मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने संम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर तहसील सदर में जन-शिकायतें सुनने से पूर्व वृक्ष भंडारा के तहत अपने कर-कमलों से तहसील परिसर में पौधा रोपित कर पर्यावरण का संदेश दिया, वहीं संम्पूर्ण समाधान दिवस में आने वाले शिकायतकर्ताओं की शिकायतों को सुनने के उपरांत उन्हें वृक्ष भंडारा के तहत एक-एक फलदार पौधा उपलब्ध कराते हुए उसे उचित स्थान पर रोपित कर उसकी देख-भाल कर वृक्ष के रूप में विकसित करने की अपील करते हुए कहा कि यही पौधे आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ वातावरण के साथ भरपूर ऑक्सीजन प्रदान करेंगे, बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध होंगे।

जन-सुनवाई के दौरान जब जिलाधिकारी के सम्मुख पीरपुर नि. गीता देवी ने फौती दर्ज के दौरान गाटा संख्या-485, लोधीपुर नि. आनंद यादव ने गाटा संख्या-202 की फौती के उपरांत ई-परवाना जारी करते समय वारिसान के रूप में नाम दर्ज न करने की शिकायत अपने शिकायती प्रार्थना पत्र के माध्यम से की, जिस पर उन्होंने मौके पर ही तहसीलदार को निर्देशित करते हुए कहा कि तत्काल अभिलेखों की जांच कर वारिसान के रूप में नाम दर्ज कर शिकायतकर्ता को फौती खतौनी की नकल उपलब्ध करायें, तहसीलदार ने तत्काल औपचारिकता पूर्ण कराकर विरासत के दौरान छूटे नाम को दर्ज कराकर शिकायतकर्ताओं को खतौनी की प्रति उपलब्ध कराकर तत्काल राहत प्रदान की। लहरा महुअन नि. शिवराम सिंह ने अपने शिकायती प्रार्थना पत्र के माध्यम से बताया कि खतौनी में उसका, उसके पिताजी का नाम गलत अंकित है, मेरा नाम शिवराम के स्थान पर श्योराम सिंह व पिताजी का नाम पोखपाल के स्थान पर पुक्खी दर्ज है, नाम संशोधन करने हेतु कई बार प्रार्थना पत्र दिए लेकिन अभी तक तहसील से नाम संशोधन नहीं हो सका, जिस पर उन्होंने मौके पर ही पिता, पुत्र के आधार पर नाम संबंधी अन्य साक्ष्य प्राप्त कर मौके पर ही पिता-पुत्र का नाम खतौनी में दुरुस्त कराकर विगत लगभग 01 वर्ष से नाम संशोधन के लिए भटक रहे शिकायतकर्ता को मात्र 30 मिनट में राहत प्रदान की। आगरा रोड नि. संजीव कुमार ने अपने प्रार्थना पत्र के माध्यम से बताया कि वह जिस कॉलोनी में रहता हैं, उसका नाम ब्रज कॉलोनी है जबकि राजस्व अभिलेखों में त्रुटिवश ब्रज कॉलोनी के स्थान पर ब्रज कॉलोन अंकित हो गया है, जिस पर उन्होंने तत्काल मौके पर राजस्व अभिलेखों में नाम दुरुस्त कर फरियादी की समस्या का निदान कराया। रठेरा नि. ज्ञानसिंह ने बताया कि उसका नाम फर्द खतौनी में रामसिंह दर्ज कर दिया है, जिसे उन्होने मौके पर ही दुरूस्त कराकर फर्द खतौनी की नकल शिकायतकर्ता को उपलब्ध करायी।
श्री त्रिपाठी ने सार्वजनिक मार्ग चकरोड पर कब्जों की शिकायतों पर कहा कि जनपद में सार्वजनिक भूमि पर अनाधिकृत कब्जों की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं यद्यपि ’’मिशन समाधान’’ में सैकड़ों बीघा सार्वजनिक भूमि कब्जा मुक्त कराई जा चुकी है, भूमि से संबंधित तमाम प्रकरण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराये जा चुके हैं लेकिन फिर भी अभी चकमार्गों पर अनाधिकृत कब्जे पूरी तरह से नहीं हट सके हैं। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों से कहा कि कहीं भी आवागमन का मार्ग बाधित न रहे, चक-मार्ग, चक-रोड पर जहां भी अनाधिकृत कब्जे हों, उन्हें अभियान चलाकर हटाया जाए ताकि किसी भी व्यक्ति को आवागमन में असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होने पैमाइश के उपरांत अनाधिकृत कब्जे हटाने के बाद पुनः कब्जा करने से संबंधित शिकायतों पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि पक्की पैमाइश के उपरांत किसी के द्वारा मुड्ढी उखड़ी जाए या एक बार कब्जा हटाने के बाद पुनः कब्जा किया जाए तो ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध भू-माफिया की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराकर प्रभावी कार्यवाही की जाए साथ ही ऐसे लोगों को भारी मुचलके में पाबंद किया जाए। उन्होंने बैनामाशुदा भूमि पर कब्जा न मिलने की शिकायतों पर शिकायतकर्ताओं से कहा कि बैनामें के उपरांत मौके पर दखल प्राप्त करें, विवादित भूमि क्रय करने से बचें, भूमि क्रय करने से पहले भूमि पर विक्रेता काबिज है या नहीं की जानकारी करने के उपरांत ही बैनामा करायें।
संम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को सुन अधीनस्थों को तत्काल प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा, उप जिलाधिकारी सदर अभिषेक कुमार, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. शोभनाथ चौरसिया, उपायुक्त उद्योग डॉ. बनवारी लाल, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी राजेश बघेल, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम, सहायक निबंधक स्टांप पवित्र कुमार, तहसीलदार सदर शौर्य वर्धन राठौर सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



