मैनपुरी(सुवि)पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विकास खण्ड सदर में एडिप योजना के अन्तर्गत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार तथा भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम एलिम्को के सहयोग से 367 व्यक्तियों को रू. 56 लाख के 728 सहायक उपकरण यथा- मोटराइज्ड ट्राई-साइकिल, ट्राईसाइकिल, व्हील चेयर, बैसाखी, वॉकिंग स्टिक, कान की मशीन, रोलैटर, सुगम केन, फोल्डेबल वॉकर, सिलिकन कुशन उपलब्ध कराते हुए उपस्थित दिव्यांगजनों से कहा कि कभी भी अपने आपको कमजोर, असहाय महसूस न करें, केन्द्र-प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगजनों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए तमाम योजनाएं संचालित की हैं ताकि दिव्यांगजन भी पूरे सम्मान के साथ अपना जीवन-यापन कर सकें। उन्होने कहा कि दिव्यांगजनों को ईश्वर ने सामान्य व्यक्ति से अधिक ऊर्जावान बनाया है, दिव्यांगता के साथ आपको सामान्य व्यक्ति से अधिक गुण भी प्रदान किये है, दिव्यांगजन अपने आप को सशक्त, समाज के अन्य लोगों से कम महसूस न करें, सामान्य व्यक्ति से अधिक बेहतर प्रदर्शन कर किसी भी विशेष क्षेत्र में अपनी महति भूमिका का निर्वहन कर देश के विकास में योगदान दें। उन्होने कहा कि समाज में बराबरी का दर्जा देने के लिए समान रूप से लोगों को बिना किसी भेदभाव के केन्द्र-प्रदेश सरकार का प्रयास है हर व्यक्ति को जन कल्याणकारी, लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति को मिले, शासन की योजनाओं में कहीं किसी के साथ जातीय भेदभाव, पक्षपात नहीं किया गया है, पात्र लाभार्थी को समान रूप से योजना का लाभ उसके द्वार तक पहुंचाने का कार्य बिना किसी बिचौलिये के हुआ है।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि अभी देश को लम्बी दूरी तय करनी है, भारत को ऊचाईयों पर पहंुचाने का कार्य करना है, इस कार्य के लिए देश के प्रत्येक नागरिक को अपना योगदान देना होगा, प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी, बुद्धि, विवेक, मेहनत के साथ करना होगा, राष्ट्र प्रथम की भावना जागृत करनी होगी तभी हमारा राष्ट्र दुनियां के अग्रणी देशों की पंक्ति में खड़ा होगा। उन्होने कहा कि हमने जिस मिट्टी पर जनम लिया है, उस मिट्टी का कर्ज उतारने के लिए हम सबका दायित्व है कि अपने राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करें, जरूरत पड़े तो अपनी जान भी कुर्बान करने के लिए तत्पर रहें। उन्होने कहा कि जापान टापुओं का देश था हिरोशिमा-नागासाकी में एटम बम से युद्ध हुआ था, जिसमें सब कुछ तबाह हो गया था, जापान खंडहर बन चुका था लेकिन कुछ ही समय में वहां के नागरिकों ने अपने आपको को पुनः स्थापित करने का कार्य किया, आज दुनियां में सबसे विकसित देश बन कर उभरा है, जापान टैक्नोलॉजी में सबसे आगे है,। उन्होने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी को बधाई देते हुये कहा कि कड़ी मेहनत कर पात्र दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने में अहम भूमिका का निर्वहन किया है, बड़ी संख्या में चिन्हित दिव्यांगों को बुलाकर समारोह में वास्तविक पात्र लाभार्थियों के हाथों तक उपकरण पहुंचाने का कार्य किया है।

पूर्व मंत्री, विधायक भोगांव राम नरेश अग्निहोत्री ने दिव्यांगजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगता को अभिशाप नहीं बल्कि सशक्तिकरण का माध्यम बनाना है, केंद्र-प्रदेश सरकार दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर, सक्षम तथा मुख्यधारा से जोड़ने हेतु निरंतर प्रयत्नशील है। उन्होने कहा कि दिव्यांगजन अपने आप को मजबूर नहीं, मजबूत समझें, देश में अनेक दिव्यांगजन वैज्ञानिक, डॉक्टर, आई.ए.एस., पी.सी.एस. अधिकारी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त कर चुके हैं, यह इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ इच्छा-शक्ति और परिश्रम से किसी भी कठिनाई को अवसर में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहले बैटरी संचालित ट्राई मोटरसाइकिल पर 25 प्रतिशत भागीदारी स्थानीय स्तर पर विधायक निधि से वहन की जाती थी परन्तु भारत सरकार ने इसे गत वर्ष पूर्णतः निःशुल्क कर दिया है, जिससे लाभार्थियों को अब किसी प्रकार का भुगतान नहीं करना पड़ता।
जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने अपने सम्बोधन में कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजन के सम्मान और आत्मविश्वास को ध्यान में रखते हुए “विकलांग” शब्द के स्थान पर “दिव्यांग” शब्द का प्रयोग करने का निर्णय लिया, क्योंकि दिव्यांगजन ईश्वर द्वारा प्रदत्त विशेष शक्तियों के धनी होते हैं, इसी सम्मानजनक विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए सरकार निरंतर दिव्यांगजन कल्याण के लिए कार्य कर रही है। उन्होने कहा कि सरकार की मंशा है कि दिव्यांगजनांे के जीवन में किसी भी प्रकार की बाधा या रुकावट न आए और वह आत्मनिर्भर होकर समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें। उन्होने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संकल्प का यह कार्यक्रम जीवंत उदाहरण है।
