मैनपुरी जन-सुनवाई के दौरान तहसील करहल के ग्राम गम्भीरा नि. अंकित कुमार द्वारा प्रस्तुत शिकायती प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने ग्रामसभा एवं सुरक्षित श्रेणी की भूमि पर कथित फर्जी प्रविष्टियां कर कब्जा किए जाने के गंभीर प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं, शिकायतकर्ता ने लिखित शिकायत में बताया कि ग्राम कनकपुर स्थित गाटा संख्या-08, 91, 102 की लगभग 50 एकड़ से अधिक भूमि पर कथित रूप से नीता कुमारी, ज्ञानेश चन्द्र एवं कमलेश द्वारा खतौनी 1390 लगायत 1395 फसली पर फर्जी आदेश अंकित कराकर अपना नाम दर्ज करा लिया है, सुरक्षित श्रेणी के गाटा संख्या-91, जो चकमार्ग के रूप में दर्ज है, तथा खाद के गड्ढों हेतु आरक्षित गाटा संख्या-4 पर भी रनवीर सिंह सहित अन्य व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से फर्जी आदेशों के आधार पर अवैध एवं अनियमित रूप से कब्जा किए जाने की शिकायत की।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल अपर जिलाधिकारी न्यायिक की अध्यक्षता में उप जिलाधिकारी करहल, डिप्टी कलेक्टर ध्रुव शुक्ला, एस.ओ.सी. चकबंदी, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण खंड तृतीय, उप निबन्धक करहल की 06 सदस्यीय जांच समिति गठित कर पूरे मामले की गहन जांच कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होने कहा कि उपलब्ध अभिलेखों के प्रारंभिक परीक्षण में तहसील करहल के ग्राम कनकपुर में स्थित ग्राम सभा की लगभग 50 एकड़ से अधिक भूमि पर फर्जी प्रविष्टियां कराकर कब्जा किए जाने का प्रथम दृष्टया संदेह प्रतीत हो रहा है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच कराई जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत यदि शिकायत सही पाई जाती है तो अवैध रूप से भूमि पर कब्जा करने वाले व्यक्तियों तथा अनाधिकृत एवं फर्जी प्रविष्टियां दर्ज कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी साथ ही ग्राम सभा एवं सुरक्षित श्रेणी की भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की आवश्यक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होने कहा कि अनाधिकृत रूप से नाम दर्ज कराकर उक्त भूमि पर प्लाटिंग की जा रही है साथ ही कुछ भूमि का बैनामा नेशनल हाईवे में कर लगभग रू. 23 लाख की धनराशि अवैध तरीके से हासिल की गयी है।
जिलाधिकारी ने उप निबन्धक करहल को निर्देशित किया है कि उक्त गाटा संख्याओं में से किसी भी गाटे की भूमि का बैनामा बिना जिला प्रशासन की अनुमति के न किया जाये। उन्होने कहा कि सार्वजनिक एवं ग्राम समाज की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अथवा अभिलेखों में हेरा-फेरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी तथा ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। प्रविष्टियों के जरिए ग्राम सभा की 50 एकड़ से अधिक भूमि पर कब्जे की शिकायत पर जिलाधिकारी सख्त, 06 सदस्यीय जांच समिति की गठित।

जॉच रिपोर्ट में शिकायत सत्य पाये जाने पर फर्जी प्रविष्टि करने वालों को चिन्हित कर दर्ज होगी प्राथमिकी, गलत ढंग से प्रविष्टि कराने वाले भी होंगे दण्डित।
मैनपुरी 20 जून, 2026- जन-सुनवाई के दौरान तहसील करहल के ग्राम गम्भीरा नि. अंकित कुमार द्वारा प्रस्तुत शिकायती प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने ग्रामसभा एवं सुरक्षित श्रेणी की भूमि पर कथित फर्जी प्रविष्टियां कर कब्जा किए जाने के गंभीर प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं, शिकायतकर्ता ने लिखित शिकायत में बताया कि ग्राम कनकपुर स्थित गाटा संख्या-08, 91, 102 की लगभग 50 एकड़ से अधिक भूमि पर कथित रूप से नीता कुमारी, ज्ञानेश चन्द्र एवं कमलेश द्वारा खतौनी 1390 लगायत 1395 फसली पर फर्जी आदेश अंकित कराकर अपना नाम दर्ज करा लिया है, सुरक्षित श्रेणी के गाटा संख्या-91, जो चकमार्ग के रूप में दर्ज है, तथा खाद के गड्ढों हेतु आरक्षित गाटा संख्या-4 पर भी रनवीर सिंह सहित अन्य व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से फर्जी आदेशों के आधार पर अवैध एवं अनियमित रूप से कब्जा किए जाने की शिकायत की।
            प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल अपर जिलाधिकारी न्यायिक की अध्यक्षता में उप जिलाधिकारी करहल, डिप्टी कलेक्टर ध्रुव शुक्ला, एस.ओ.सी. चकबंदी, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण खंड तृतीय, उप निबन्धक करहल की 06 सदस्यीय जांच समिति गठित कर पूरे मामले की गहन जांच कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होने कहा कि उपलब्ध अभिलेखों के प्रारंभिक परीक्षण में तहसील करहल के ग्राम कनकपुर में स्थित ग्राम सभा की लगभग 50 एकड़ से अधिक भूमि पर फर्जी प्रविष्टियां कराकर कब्जा किए जाने का प्रथम दृष्टया संदेह प्रतीत हो रहा है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच कराई जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत यदि शिकायत सही पाई जाती है तो अवैध रूप से भूमि पर कब्जा करने वाले व्यक्तियों तथा अनाधिकृत एवं फर्जी प्रविष्टियां दर्ज कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी साथ ही ग्राम सभा एवं सुरक्षित श्रेणी की भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की आवश्यक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होने कहा कि अनाधिकृत रूप से नाम दर्ज कराकर उक्त भूमि पर प्लाटिंग की जा रही है साथ ही कुछ भूमि का बैनामा नेशनल हाईवे में कर लगभग रू. 23 लाख की धनराशि अवैध तरीके से हासिल की गयी है।
         जिलाधिकारी ने उप निबन्धक करहल को निर्देशित किया है कि उक्त गाटा संख्याओं में से किसी भी गाटे की भूमि का बैनामा बिना जिला प्रशासन की अनुमति के न किया जाये। उन्होने कहा कि सार्वजनिक एवं ग्राम समाज की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अथवा अभिलेखों में हेरा-फेरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी तथा ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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