मैनपुरी(सुवि)पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने श्रीदेवी मेला एवं ग्राम सुधार प्रदर्शनी परिसर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी के बंधन में बंधे 203 नव-दंपतियों को सफल, सुखमय जीवन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भव्य-दिव्य अलौकिक कार्यक्रम में जिन गरीब बेटियों की शादी संपन्न हुई है, सभी के लिए यह गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का भी प्रतीक है, समारोह में विभिन्न समुदायों के जोड़ों का अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह एवं निकाह संपन्न होना भारत की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक सौहार्द का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होने कहा कि प्रदेश के मुखिया ने बिना किसी भेद-भाव के हर वर्ग की गरीब बेटियों के वैवाहिक संस्कार पूर्ण कराने का जिम्मा लिया, योजना के प्रारंभ होने से पूर्व गरीब परिवार की बेटी के पिता को दहेज के साथ-साथ शादी की तैयारियां करने में काफी कठिनाई होती थी लेकिन अब बेटी का पिता इस बोझ से मुक्त हो चुका है, अब सभी तैयारियां सरकारी खर्चे पर जिला प्रशासन द्वारा की जा रही हैं। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने गरीब, निर्धन, मजदूर परिवार की बेटियों को नायाब तोहफा दिया है, गरीब परिवार बेटी की शादी करने के लिए काफी परेशान रहते थे, प्रदेश सरकार के मुखिया ने गरीब के कंधों से बेटी की शादी का बोझ हटाया और स्वंय इस योजना के तहत गरीब कन्या की शादी का खर्चा वहन किया, प्रदेश में अनूठी योजना के अन्तर्गत गरीब परिवारों की कन्याओं का एक ही मंडप के नीचे वैदिक रीति-रिवाज से हिंदू बेटियों की शादियां हो रही है वहीं दूसरी ओर मुस्लिम बेटियों की शादी के निकाह की रस्म भी अदा की जा रही है, यह सामाजिक समरसता का अनूठा संगम है।

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पर्यटन मंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुखिया की सोच ’’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’’ के मंत्र के अनुरूप समाज का कोई भी व्यक्ति अभावग्रस्त न रहे, इसी संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना लागू की, यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है और बेटियों के सम्मान तथा उनके उज्ज्वल भविष्य को नई मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होने कहा कि उ.प्र. सरकार ने इस योजना को लगातार और अधिक प्रभावी बनाया है, वर्तमान में प्रत्येक विवाह पर सरकारी खजाने से रू. 01 लाख की सहायता प्रदान की जा रही है, यह केवल आर्थिक सहयोग नहीं बल्कि बेटियों को आत्मविश्वास और सम्मान के साथ नए जीवन की शुरुआत कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, शेष रू. 15 हजार आयोजन पर व्यय किया जा रहा है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने जिलाधिकारी द्वारा की गई अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक नव-विवाहित जोड़े के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को संरक्षण, सहयोग की जिम्मेदारी सौंपना अत्यंत सराहनीय कदम है, इससे जरूरत पड़ने पर नव-दंपतियों को प्रशासन का सहयोग सहजता से उपलब्ध होगा और उनके जीवन की कठिनाइयों के समाधान में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि हम सभी का दायित्व है कि नवविवाहित जोड़ों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें, उन्हें सम्मानजनक वातावरण दें तथा उनके सुखद एवं सफल दांपत्य जीवन के लिए सदैव सहयोगी बनें।

पूर्व मंत्री, विधायक भोगांव रामनरेश अग्निहोत्री ने नव-दंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि एक ही मंच के नीचे हिंदू-मुस्लिम रीति-रिवाज से संपन्न हो रहे वैवाहिक समारोह देश की राष्ट्रीय एकता, अखंडता का संगम है। उन्होने कहा कि केंद्र-प्रदेश की डबल इंजन सरकार जन्म से पहले ही मातृ एवं शिशु कल्याण की जिम्मेदारी निभाना शुरू कर देती है, गर्भवती महिलाओं को पोषण सहायता, सुरक्षित प्रसव, बच्चों का निःशुल्क टीकाकरण, बेटियों के हित में संचालित विभिन्न योजनाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा विवाह तक हर चरण पर सरकार गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है, पहले इस योजना के अंतर्गत 51 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती थी, जिसे बढ़ाकर अब रू. 01 लाख कर दिया गया है, इससे गरीब परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक एवं धूमधाम से विवाह संपन्न कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य का सशक्त अभियान है, सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक अभाव किसी भी बेटी के विवाह में बाधा न बने और प्रत्येक बेटी सम्मानपूर्वक अपने नए जीवन की शुरुआत कर सके।

जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि दो परिवारों, संस्कृतियों और रिश्तों का पवित्र मिलन होता है। नवदंपतियों को चाहिए कि वह दोनों परिवारों का समान सम्मान करें, एक-दूसरे के रिश्तों को अपनाएं तथा सहयोग, प्रेम, विश्वास और सम्मान की भावना के साथ अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत करें, विवाह संस्कार के दौरान आचार्यों द्वारा दिलाए गए वचनों का पालन जीवन भर करना ही सफल दांपत्य जीवन का आधार है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है, इस योजना के माध्यम से गरीब परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कराया जा रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ कम हुआ है। उन्होंने इसके लिए प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि आज भव्य समारोह में एक ही मंडप के नीचे 203 जोड़ों की शादी सम्पन्न हुयी, 14 मुस्लिम जोड़े भी शामिल है, इस योजना में गरीब परिवारों की बेटियों की शादी पर रू. 01 लाख सरकार द्वारा व्यय किया जा रहा है, जिसमें से रू. 64-64 हजार वधू के खाते में भेजा जा रहा है, रू. 21 हजार का सामान उपहार स्वरूप बेटियों को उपलब्ध कराया जा रहा है, रू. 15 हजार बारातियों-घरातियों के खानपान, अन्य व्यवस्थाओं पर व्यय किया जा रहा है। उन्होने सभी अतिथिगणांे, जन-प्रतिनिधियों, वर-वधु एवं उनके परिजनों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर पैक्सफेड के अध्यक्ष प्रेमसिंह शाक्य, नगर पालिका अध्यक्ष संगीता गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष अरविन्द तोमर, शिवदत्त भदौरिया, अनुजेश प्रताप सिंह यादव, ब्लॉक प्रमुख कश्मीर सिंह राजपूत, बृजेंद्र सिंह चौहान, उदय चौहान, पंकज भदौरिया एड., सुमित चौहान, शंभू तिवारी, विशंभर तिवारी, विकास चौहान, डॉ. विमल पांडेय के अलावा पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार, उप जिलाधिकारी सदर अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर संध्या शर्मा, प्रसून कश्यप, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. शोभनाथ चौरसिया, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रंजना शुक्ला, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी राजेश बघेल सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी, जन प्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन रविंद्र गौर ने किया।

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