मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत गठित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों से कहा कि स्वास्थ्य विभाग के संचालित योजनाओं के लाभ आम-जनता तक पहुंचाने की दिशा में कार्य करें, स्वास्थ्य केन्द्रों पर आने वाले मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं, स्वास्थ्य केन्द्रों पर साफ-सफाई के साथ पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध रहें, मरीज को जांच की सुविधा उपलब्ध हो, जननी सुरक्षा योजना का लाभ प्रसूताओं को प्राथमिकता पर उपलब्ध कराया जाए, मरीजों, प्रसूताओं को समय से नाश्ता, दोपहर-शाम का भोजन गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराया जाए, चिन्हित मैम बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराकर उन्हें सुपोषण की श्रेणी में लाने में स्वास्थ्य, बाल विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारी अपना योगदान दें। उन्होने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करने पर पाया कि वार्षिक लक्ष्य 23940 के सापेक्ष अब तक 17590 संस्थागत प्रसव हुए हैं, स्वास्थ्य केन्द्रवार समीक्षा करने पर पाया कि माह जनवरी तक कुचेला स्वास्थ्य केन्द्र पर 2745 के सापेक्ष मात्र 316, बेवर स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा 2986 के सापेक्ष 1185, करहल स्वास्थ्य केन्द्र पर 2389 के सापेक्ष मात्र 1676, सुल्तानगंज स्वास्थ्य केन्द्र पर 3103 के सापेक्ष 1977 संस्थागत प्रसव हुये हैं, चालू वित्तीय वर्ष में हुये संस्थागत प्रसवों में से 5509 प्रसूताओं को ही जननी सुरक्षा योजना का लाभ उपलब्ध कराया गया है, जानकारी करने पर बताया कि पोर्टल में खराबी होने के कारण प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं कराया जा रहा है, पोर्टल संचालित हो चुका है, आगामी 01 सप्ताह में अवशेष प्रसूताओं को योजना में लाभान्वित कराया जायेगा।

श्री सिंह ने प्र. चिकित्साधिकारियों से कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बेसिक शिक्षा के विद्यालयों, आंगनवाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत प्रत्येक बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए, जिस दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम स्वास्थ्य परीक्षण हेतु विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे वहां पंजीकृत सभी बच्चे उपस्थित रहें, जिन विद्यालयों में आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित है, उनमें एक ही दिन विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए, स्वास्थ्य परीक्षण में बच्चों में जो कमियां मिले, उन्हें तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने समीक्षा के दौरान प्र. चिकित्साधिकारियों से कहा कि आयोजित होने वाली बी.एच.एन.डी. सत्र पर आशा, ए.एन.एम. समय से उपस्थित हों, आशा घर-घर जाकर लक्षित बच्चों को टीकाकरण केन्द्र पर लाकर टीकाकरण कराकर उन्हें जानलेवा बीमारियों से प्रतिरक्षित करने में योगदान करें। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र करहल के अंतर्गत टीकाकरण की प्रगति एवं आशा, ए.एन.एम. की समय से उपस्थित न होने पर प्र. चिकित्साधिकारी करहल को स्थिति सुधारने एवं समय से स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थित शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने परिवार कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान पाया कि महिला नसबंदी के वार्षिक लक्ष्य 1282 के सापेक्ष अब तक 931 एवं पुरूष नसबंदी के वार्षिक लक्ष्य 21 के सापेक्ष मात्र 04 पुरूषों की नसबंदी ही की गयी है, जिस पर उन्होने स्वास्थ्य केन्द्रवार नसबंदी हेतु कैंप आयेाजित कराकर पुरूष नसबंदी के लक्ष्य की पूर्ति कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि दि. 10 फरवरी कोे आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, ग्राम्य विकास, पंचायती राज एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर जनपद के 01 वर्ष से लेकर 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल खिलाने में अपनी सक्रिय भागीदारी सुुनिश्चित करें, यह कार्यक्रम जनपद के प्रत्येक विद्यालय में संचालित होगा। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक से कहा कि उक्त दिवस पर जनपद के सभी विद्यालय समय से खुलें, विद्यालयों में पंजीकृत शत-प्रतिशत छात्र उपस्थित रहें ताकि उन्हें पेट के कीड़ों की टैबलेट एल्बेंडाजोल खिलाई जा सके। उन्होंने राष्ट्रीय अधंता निवारण कार्यक्रम, मैटरनल डैथ, जननी शिशु सुरक्षा योजना, ई-संजीवनी, आयुष्मान भारत, कुष्ठ रोग उन्मूलन, एंबुलेंस 102, 108 रिस्पांस टाइम, क्षय रोग उन्मूलन आदि की बिंदुवार समीक्षा की।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. शशांक कुमार, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अजय कुमार, डॉ. गौरव अग्रवाल, डब्ल्यू.एच.ओ. से डा. वी.पी. सिंह, यूनिसेफ से संजीव पांडेय, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविंद्र सिंह गौर, डी.पी.एम. संजीव, समस्त प्र. चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी आदि उपस्थित रहे।