीक्षक एवं रोगी कल्याण समिति के सहयोग से उपलब्ध धनराशि से अस्पताल में बेडशीट, कूलर सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था कराई लेकिन वह पर्याप्त नहीं थी, जिला चिकित्सालय के आधुनिकीकरण तथा क्रिटिकल केयर यूनिट को शीघ्र संचालित कराने के लिए लगातार प्रयास किए गए, यह क्रिटिकल केयर यूनिट पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, यहां अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक चिकित्सा उपकरण तथा गंभीर मरीजों के उपचार की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है ताकि मरीजों को बेहतर वातावरण एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल सके। उन्होने कहा कि अब तक गंभीर मरीजों को उपचार के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता था, कई बार दुर्घटना अथवा अन्य गंभीर परिस्थितियों में उपचार का स्वर्णिम समय निकल जाने के कारण मरीजों की जान बचाना कठिन हो जाता था। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में क्रिटिकल केयर के दौरान प्रत्येक सेकंड अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, अब इस यूनिट के प्रारंभ होने से जनपद में ही गंभीर मरीजों का तत्काल उपचार संभव होगा, जिससे मृत्यु दर में कमी आएगी और लोगों को समय पर जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

इस दौरान पैक्सफेड के अध्यक्ष प्रेमसिंह शाक्य, अनुजेश प्रताप सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष शिवदत्त भदौरिया, उदय चौहान, पंकज भदौरिया, अमित गुप्ता, सुमित चौहान, विकास चौहान, अर्जुन चौहान सहित अन्य जन-प्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी के अलावा पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. राज सिंह, उपायुक्त एनआरएलएम शौकत अली सहित चिकित्सा विभाग के अन्य अधिकारी, चिकित्सा, पैरामेडिकल स्टॉफ आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन नीरज बैजल ने किया।

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