मैनपुरी(सुवि)प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा यूनिफॉर्म, जूता, मोजा, स्वेटर, बैग, स्टेशनरी हेतु डी.बी.टी. के माध्यम से धनराशि के प्रेषण एवं मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ के सजीव प्रसारण के उपरांत राज मैरिज होम में आयोजित कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि शिक्षकों के हितों के संरक्षण, उनके स्वास्थ्य तथा उनके परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया है, यह केवल एक स्वास्थ्य योजना नहीं बल्कि समाज के राष्ट्र निर्माताओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता, सम्मान और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा उनके पात्र आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी इसके साथ ही किसी भी आकस्मिक अथवा अनहोनी की स्थिति में रू. 01 करोड़ तक की बीमा सुरक्षा का लाभ भी मिलेगा, इस महत्वाकांक्षी योजना के संचालन के लिए प्रदेश सरकार प्रतिवर्ष लगभग रू. 445 करोड़ व्यय करेगी। उन्होने कहा कि विद्यालयों में अध्ययनरत् बच्चों को यूनिफॉर्म, पुस्तकें, जूते-मोजे तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिवर्ष लगभग रू 1320 करोड़ व्यय किए जा रहे हैं इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य, शिक्षा, आधार-भूत संरचना और अन्य लोक-कल्याणकारी योजनाओं के लिए भी पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, यह सब तभी संभव है जब सरकार आर्थिक रूप से मजबूत हो और उसके पास विकास के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हों।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उ.प्र. की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण थी, सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए भी कई-कई दिनों तक ट्रेजरी में धन उपलब्ध नहीं होता था और वेतन वितरण में विलंब होता था लेकिन पिछले लगभग 09 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने वित्तीय अनुशासन, बेहतर प्रबंधन और विकासोन्मुख नीतियों के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है, आज प्रदेश देश के चुनिंदा सरप्लस रेवेन्यू राज्यों में शामिल हो चुका है, यह प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है कि अब सरकार के पास विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यही आर्थिक मजबूती आज शिक्षकों, कर्मचारियों, किसानों, युवाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के रूप में दिखाई दे रही है, सड़कें, संपर्क मार्ग, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, निवेश और जन-सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार नए कार्य किए जा रहे हैं, कर्मचारियों की सुविधाओं में वृद्धि, कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार तथा आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होने भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वाेच्च स्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की पहचान सदियों से गुरु-शिष्य परंपरा के कारण रही है, भारतीय सनातन संस्कृति में गुरु केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं बल्कि जीवन का मार्ग-दर्शक होता है, हमारी सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्य और सभ्यता को नई पीढ़ियों तक पहुंचाने का कार्य सदैव गुरु परंपरा ने किया है। उन्होने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित न रहकर गुरु की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति की शिक्षा देंगे तो वही विद्यार्थी भविष्य में विकसित भारत का निर्माता बनेगें।
पूर्व मंत्री, विधायक भोगांव रामनरेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार प्रत्येक वर्ग के लोगों को जन-कल्याण योजना से लाभान्वित कर रही है, अभी कुछ समय पूर्व ही शिक्षामित्रों, अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी की, आज शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोईयों के पूरे परिवार को रू. 05 लाख तक का मुफ्त इलाज की घोषणा की, आज से शिक्षकों के सर से बीमारियों पर व्यय होने वाली धनराशि का बोझ कम हुआ। उन्होंने कहा वर्ष 2017 से पहले इस प्रदेश को बीमारू प्रदेश कहा जाता था, भारत के इंडेक्स में उ.प्र. 14वें स्थान पर था लेकिन आज तीसरे स्थान पर है, दूसरे स्थान पर पहुंचने के लिए तेजी से कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि देश-प्रदेश के विकास के साथ समाज को नई दिशा देने की जिम्मेदारी आपके कंधों पर है, आप छात्रों को बेहतर शिक्षा के साथ संस्कारवान बनाने की दिशा में कार्य करें, सभी लोग अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा के साथ करें तभी देश के यशस्वी प्रधानमंत्री का सपना पूरा होगा और भारत वर्ष 2047 तक विकसित देश बनेगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के शिक्षा परिवार के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि लंबे समय से शिक्षकों को जिस मांग का इंतजार था, उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरा करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर शिक्षक संगठनों ने अपनी समस्याओं और मांगों को सरकार के समक्ष रखा था, मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भावनाओं और आवश्यकताओं को समझते हुए रसोइयों, अनुदेशकों, शिक्षामित्रों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा सभी शिक्षक वर्ग के हित में कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू कर उन्हें बड़ी सौगात दी है। जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से जनवरी में चर्चा कर शिक्षकों, शिक्षामित्रों अनुदेशकों और रसोइयों के साथ उनके परिजनों को कैशलेस चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार-विमर्श किया और आज इस योजना को मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के लिए लागू कर स्वास्थ्य के प्रति सौगात प्रदान की। उन्होने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला हैं, भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वाेच्च स्थान दिया गया है, उन्होंने संत कबीर का प्रसिद्ध दोहा, ’’गुरु गोविंद दोउ खड़े, काके लागौ पाय, बलिहारी गुरु आपनो, गोविंद दियो बताय’’ उद्धृत करते हुए कहा कि भगवान तक पहुंचने का मार्ग भी गुरु ही दिखाते हैं, जीवन में सबसे पहला गुरु माता और उसके बाद शिक्षक, व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने सभी आगतुंकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य की चिंता की। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों का आव्हान करते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन करें, छात्रों को सही मार्ग प्रशस्त करने, उन्हें संस्कारवान बनाने की जिम्मेदारी आपके कंधों पर है। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग पूरे समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए जनपद की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेगा, विशेष रूप से समाज के वंचित, शोषित, गरीब एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों के भविष्य को संवारना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रशासन तथा शिक्षा विभाग मिलकर कार्य करेंगे।
प्राथमिक विद्यालय लहरा महुअन की छात्राओं ने सरस्वती वंदना, कंपोजिट विद्यालय चौथियाना की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष शिवदत्त भदौरिया, अरविंद तोमर, लोकदल के जिलाध्यक्ष राघवेन्द्र दुबे, उदय सिंह चौहान, अमित गुप्ता, नन्दीश वशिष्ठ, पंकज भदौरिया, सीमा चौहान, सुमित चौहान, जीतू सिसौदिंया, अनुराग मिश्रा, प्रियंका चौहान विशंभर तिवारी, जूनियर शिक्षक संघ गोविन्द पाण्डेय, सुजीत चौहान के अलावा पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, क्षेत्रीय प्रबन्धक एसबीआई पंकज तिवारी, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी सूर्य प्रताप सिंह, खंड शिक्षाधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन सतीश मधुप ने किया।



