मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा के दौरान संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि संचारी रोग अभियान के प्रथम सप्ताह में सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों ने बेहतर कार्य किया है, सभी पैरामीटर्स में जनपद प्रदेश में इस सप्ताह शीर्ष पर कायम है, सभी अधिकारी अवशेष दिनों में भी इसी प्रकार कार्य करें, अभियान के दौरान विशेष तौर पर जल-भराव वाले स्थानों पर ध्यान देें, जल-निकासी के बेहतर प्रबंध किए जाएं, झाड़ियों के कटान के साथ नियमित रूप से शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक एंटी-लारवा का छिड़काव, फॉगिंग कराया जाए, ग्राम पंचायत वार्ड में जागरूकता अभियान संचालित किए जाएं, जनपद के प्रत्येक विद्यालय में नियमित रूप से छात्रों को वेक्टर जनित बीमारियों से बचाव हेतु बरती जाने वाली सावधानियांे के प्रति जागरूक किया जाए, जन-सामान्य को जलपात्रों की साप्ताहिक सफाई करने के लिए प्रेरित किया जाये, दि. 11 जुलाई से प्रारंभ हो रहे दस्तक अभियान के दौरान आशा, ए.एन.एम घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी करें, जो लोग बुखार, खांसी सहित अन्य बीमारियों से ग्रसित है, उनकी सूची तैयार कर संबंधित प्र. चिकित्साधिकारी को उपलब्ध करायें, प्र. चिकित्साधिकारी बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करें, जिन ग्रामों में ज्यादा मरीज हों, वहां स्वास्थ्य कैंप आयोजित कर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं, अनटाइड फंड से एंटी-लारवा छिड़काव हेतु मशीन क्रय की जाए, प्रत्येक ग्राम पंचायत में फागिंग मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

श्री त्रिपाठी ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद में झोला-छाप चिकित्सकों के इलाज से मरीजों की मृत्यु होने की घटनाएं प्रकाश में आ रही हैं साथ ही अनाधिकृत रूप से अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालन की भी शिकायतें मिल रही हैं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ऐसी घटनाओं की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही करें। उन्होने प्र. चिकित्साधिकारियों से कहा कि अपने-अपने स्वास्थ्य क्षेत्र के अंतर्गत लोगों को सेवाओं के साथ स्वास्थ्य विभाग की संचालित योजनाओं का लाभ नेतृत्व देकर प्रदान करें। उन्होनंे संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान पाया की वार्षिक लक्ष्य 51024 के सापेक्ष अब तक 11183 संस्थागत प्रसव हो चुके हैं। उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारियों से कहा कि अपने-अपने क्षेत्र की प्रसूताओं की आशावार ड्यू लिस्ट तैयार करायंे, गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को संस्थागत प्रसव करने के लिए प्रेरित करें साथ ही गर्भावस्था के दौरान उन्हें भरपूर पोषक आहार लेने, उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच कर ऑयरन, कैल्शियम की टेबलेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत माइक्रो-प्लान तैयार कर जनपद के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रो, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों के शत-प्रतिशत छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए, स्वास्थ्य परीक्षण में जिन बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी कमियां मिलें उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ स्वास्थ्य विभाग की संचालित योजना से लाभान्वित किया जाए, नियमित टीकाकरण के तहत कोई भी लक्षित बच्चा पूर्ण रूप से प्रतिरक्षित होने से शेष न रहे। उन्होंने कहा कि मैटरनल डेथ का शत-प्रतिशत ऑडिट कर मौत के कारणों की जानकारी की जाए। उन्होने जिला क्षय रोग अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में चिन्हित क्षय रोगियांे की बेहतर देखभाल की जाए, उन्हें योजना में मिलने वाली धनराशि समय से उपलब्ध करायी जाए, प्रतिमाह पोषण पोटली भी उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने जननी सुरक्षा कार्यक्रम, राष्ट्रीय अधंता निवारण कार्यक्रम, जननी शिशु सुरक्षा योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम आदि की बिंदुवार गहन समीक्षा की।
मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कहा कि आशा, संगिनी के मानदेय के भुगतान में किसी भी स्तर पर विलंब न हो, जनपद में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर की नियमित जांच हो, अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों से नियमों, मानकों का पालन कराया जाए, एंबुलेंस-102, 108 निर्धारित रिस्पांस टाइम में मरीज तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जनपद के चिन्हित सैम बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराकर उनकी सेहत में सुधार लाया जाए।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. राज सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. अभिनव दुबे, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आशुतोष, जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश बघेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी हिलाल अहमद, महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल यादव, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी रविंद्र गौर, डी.पी.एम. संजीव वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य चिकित्सक, प्रभारी चिकित्साधिकारी अन्य संम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



