मैनपुरी(सुवि)जनपद में राजस्व एवं भूमि संबंधी प्रकरणों के समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से संचालित मिशन समाधान अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने तहसील करहल के ग्राम नीवा, मानिकपुर परशुरामपुर, नगला जाट तथा तहसील किशनी के ग्राम कुम्हौल का स्थलीय निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान उन्होंने भूमि विवादों, सरकारी एवं ग्राम समाज की भूमि, तालाब संरक्षण, सिंचाई व्यवस्था, पुराने पट्टों पर कब्जा दिलाने की कार्यवाही तथा विभिन्न राजस्व प्रकरणों के निस्तारण की मौके पर समीक्षा करते हुए सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतों का समाधान केवल अभिलेखों तक सीमित न रहे बल्कि स्थल पर सत्यापन कर निष्पक्ष, प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि, तालाब, चकरोड, नाली एवं अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अतिक्रमण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा, सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी, ग्राम जगन्नाथपुर मौजा नगला नीवा में शिकायतकर्ताओं की शिकायत पर जिलाधिकारी ने स्वयं मौके पर पैमाइश कराई, निरीक्षण के दौरान शिकायतकर्ताओं के नाम दर्ज 03 गाटा संख्याओं में राजस्व अभिलेखों के अनुसार कुल लगभग 63 एयर भूमि दर्ज है जबकि मौके पर लगभग 68 एयर क्षेत्रफल में निर्माण एवं कब्जा पाया गया, जिस पर उन्होंने संपूर्ण भूमि का पुनः सीमांकन एवं पैमाइश कराकर अभिलेखों और वास्तविक स्थिति का मिलान करने तथा विस्तृत आख्या तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि अभिलेखों एवं वास्तविक स्थिति में किसी प्रकार का अंतर पाया जाये तो उसका कारण स्पष्ट करते हुए नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, निरीक्षण के दौरान ग्राम समाज की सामान्य आबादी भूमि का भी अवलोकन किया, ग्राम समाज की भूमि पर प्रधान प्रतिनिधि द्वारा रास्ते के निर्माण के उद्देश्य से मिट्टी डाले जाने का मामला भी जिलाधिकारी के संज्ञान में आया। जिलाधिकारी ने सम्बंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि उक्त भूमि का तत्काल सीमांकन एवं स्थलीय सत्यापन कर सुनिश्चित किया जाए कि कार्यवाही नियमानुसार की गई है अथवा नहीं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में सरकारी भूमि पर अवैध हस्तक्षेप अथवा किसी प्रकार की अनियमितता के तथ्य सामने आये तो सम्बंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता एवं अन्य प्रासंगिक विधिक प्राविधानों के अंतर्गत कठोर कार्यवाही की जाए साथ ही उन्होंने ग्राम समाज की सार्वजनिक उपयोग की भूमि को तत्काल चिन्हित कर सुरक्षित कराने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उक्त भूमि को बारात घर निर्माण के लिए आरक्षित किए जाने का प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सरकारी भूमि पर अवैध रूप से मिट्टी डाली गई अथवा कब्जा होने दिया गया है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने पूरे प्रकरण की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराकर साक्ष्यों सहित विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए तथा स्पष्ट किया कि जांच में लापरवाही अथवा मिलीभगत पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्यवाही की जाएगी।

श्री त्रिपाठी ने ग्राम मानिकपुर परशुरामपुर में लगभग 21 वर्ष पुराने पट्टे की भूमि पर पात्र लाभार्थी जौकीलाल तथा निजी भूमि पर बालेश्वर को कब्जा दिलाने की कार्यवाही का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि जिन गरीब एवं पात्र लोगों को वर्षों से उनकी वैध भूमि का कब्जा प्राप्त नहीं हो सका है, उन्हें विशेष अभियान चलाकर न्याय दिलाया जाए यदि किसी सरकारी भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है तो उसे तत्काल हटाकर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफ.आई.आर दर्ज कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को कब्जा प्राप्त करने वाले लाभार्थियों से संतुष्टि प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वास्तविक लाभार्थी को उसका अधिकार प्राप्त हो गया है, किसानों की सिंचाई सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर ही नाली का सीमांकन कराते हुए जेसीबी मशीन से तत्काल खुदाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने में किसी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जहां भी आवश्यकता हो वहां राजस्व एवं पंचायत विभाग संयुक्त रूप से कार्य करते हुए समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विरासत, नामांतरण, नाम संशोधन, किसान रजिस्ट्री, सीमांकन, जल निकासी एवं अन्य राजस्व संबंधी प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए कहा कि गांव में पहुंचने वाली टीम केवल एक शिकायत का समाधान कर वापस न लौटे बल्कि सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का समग्र एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करे। तहसील किशनी के ग्राम कुम्हौल में गाटा संख्या 661 स्थित रास्ता, गाटा संख्या 1892 की नवीन परती, गाटा संख्या 881 एवं 130 की पैमाइश तथा गाटा संख्या 2644 ऊसर भूमि से संबंधित प्रकरणों का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए इसके अतिरिक्त निरीक्षण के दौरान सोना देवी ने गाटा संख्या 1181 स्थित तालाब, खेत की पैमाइश कराने का अनुरोध किया जिस पर उन्होने उप जिलाधिकारी किशनी को निर्देशित किया कि उक्त गाटा संख्या की आज ही पैमाइश कराकर सोना देवी को उनका मालिकाना हक दिलाया जाये साथ ही ग्राम कुम्हौल स्थित चारागाह की भूमि को भी अतिक्रमणमुक्त कराकर सरकारी अभिलेखों के अनुरूप सुरक्षित कराया जाये।
जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत नगला जाट स्थित गाटा संख्या-2437 पर स्थित तालाब का स्थलीय निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में अतिक्रमण, मिट्टी डालकर किए गए अवैध भराव, जलकुंभी की अधिकता तथा अवैध प्लाटिंग पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तालाब का तत्काल सीमांकन कर बाहरी सीमा पर पिलर स्थापित कराने, चारों ओर बंडिंग कराने, जलकुंभी हटाकर सफाई अभियान चलाने तथा तालाब के जीर्णाेद्धार एवं सौन्दर्यीकरण का कार्य प्राथमिकता पर कराये जाने के निर्देश दिये दिए। उन्होंने कहा कि तालाब की प्राकृतिक जलधारण क्षमता को पुनर्स्थापित करना आवश्यक है, अवैध प्लाटिंग की जानकारी पर उन्होंने जेसीबी मशीन लगाकर तालाब की भूमि पर किए गए समस्त अवैध निर्माण एवं प्लाटिंग को तत्काल ध्वस्त करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए साथ ही गाटा संख्या-2437 के संपूर्ण क्षेत्र का सर्वेक्षण कर आवश्यकतानुसार उसे वेटलैंड घोषित किए जाने की कार्यवाही प्रारंभ करने तथा नगर पंचायत, राजस्व, वन, ग्राम्य विकास विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से तालाब के पुनर्जीवन की कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

इस दौरान उप जिलाधिकारी करहल सुनिष्ठा सिंह, उप जिलाधिकारी किशनी गोपाल शर्मा, तहसीलदार करहल संतोष कुमार राजौरिया के अलावा पुलिस, राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी सहित बड़ी संख्या ग्रामीण आदि उपस्थित रहे।



