मैनपुरी(सुवि)प्रधानमंत्री सूर्यघर योजनांतर्गत आयोजित कार्यशाला एवं ग्राहक सम्मान समारोह में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जनपदवासियों से सौर ऊर्जा को अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण को जनांदोलन का रूप देने का आह्वान करते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपने घरों पर सोलर सिस्टम स्थापित किए हैं, उन्हें केवल उपभोक्ता बनकर नहीं बल्कि समाज में ’’ब्रांड एंबेसडर’’ की भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं लागू करना नहीं बल्कि समाज में जागरूकता और सहभागिता बढ़ाना भी है, जो लोग सरकारी व्यवस्था से जुड़े हैं वह वेतनभोगी कर्मचारी हैं, बैंक कर्मचारी हैं अथवा सरकार से किसी रूप में लाभ प्राप्त कर रहे हैं, उनका यह पहला सामाजिक दायित्व बनता है कि वह समाज हित के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होने कहा कि सौर ऊर्जा आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है यदि अधिक से अधिक लोग अपने घरों में सोलर सिस्टम लगाएंगे तो बिजली का उत्पादन बढ़ेगा, बिजली बिलों में कमी आएगी तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा ऐसे व्यक्तियों को सम्मानित किया जा रहा है, जिनके द्वारा अपने घरों में सोलर सिस्टम स्थापित करा लिये गये हैं, प्रतिमाह ऐसे लोगों को सम्मानित कर उनसे यह संकल्प दिलाया जा रहा है कि वह कम से कम 05 अन्य लोगों को सोलर सिस्टम लगाने के लिए प्रेरित करें।
श्री त्रिपाठी ने ’’टी-5 मॉडल’’ का उल्लेख करते हुए कहा कि एक व्यक्ति पांच लोगों को प्रेरित करेगा, उनके घरों में सोलर सिस्टम लगवाने में सहयोग करेगा, इससे जागरूकता की मजबूत श्रृंखला तैयार होगी और जनपद में सौर ऊर्जा का व्यापक विस्तार संभव हो सकेगा। उन्होंने आयोजकों से कहा कि जो व्यक्ति 05 नए लोगों के घरों में सोलर सिस्टम लगवाने में सहयोग करेगा, उसे अगली बैठक में सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रोत्साहन योजना से समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सौर ऊर्जा का प्रचार-प्रसार तेजी से होगा। उन्होने कहा कि जिला प्रशासन अब नई आवासीय एवं व्यावसायिक इमारतों में सोलर सिस्टम को अनिवार्य करने की दिशा में कार्य कर रहा है, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के माध्यम से ऐसी व्यवस्था लागू की जाएगी कि भवन निर्माण का नक्शा तभी स्वीकृत होगा जब संबंधित व्यक्ति सोलर सिस्टम लगाने की सहमति देगा, इस व्यवस्था के अंतर्गत एक धरोहर राशि भी जमा कराई जाएगी, जिसे सोलर सिस्टम स्थापित करने के बाद वापस किया जाएगा यदि निर्धारित समय में सोलर सिस्टम नहीं लगाया गया तो धरोहर राशि जब्त की जाएगी। उन्होने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी पर दबाव बनाना नहीं बल्कि भविष्य के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि जिस गति से कंक्रीट के जंगल बढ़ रहे हैं, उसी गति से पर्यावरणीय संकट भी बढ़ता जा रहा है यदि लोग केवल भवन निर्माण करते रहेंगे और पौधे नहीं लगाएंगे तो आने वाले समय में गर्मी और प्रदूषण की समस्या और गंभीर होगी। उन्होंने कहा कि सक्षम लोग अपने घरों में एयर कंडीशनर लगा सकते हैं लेकिन गरीब वर्ग पर बढ़ती गर्मी का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति नया मकान, दुकान अथवा बड़ा भवन बनाए, वह कम से कम दो से पांच पेड़ अवश्य लगाए। उन्होने कहा कि आगामी समय में ’’वृक्ष भंडारा’’ कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिस प्रकार लोग भंडारों में भोजन ग्रहण करने के लिए उत्साह से पहुंचते हैं, उसी प्रकार अब लोगों को वृक्ष लेने और लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, तहसील दिवस एवं ब्लॉक स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में लोगों को अमरूद, आम सहित विभिन्न प्रकार के फलदार एवं छायादार पौधे वितरित किए जाएंगे, जो लोगों को लंबे समय तक लाभ देंगे और पर्यावरण को भी सुरक्षित रखेंगे। उन्होंने कहा कि एक दिन का भोजन शरीर को सीमित समय तक ऊर्जा देता है जबकि एक पेड़ कई पीढ़ियों को लाभ पहुंचाता है, इसलिए वृक्षारोपण सबसे बड़ा सामाजिक एवं पर्यावरणीय निवेश है। उन्होंने सभी लोगों से आग्रह किया कि वह अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल भी करें।
मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर सोलर प्लेट लगवाने के लिए केंद्र-राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिन लोगों ने पहले से अपने घरों में सोलर सिस्टम स्थापित कर लिया है, वह वास्तव में बधाई के पात्र हैं क्योंकि उन्होंने भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक दूरदर्शी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि आज विद्युत विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती मांग और सीमित संसाधनों की है, ऊर्जा के 02 प्रमुख स्रोत होते हैं, जिनमें एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत और दूसरा अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है, अनवीकरणीय स्रोत सीमित हैं और आने वाले समय में इन पर दबाव और बढ़ेगा जबकि सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोत पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ लंबे समय तक उपयोगी भी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इसी उद्देश्य के साथ लोगों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का प्रयास कर रही है, पी.एम. सूर्यघर योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें सीधे उपभोक्ता को फायदा होता है, घरों में सोलर सिस्टम लगने से बिजली बिलों में भारी कमी आती है तथा व्यक्ति धीरे-धीरे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का उद्देश्य भी यही है कि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठाएं और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए तैयार रहें। उन्होंने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनका स्वयं का अनुभव भी सोलर ऊर्जा को लेकर अत्यंत सकारात्मक और सुखद रहा है।
इस दौरान कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल चतुर्वेदी के अलावा परियोजना अधिकारी नेडा रामानन्द, विद्युत विभाग के अभियंता, विभिन्न बैंक शाखाओं के प्रतिनिधि, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, सोलर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।



