मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने तहसील घिरोर में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार घिरोर के न्यायालयों के निरीक्षण के दौरान धारा-34 सहित विभिन्न धाराओं में दायर वादों के समय से निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी कोर्ट में 03 वर्ष पुरानी कोई पत्रावली अनिस्तारित न रहे। उन्होंने तहसीलदार कोर्ट के निरीक्षण के दौरान नीलेश कुमार बनाम जमादार सिंह की धारा-34 की पत्रावली के निरीक्षण के दौरान पत्रावली में कई खाली पन्ने हस्ताक्षर किए हुए लगे पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हस्ताक्षर किए गए खाली पन्ने संदेह व्यक्त करते हैं, हस्ताक्षर किए गए खाली पन्नों पर कुछ भी लिखकर वाद को प्रभावित किया जा सकता है। उन्होंने तहसीलदार को हिदायत देते हुए कहा कि कोर्ट की पत्रावलियों पर स्वयं पैनी नजर रखें साथ ही प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने उप जिलाधिकारी कोर्ट के निरीक्षण के दौरान चंद्र प्रताप बनाम आनंद प्रकाश भदोरिया, हरेंद्र सिंह बनाम अंगूरी देवी, प्रहलाद सिंह बनाम अशोक कुमार की पत्रावलियों का भी अवलोकन कर उप जिलाधिकारी को तत्काल नियमानुसार निस्तारण के निर्देश दिए।

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श्री सिंह ने नजारत अनुभाग के निरीक्षण के दौरान रजिस्टर नंबर 04, डेड स्टॉक रजिस्टर में प्रविष्टियां मानक के अनुसार न पाए जाने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए तहसीलदार को निर्देशित किया कि नाजिर को पंजिकाओं, पत्रावलियों को अद्यावधिक रखने हेतु प्रशिक्षित किया जाए, नाजिर द्वारा रजिस्टर नंबर-04 में रू. 24 लाख 79 हजार दर्शाया गया है जबकि उक्त धनराशि बैंक खाते में जमा करायी जा चुकी है लेकिन नाजिर द्वारा रजिस्टर नंबर-04 से खारिज नहीं किया गया है, रजिस्टर नंबर-04 में नीलामी से रू. 53 हजार एवं मत्स्य आवंटन से रू. 02 हजार जमा किया गया है, जिसे नाजिर द्वारा लगभग एक माह बाद बैंक खाते में जमा कराया गया, इसी प्रकार स्थाई स्टॉक रजिस्टर में दर्ज किये जाने वाले सामान को अस्थाई रजिस्टर में अंकित किया गया है, जो नियमानुसार ठीक नहीं है। उन्होने संग्रह अनुभाग के निरीक्षण के दौरान जानकारी करने पर पाया कि तहसील घिरोर में 08 संग्रह अमीन एवं 04 संग्रह सेवक तैनात है, अनुभाग प्रभारी से अमीनों द्वारा रसीद के माध्यम से माह फरवरी में कितनी धनराशि जमा कराई गई है, की जानकारी करने पर अनुभाग प्रभारी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके, जिस पर उन्होंने तहसीलदार से कहा कि माह फरवरी में अमीनों द्वारा रसीद के माध्यम से कितनी धनराशि वसूली की गई, का विवरण तैयार कर प्रस्तुत करें।

उन्होंने रजिस्ट्रार कानूनगो अनुभाग के निरीक्षण के दौरान कहा कि तहसीलदार, उप जिलाधिकारी कोर्ट से 03 प्रतियों में परवाने जारी किए जाएं, 01 प्रति आर. के. अनुभाग में एवं 01 प्रति कंप्यूटर अनुभाग को उपलब्ध कराई जाए, परवाना प्राप्त होते ही रजिस्ट्रार कानूनगो उसकी प्रविष्टि आर-6 में करना सुनिश्चित करे, जानकारी करने पर रजिस्ट्रार कानूनगो ने बताया कि एस.डी.एम. कोर्ट से प्राप्त परवाने आर-06 में लाल स्याही से एवं तहसीलदार, नायब तहसीलदार कोर्ट से प्राप्त परवाने नीली स्याही से एवं कुर्की के परवाने भी लाल स्याही से आर.-06 में दर्ज किये जा रहे हैं। उन्होंने रजिस्ट्रार कानूनगो को पुरानी खतौनी, आर-06 रजिस्टर, पुरानी गार्ड फाइल को अभिलेखागार में जमा कराए जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने आपूर्ति अनुभाग के निरीक्षण के दौरान पाया की तहसील घिरोर क्षेत्रांतर्गत 72 कोटा डीलर है, जिसमें से 02 दुकानें रिक्त चल रही है, जिस पर उन्होंने उप जिलाधिकारी को तत्काल रिक्त दुकानों के प्रस्ताव कर नियमानुसार आवंटन की कार्यवाही हेतु निर्देशित किया, पूर्ति निरीक्षक से जानकारी करने पर पाया कि तहसील घिरोर में 27412 पात्र गृहस्थ, 114075 अन्त्योदय कुल 31377 राशन कार्ड धारक हैं।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी घिरोर प्रसून कश्यप, तहसीलदार कमलेश कुमार, अनिल कुमार सक्सेना आदि उपस्थित रहे।