मैनपुरी(सुवि)दिव्यांगजनों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से जनपद में राज्य आयुक्त दिव्यांगजन प्रो. हिमांशु शेखर झा की अध्यक्षता में मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित हुए तथा विभिन्न विभागों से संबंधित अपनी समस्याओं एवं मांगों को अधिकारियों के समक्ष रखा। राज्य आयुक्त ने कहा कि मोबाइल कोर्ट का उद्देश्य दिव्यांगजनों को मुख्यालय तक आने में होने वाली कठिनाइयों को कम करना तथा शासन-प्रशासन को स्वयं उनके बीच पहुंचाकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। सरकार की मंशा है कि दिव्यांगजनों को न्याय एवं सुविधाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें बल्कि शासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचे और उनकी समस्याओं को समझकर उनका निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मोबाइल कोर्ट का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों की शिकायतों को मौके पर सुनना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश देकर समस्याओं का शीघ्र समाधान कराना है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन समस्याओं का संबंध उनके विभाग से है, उन पर नियमानुसार त्वरित कार्यवाही करते हुए उसकी आख्या न्यायालय को उपलब्ध कराएं, छोटे-छोटे मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर ही किया जाए ताकि दिव्यांगजनों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
राज्य आयुक्त ने बताया कि प्रदेश में आयोजित हो रहे मोबाइल कोर्ट की श्रृंखला में यह लगभग 24वां अथवा 25वां मोबाइल कोर्ट है, पूर्व में आयोजित मोबाइल कोर्ट से प्राप्त अनुभवों के आधार पर स्पष्ट हुआ है कि दिव्यांगजनों की सबसे बड़ी समस्याएं दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, यू.डी.आई.डी. कार्ड, सहायक उपकरण एवं विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने से जुड़ी हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों की टीमों को मौके पर ही तैनात किया गया ताकि दिव्यांगजन तत्काल पंजीकरण एवं आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करा सकें। अधिकारियों ने बताया कि जिन दिव्यांगजनों ने अभी तक अपना पंजीकरण नहीं कराया है, उनके लिए भी मौके पर पंजीकरण की व्यवस्था की गई साथ ही जिन लोगों के आयुष्मान कार्ड या दिव्यांग कार्ड लंबित हैं, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि दिव्यांगजनों हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाई जाए ताकि पात्र व्यक्ति शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें, मोबाइल कोर्ट के दौरान सहायक उपकरण वितरण पर भी विशेष बल दिया गया, अधिकारियों ने कहा कि जिन दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र अथवा अन्य सहायक उपकरणों की आवश्यकता है तथा जो उपकरण वर्तमान में उपलब्ध हैं उन्हें यथासंभव उसी दिन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को आत्म-निर्भर एवं सम्मानजनक जीवन प्रदान करना शासन की प्राथमिकता है, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अधिकारी दिव्यांगजनों की समस्याओं को सुनने के लिए नियमित समय निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने कार्यालय में एक निश्चित समय पर उपलब्ध रहे ताकि दिव्यांगजन अपनी समस्याएं सीधे रख सकें, जिन मामलों का निस्तारण स्थानीय स्तर पर संभव हो, उन्हें तत्काल निस्तारित किया जाए तथा जिन मामलों में उच्च स्तर की आवश्यकता हो, उन्हें जिला प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए।
उन्होने जानकारी करने पर पाया कि वर्तमान में सी.एम.ओ. कार्यालय द्वारा दिव्यांगता प्रमाण पत्र हेतु सप्ताह में एक दिन शिविर, कार्यवाही आयोजित की जाती है, जिस पर उन्होने निर्देश दिए कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु सप्ताह में कम से कम 02 दिन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए यदि एक दिन सोमवार निर्धारित है तो दूसरा दिन भी तय कर उसकी सूचना व्यापक रूप से प्रसारित की जाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र दिव्यांगजनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसके माध्यम से उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त होता है इसलिए प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं त्वरित बनाया जाए साथ ही लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को असुविधा न हो। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वह पूरी गंभीरता, मानवीय दृष्टिकोण, समर्पण के साथ दिव्यांगजनों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों की उपस्थिति दर्शाती है कि प्रशासन द्वारा किए गए प्रयास सार्थक साबित हो रहे हैं, विभागीय अधिकारियों ने मेहनत और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया है, जिस कारण यह कार्यक्रम सफल हो सका।
मोबाइल कोर्ट में 137 शिकायतें, आवेदन पत्र दिव्यांगजनों के स्तर से प्राप्त हुये, जिन पर कोर्ट ने सुनवाई कर आदेश पारित किये, मौके पर 26 दिव्यांगजनों को चिकित्सा विभाग द्वारा दिव्यांग प्रमाण पत्र, 01 दिव्यांग को आयुष्मान कार्ड जारी किया गया, मोबाइल कोर्ट में 67 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण, ट्राई साइकिल, व्हील चेयर, एम.आर. किट, बैसाखी, श्रवण यंत्र उपलब्ध कराये गये, आवास, शौचालय, राशन कार्ड से सम्बन्धित आवेदन पत्रों को सम्बन्धित अधिकारियों को उपलब्ध कराते हुए 01 सप्ताह में जॉच कर आख्या जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के माध्यम से राज्य आयुक्त कार्यालय भेजने हेतु निर्देशित किया गया।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी राजेश बघेल ने दिव्यांगजनों हेतु संचालित योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान बड़ी संख्या दिव्यांग बंधुओं के अलावा मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता, परियोजना निदेशक सत्येन्द्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल वर्मा, प्राचार्य टी.ई.पी. सेंटर एस.के. शंखवार आदि उपस्थित रहे।



