मैनपुरी(सुवि) लोहिया पार्क में आयोजित भव्य कार्यक्रम में रू. 432.31 लाख से मैनपुरी के लोहिया पार्क, रु 116.25 लाख की लागत से भारत संचार निगम लिमिटेड ऑफिस के सामने स्थित पार्क, रु. 140.06 लाख की लागत से सती माता मंदिर दौलतपुर एवं रु. 103.07 की लागत से प्राचीन श्री सिद्धेश्वर महाराज मंदिर टिंडौली के पर्यटन विकास, सौंन्दर्यीकरण कार्यों का शिलान्यास एवं रू. 139.59 लाख की लागत से श्री नारदानंद ऋषि आश्रम के कार्यों का लोकार्पण करते हुए कहा कि मैनपुरी केवल एक जनपद ही नहीं बल्कि वीरता, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक विरासत की भूमि है, यह ऋषि-मुनियों, तपस्वियों की तपोस्थली रही है, यहां स्थित धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को विकसित कर प्रदेश सरकार नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलती है, रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं और क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होती है। उन्होने कहा कि उ.प्र. में वर्ष-2017 के बाद अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है, पहले प्रदेश कानून व्यवस्था की चुनौतियों, भू-माफियाओं, अव्यवस्था के लिए चर्चा में रहता था लेकिन आज प्रदेश कानून के राज और सुशासन का उदाहरण बन चुका है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के कारण अपराधियों और माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही हुई है, जिससे आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहा है।पर्यटन मंत्री ने कहा कि सुशासन के साथ-साथ प्रदेश सरकार ने विकास के तीन प्रमुख आधार स्तंभों-कानून व्यवस्था, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष ध्यान दिया है, आज उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे, हाईवे, आधुनिक रेलवे नेटवर्क और हवाई संपर्क के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, पहले जहां दिल्ली से पूर्वांचल या पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंचने में लंबा समय लगता था वहीं आज आधुनिक एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के कारण यात्राएं काफी सुगम और तेज हो गई हैं, यह बेहतर कनेक्टिविटी ही पर्यटन और निवेश दोनों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया है, काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या धाम, विंध्याचल, नैमिषारण्य, चित्रकूट और प्रयागराज जैसे आस्था केंद्रों का व्यापक विकास कराया गया है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण ने काशी को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित किया है, जहां पहले श्रद्धालुओं को संकरी गलियों और भीड़-भाड़ के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था वहीं आज उन्हें आधुनिक और सुव्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए महाकुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजनों में शामिल हो चुका है, करोड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता और सुव्यवस्थित प्रबंधन ने उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक क्षमता और सांस्कृतिक गौरव को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
पर्यटन मंत्री ने मैनपुरी में पर्यटन विकास की आगामी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लोहिया पार्क के ठीक सामने स्थित वन चेतना पार्क को इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है इसके लिए लगभग रू. 05 करोड़ की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय टीम ने हाल ही में स्थल का निरीक्षण किया है और परियोजना को स्वीकृति दिलाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है, इस पार्क को विकसित कर जनपद के नागरिकों को एक उत्कृष्ट पर्यटन एवं मनोरंजन स्थल उपलब्ध कराया जाएगा, वन चेतना केन्द्र को राष्ट्रवादी विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति से जोड़ते हुए विकसित करने की भी योजना है इससे एक ओर जहां लोहिया पार्क समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया की स्मृतियों को संजोएगा, वहीं दूसरी ओर वन चेतना पार्क पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने कहा कि लोहिया पार्क के विकास एवं सौंदर्यीकरण की परियोजना जनपदवासियों को स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करेगी, आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में लोगों को ऐसे स्थानों की आवश्यकता है, जहां वे प्रातः भ्रमण, योग, व्यायाम और स्वच्छ वातावरण में समय व्यतीत कर सकें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं तथा लोहिया पार्क का विकास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब मैनपुरी की पहचान तंबाकू उत्पादन से जुड़कर देखी जाती थी लेकिन अब जनपद की पहचान पर्यटन, संस्कृति, आस्था और विकास के नए आयामों से स्थापित हो रही है, जनपद के मंदिरों, धार्मिक स्थलों, मठों एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत कराईं, जनपद के विभिन्न आस्था केंद्रों के जीर्णाेद्धार, सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास से न केवल श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा बल्कि पर्यटन को भी नई गति प्राप्त होगी।
