मैनपुरी(सुवि) जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला पोषण समिति की बैठक में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान प्र. चिकित्साधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में 1678 सैम एवं 4041 मैम बच्चे दिसम्बर माह में चिन्हित थे लेकिन माह दिसम्बर में केवल 17 मैम बच्चे ही पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती कराये गये, विकास खंड कुरावली, घिरोर से एक भी बच्चा एन.आर.सी. में भर्ती नहीं कराया गया जबकि विकास खंड करहल, मैनपुरी देहात, बरनाहल, सुल्तानगंज से 01-01 बच्चा ही भर्ती कराया गया, जिस पर उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए सी.डी.पी.ओ. कुरावली, घिरोर को हिदायत देते हुए कहा कि क्षेत्र के चिन्हित मैम बच्चों को पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती कराने में रूचि दिखायें। उन्होने स्वास्थ्य, बाल विकास विभाग के अधिकारियों से कहा कि चिन्हित सैम-मैम बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति स्वास्थ्य, कर्मचारी सजग रहें, बच्चों के चिन्हांकन में नियमों का पालन किया जाये, सैम बच्चों के अभिभावकों को जागरूक कर बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराया जाये ताकि उनकी सेहत में जल्द से जल्द सुधार हो और वह सुपोषण की श्रेणी में आ सकें।
श्री सिंह ने चेहरा प्रमाणीकरण की समीक्षा में पाया कि 29 जनवरी तक 136379 पात्र लाभार्थियों के सापेक्ष 130161 का चेहरा प्रमाणीकरण हो चुका है, चेहरा प्रमाणीकरण के साथ 128763 की ई-के.वाई.सी. भी हो चुकी है, चेहरा प्रमाणीकरण कार्य में सबसे बेहतर कार्य मैनपुरी शहर, किशनी, कुरावली, में हुआ है, जागीर, करहल, बेवर में अन्य विकास खंडों के सापेक्ष चेहरा प्रमाणीकरण की प्रगति धीमी है, विकास खंड जागीर में 9519 के सापेक्ष 8511, करहल में 10348 के सापेक्ष 9384 एवं बेवर में 17150 के सापेक्ष 16462 का ही चेहरा प्रमाणीकरण ई-के.वाई.सी. के साथ हुआ है, जिस पर उन्होने सम्बन्धित सी.डी.पी.ओ. को प्रगति में सुधार के निर्देश दिये। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान पाया कि मैनपुरी देहात में लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 13.05, किशनी में 17.19, सुल्तानगंज में 17.41, प्रतिशत की पूर्ति की गयी है, योजना में सबसे बेहतर कार्य कुरावली, बरनाहल में हुआ है। उन्होने खराब प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बाल विकास अधिकारी मैनपुरी देहात, किशनी, सुल्तानगंज प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति त्तकाल सुधारें।
उन्होने आंगनबाड़ी केन्द्र निर्माण की समीक्षा के दौरान पाया कि वर्ष 2023-24 में स्वीकृत 44 आंगनवाडी केन्द्रों के सापेक्ष 39 पर कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष 05 पर कार्य प्रगति पर है जबकि वर्ष 2024-25 में 47 आंगनवाडी केन्द्रों के निर्माण के सापेक्ष मात्र 29 पर ही कार्य प्रारंभ हो चुका है, 18 स्थानों पर अभी कार्य प्रारंम्भ नही हुआ है, दिहुली द्वितीय, न. मूड, ककर्रा, न. धुरा, एलाऊ, वसावनपुर, कुसमाखेडा, भूपतिपुर आदि स्थानों पर कार्य प्रारंम्भ नहीं हुआ है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जनपद में संचालित 1788 आंगनबाड़ी केन्द्रों के सापेक्ष शत-प्रतिशत आंगनबाड़ी केद्रों में इन्फ्राकिट उपलब्ध करायी जा चुकी है, निदेशालय स्तर से 819 आंगनबाड़ी केन्द्रों हेतु 05-05 शिशु डेस्क एवं 15-15 फोम मैट प्राप्त हो चुकी हैं, जिन्हें आंगनबाडी केन्द्रों को मुहैया कराया जा चुका है।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, प्र. चिकित्साधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन बाल विकास परियोजना अधिकारी हरिओम बाजपेयी ने किया।



