मैनपुरी(सुवि)आयुक्त आगरा मंडल आगरा, जनपद के नोडल अधिकारी नगेंद्र प्रताप सिंह ने दि. 12 जुलाई को प्रस्तावित वृहद वृक्षारोपण अभियान की विभागवार तैयारियों, माइक्रो प्लान, पौधों के उठान, गड्ढों की खुदाई, चिन्हित स्थलों, पौधों की उपलब्धता तथा अभियान की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा किवृक्षारोपण केवल सरकारी लक्ष्य पूरा करने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का महाभियान है। उन्होंने कहा कि पौधा रोपित करना महत्वपूर्ण है लेकिन उसे जीवित रखना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है यदि रोपित पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और नियमित देखभाल नहीं हुई तो लाखों पौधे लगाने का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा, सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि जिस स्थान पर पौधे लगाए जाएं, वहां पहले से ही पानी, सुरक्षा, फेंसिंग तथा निगरानी की व्यवस्था उपलब्ध हो। उन्होने समीक्षा के दौरान मियावाकी पद्धति से सघन वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि जहां भूमि कम उपलब्ध है, विशेषकर नगर क्षेत्रों में, वहां इस तकनीक से कम स्थान में घना वन विकसित किया जा सकता है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में नगर वन विकसित करने के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित कर विस्तृत परियोजना तैयार कर शासन को भेजी जाए।

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मंडलायुक्त ने कहा कि बरसात के समय पौधे लगाना आसान होता है, लेकिन वास्तविक परीक्षा गर्मी के मौसम में होती है, इसलिए पौधरोपण के दिन से ही यह तय होना चाहिए कि पौधों को पानी कौन देगा, उनकी सुरक्षा कौन करेगा और यदि किसी कारणवश पौधा सूख जाए तो उसके स्थान पर नया पौधा कब लगाया जाएगा, सभी विभाग इस कार्ययोजना को पहले से तैयार रखें। उन्होने कहा कि जनपद का हरित आवरण बढ़ाने के लिए सभी विभागों को मिशन मोड में कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वृक्षारोपण को केवल सरकारी दायित्व न मानें बल्कि इसे सामाजिक एवं नैतिक उत्तरदायित्व समझकर पूरी संवेदनशीलता से कार्य करें, जिस प्रकार धार्मिक कार्यों में श्रद्धा रखते हैं, उसी प्रकार एक पौधे को जीवित रखना भी समाज और प्रकृति के प्रति बड़ा पुण्य का कार्य है। उन्होंने विद्यालयों, अमृत सरोवरों, पंचायत भवनों, गौशालाओं तथा सार्वजनिक संस्थानों में लगाए जाने वाले पौधों की जिम्मेदारी स्थानीय लोगों एवं विद्यार्थियों को देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जब किसी पौधे से व्यक्ति का भावनात्मक जुड़ाव होगा तो उसकी सुरक्षा स्वतः सुनिश्चित होगी, विद्यालयों में बच्चों को पौधों का संरक्षक बनाया जाए, जिससे उनमें पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित हो।

जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मंडलायुक्त को आश्वस्त किया कि दिये गये निर्देशों के क्रम में जनपद की प्रत्येक नगर पंचायत क्षेत्र में 01-01 मियावाकी पौधा रोपण हेतु क्षेत्र चिन्हित कर मियावाकी वन विकसित किया जायेगा, वृहद वृक्षारोपण अभियान के अन्तर्गत रोपित पौधों की जीवितता सुनिश्चित की जायेगी, बड़े पौधा रोपण वाले प्रत्येक स्थल की डिजिटल डायरी तैयार की जाएगी, इसमें स्थलवार जियो टैगिंग, पौधों की संख्या, प्रजाति, फोटो, सिंचाई, सुरक्षा तथा पौधों की वृद्धि का नियमित विवरण अंकित किया जाएगा, प्रत्येक माह जिला पर्यावरण समिति की बैठक में इन डिजिटल डायरियों की समीक्षा होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्थल पर अपलोड की गई सूचना और वास्तविक स्थिति में अंतर पाया गया तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होने कहा कि वृक्षारोपण अभियान को जन-भागीदारी का अभियान बनाया जाएगा, पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल सुनिश्चित करना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी, प्रत्येक विभाग अपने-अपने स्थलों की नियमित निगरानी करेगा तथा प्रत्येक माह डिजिटल डायरी प्रस्तुत करेगा। उन्होंने कहा कि जहां बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जा रहा है वहां फेंसिंग, चौकीदार तथा जलस्रोत की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक के उपरांत मंडलायुक्त ने वन विभाग कार्यालय में उपलब्ध नर्सरी में पौधों की उपलब्धता, पौधा उठान का स्थलीय निरीक्षण कर जानकारी प्राप्त करने पर पाया कि जनपद की 25 नर्सरी में लगभग 61 लाख पौधे उपलब्ध थे, जिनमें से अधिकांश साइटों हेतु पौधों का उठान कराया जा चुका है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा, अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अभिषेक तिवारी, उप जिलाधिकारी सदर, करहल, भोगांव, किशनी कुरावली, अभिषेक कुमार, सुनिष्ठा सिंह, नीरज कुमार द्विवेदी, गोपाल शर्मा, शिव नरेश, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, परियोजना निदेशक डी आर डी ए शोभनाथ चौरसिया, उपायुक्त उद्योग डॉ बनवारी लाल, जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश बघेल, जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरुण शुक्ला, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण ए.के. अरुण, उप क्षेत्रीय वनाधिकारी राजीव दीक्षित, समस्त खंड विकास अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय आदि उपस्थित रहे

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