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने अपने सम्बोधन में कहा कि लोहिया पार्क के विकास कार्यों के अंतर्गत पार्क को पूर्ण रूप से आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा, पार्क में ईपीडीएम फ्लोरिंग कराई जाएगी, जिससे वर्तमान में मौजूद क्षतिग्रस्त और गड्ढेदार मार्गों की समस्या समाप्त होगी, इसके अतिरिक्त बच्चों के मनोरंजन और आकर्षण के लिए इंटरैक्टिव स्कल्पचर स्थापित किए जाएंगे, जिनमें विभिन्न कलात्मक संरचनाएं और आकर्षक प्रतिमाएं शामिल होंगी इससे पार्क केवल भ्रमण स्थल न रहकर बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समग्र मनोरंजन एवं स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित होगा। उन्होंने कहा कि पार्क को “ऑल एबिलिटी पार्क” की अवधारणा के अनुरूप विकसित किया जायेगा ताकि प्रत्येक आयु वर्ग के लोग अपनी आवश्यकताओं के अनुसार इसका उपयोग कर सकें, पार्क में मौजूद पुराने सैनिटेशन ब्लॉक और सार्वजनिक शौचालयों का पुन-र्निर्माण एवं आधुनिकीकरण किया जाएगा साथ ही संपूर्ण पार्क में लैंडस्केपिंग, उद्यान विकास, हरित क्षेत्र विस्तार तथा आकर्षक आर्किटेक्चरल कार्य कराए जाएंगे, सूख चुके पौधों एवं घास के स्थान पर नए पौधे लगाए जाएंगे तथा सिंचाई व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाएगा, पार्क में स्थित पुराने, निष्क्रिय फाउंटेन को पुनर्जीवित कर उसे आधुनिक स्वरूप प्रदान करते हुए म्यूजिकल फाउंटेन के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, आगामी कुछ महीनों में नागरिकों को पूर्णतः नया और आधुनिक स्वरूप वाला लोहिया पार्क देखने को मिलेगा।
श्री त्रिपाठी ने कहा कि जनपद की प्रमुख धार्मिक परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, मां शीतला माता मंदिर कॉरिडोर के विकास के लिए विस्तृत सर्वेक्षण, भूमि मापन और चिन्हांकन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है, भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेज दिए गए हैं, धनराशि प्राप्त होते ही कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा, संकिसा क्षेत्र के विकास के लिए भी आवश्यक भूमि और संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, जिससे यह महत्वपूर्ण
बौद्ध पर्यटन स्थल अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक विकसित हो सके। उन्होने कहा कि जनपद की पहचान बने समान पक्षी विहार के विकास के लिए भी लगभग रू. 05 करोड़ की कार्य-योजना स्वीकृत की गई है, रामसर साइट के रूप में प्रसिद्ध यह पक्षी विहार पर्यावरण और जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसके विकास से देश-विदेश के पर्यटकों और पक्षी प्रेमियों को आकर्षित किया जा सकेगा तथा इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मैनपुरी बाईपास परियोजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है तथा अन्य महत्वपूर्ण सड़कों और विकास परियोजनाओं को भी चरणबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने कहा कि चौराहों पर लगी महापुरुषों की मूर्तियां जनपद को नई पहचान दिलाने का कार्य कर रही हैं, लोहिया पार्क का जीर्णोद्धार यहां पर घूमने वाले लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा, यह पार्क विकसित होने के बाद जनपद को नई पहचान दिलाने का कार्य करेगा। पैक्सफेड के अध्यक्ष प्रेमसिंह शाक्य, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष शिवदत्त भदौरिया ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
इस दौरान अध्यक्ष नगर पालिका संगीता गुप्ता, अनुजेश प्रताप सिंह, उदय चौहान, गौतम चौहान, विजेंद्र सिंह उर्फ भल्लू चौहान, धीरू राठौर, अमित गुप्ता, विशाल वाल्मीक, हरिओम द्विवेदी, मनोरमा सिंह, भूपेन्द्र यादव, पंकज भदौरिया, ज्ञानेंद्र चौहान, गौरव यादव, सौरभ दुबे, सीमा चौहान, विकास चौहान, अमित राजपूत, शुभम गुप्ता, सरिता चौहान, अन्य जन-प्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों के अलावा उप जिलाधिकारी सदर अभिषेक कुमार, क्षेत्राधिकार नगर अशोक सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी विशाल श्रीवास्तव, कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक संदीप चौधरी आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन मुकेश मणी कंचन ने किया।



