मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने दि. 11 जुलाई को श्रीदेवी मेला एवं ग्राम सुधार प्रदर्शनी में आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम एवं दि. 12 जुलाई को आयोजित होने वाले वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से कहा कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पंजीकरण से लेकर सामग्री वितरण, खान-पान व्यवस्था चाक-चौबंद रहे, सभी स्तर पर अधिकारियों, कर्मचारियों की लिखित में ड्यूटी लगाई जाए, वैवाहिक कार्यक्रम में आने वाली किसी भी वर-वधू पक्ष को कोई असुविधा न हो, कार्यक्रम स्थल पर कम से कम 50 वेदियां बनायी जाएं, प्रत्येक वेदी पर 04-04 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जाए, प्रत्येक वेदी पर वैदिक रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराने के लिए 01-01 ब्राह्मण की व्यवस्था की जाए, मुस्लिम समुदाय के जोड़ों के निकाह के लिए कम से कम 02 मौलवियों की व्यवस्था रहे, जिससे सभी विवाह संबंधित धार्मिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हो सकें।वर्षा के दृष्टिगत वॉटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था रहे, जल निकासी के भी बेहतर प्रबंध किए जाएं, मुख्य अतिथियों एवं वैवाहिक बंधन में बंध रहे जोड़ों, उनके परिजनों के लिए अलग-अलग पंडाल में खाने की व्यवस्था रहे, खाने की गुणवत्ता की जांच खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपने स्तर से करना सुनिश्चित करें, जिला पूर्ति अधिकारी भी खान-पान व्यवस्था में योगदान दें।

जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर निकाय को निर्देशित किया कि कार्यक्रम स्थल एवं उसके आस-पास विशेष सफाई अभियान चलाकर पूरे परिसर की सफाई कराना सुनिश्चित करें, पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाए तथा कार्यक्रम के दौरान भी लगातार सफाई व्यवस्था जारी रहे, परिसर में पर्याप्त डस्टबिन रखे जाएं और कूड़ा-करकट का समय पर निस्तारण कराया जाए, कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी के टैंकर लगाए जाएं इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में मोबाइल टॉयलेट स्थापित किए जाएं तथा उनकी नियमित साफ-सफाई भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुदृढ़ रखने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती रहे, पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाए तथा वाहनों के आवागमन के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए जाएं, कार्यक्रम स्थल पर मेडिकल टीम, आवश्यक दवाइयां एवं एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि यह शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी, सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को गरिमामय एवं सफल बनाएं।
श्री त्रिपाठी ने वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत लगभग 11 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित 21 हजार पौधों के रोपण स्थल का स्थलीय निरीक्षण करते हुए वन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि 11 जुलाई तक कार्यक्रम स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं हर हाल में पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप यह अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित न रहकर जन-भागीदारी एवं पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बनना चाहिए। उन्होने कहा कि पौधरोपण के लिए गड्ढों की खुदाई, पौधों की उपलब्धता, सिंचाई, पेयजल, टेंट तथा अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं। उन्होने कहा कि कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों के लगभग 05 हजार छात्र-छात्राएं, जन-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी, नव-नियुक्त आरक्षी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा जन-प्रतिनिधि ’’एक पेड़ मॉ के नाम’’ के तहत पौधरोपण करेंगे, बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की उपस्थिति को देखते हुए उनके बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, बरसात की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर वॉटरप्रूफ टेंट लगाया जाए, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, शौचालय, पार्किंग एवं आवागमन की भी समुचित व्यवस्था रहे ताकि प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होने कहा कि अभियान के अंतर्गत निर्धारित क्षेत्र में व्यापक स्तर पर फलदार, छायादार पौधों का रोपण कर उसे जनपद के आदर्श वृक्षारोपण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, यह स्थल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जन-जागरूकता का भी केंद्र बनेगा।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. शोभनाथ चौरसिया, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डा. श्वेता सैनी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. ए.के. पाठक, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार मिश्र, जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा, उप क्षेत्रीय वनाधिकारी राजीव दीक्षित, पर्यटन फैलो जुबेर अहमद, खंड विकास अधिकारी सदर, सहायक अभियंता लघु सिंचाई सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