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि दिव्यांगता किसी भी व्यक्ति की क्षमता को कम नहीं करती बल्कि अनेक अवसरों पर वह सामान्य व्यक्तियों की तुलना में अधिक केंद्रित, दृणनिश्चयी और सफल सिद्ध होते हैं। उन्होने एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा, विश्वविख्यात वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग जैसे प्रेरणादायी उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि मन में विश्वास और लक्ष्य के प्रति निष्ठा हो तो कोई भी बाधा सफलता के मार्ग में अवरोध उत्पन्न नहीं कर सकती। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनांे के सम्मान, अधिकार और प्रगति को सर्वाेच्च प्राथमिकता पर रखा है, दिव्यांगजनों की आर्थिक स्थिति सुधार से लेकर उन्हें सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए तमाम योजनाएं संचालित हैं। उन्होने कहा कि पर्यटन मंत्री ने प्रत्येक पात्र तक संचालित योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ पहंुचाने के साथ जनपद के सर्वागींण विकास हेतु अनेक परियोजनाएं स्वीकृत करायीं, विगत् 03 वर्षों में जनपद की तस्वीर बदली है। उन्होने दिव्यांगजनों का उत्साहवर्धन करते हुये कहा कि “सच है विपदा जब आती है, कायर को ही दहलाती है’’, शूरमा नहीं विचलित होते, क्षण भर धीरज न खोते’’, ’’है कौन भला विघ्न इस जग में, टिक सके जो वीर नर के मग में’’, ’’मानव जब ज़ोर लगाता है, पत्थर पानी हो जाता है”।
पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने कहा कि संस्थाएं इस दिशा में पूर्ण रूप से संवेदनशील हैं कि दिव्यांगजन का भविष्य किसी भी प्रकार प्रभावित न हो और उनके जीवन की गुणवत्ता लगातार बेहतर होती रहे। उन्होंने कहा कि आज का दौर तकनीकी, उन्नति का है, जिसमे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर तथा आधुनिक उपकरणों ने दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सरल और सक्षम बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से मिली कमी को पूरा करने के लिए आज अनेक आधुनिक सहायक उपकरण उपलब्ध हैं, जिनकी बदौलत दिव्यांगजन जीवन की किसी भी रेस में पीछे नहीं रह जाते। मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कहा कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के इस प्रयास में पर्यटन मंत्री का विशेष सहयोग, योगदान रहा है, उनके अथक प्रयासों से जनपद के वंचित एवं पात्र दिव्यांगजनों को बड़ी संख्या में सहायक उपकरण प्राप्त हो सके हैं। उन्होने विश्वास व्यक्त करते हुये कहा कि प्रदान किए गए उपकरण लाभार्थियों के दैनिक जीवन को अधिक सरल, सुगम एवं सफल बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होने सभी जन प्रतिनिधियांे, एल्मिको के प्रतिनिधियांे के प्रति हार्दिक धन्यवाद प्रकट किया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, विधायक भोगांव राम नरेश अग्निहोत्री, जिलाध्यक्ष ममता राजपूत, जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने 55 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, 203 दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल, 53 दिव्यांगजनों को व्हील चेयर, 242 दिव्यांगजनों को बैसाखी, 47 दिव्यांगजनों को वॉकिंग स्टिक, 36 दिव्यांगजनों को कान की मशीन, 16 लाभार्थियों को रोलैटर, 11 लाभार्थियों को सुगम केन, 12 लाभार्थियों को फोल्डेबल वॉकर, 34 दिव्यांगजनों को सिलिकन कुशन, 19 लाभार्थियों को टी.एल.एम किट निःशुल्क उपलब्ध करायीं।
इस दौरान पैक्सफेड के चेयरमैन प्रेमसिंह शाक्य, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शिवदत्त भदौरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष अरविन्द तोमर, अनुजेश प्रताप सिंह, उदय चौहान, सुमित चौहान, अर्जुन चौहान के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारियों के अलावा अपर पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार, क्षेत्राधिकारी संतोष कुमार, परियोजना निदेशक सत्येन्द्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी राकेश बघेल, एल्मिको से सहायक प्रबन्धक चन्दन, ओम सिंह, अनिल मॉझी, अमरनाथ, रजनी, अंकित, रवि कुमार, बड़ी संख्या में दिव्यांगजन आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन विवेकेन्द्र मोहन ने किया।



