असंतुष्ट फीडबैक के प्रति सजग रहें, प्राप्त असंतुष्ट फीडबैक का तत्काल करें निस्तारण-जिलाधिकारी।
मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जन-सुनवाई प्रणाली पोर्टल पर होने वाले असंतुष्ट फीडबैक एवं लम्बित सन्दर्भों की विभागवार समीक्षा के दौरान कहा कि अधिकारी आई.जी.आर.एस. पोर्टल को प्रतिदिन लॉगिन करें, प्राप्त शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा में किया जाये, शिकायतकर्ता से वार्ता के उपरांत ही उसके संतुष्ट होने पर निस्तारण आख्या अपलोड की जाए, कोई भी अधिकारी शिकायत के डिफॉल्ट होने की प्रतीक्षा न करें, कोई भी शिकायत सी-श्रेणी में न मिले, किसी भी शिकायत में असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त न हो, किसी भी शिकायत पर नंबर न कटें। उन्होने संतोष व्यक्त करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, ऑनलाइन, सम्पूर्ण समाधान दिवस, पी.जी. पोर्टल, मंडलायुक्त सन्दर्भ का कोई भी प्रकरण नियत तिथि के उपरांत लंबित नहीं हैं, जिन विभागों मंे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सन्दर्भ लंबित हैं और उनके निस्तारण की नियत तिथि 31 अगस्त तक है, ऐसे समस्त सन्दर्भों को सम्बन्धित अधिकारी अगले 02 दिन मंे प्रत्येक दशा में निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि कुछ विभागों में असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त होने के कारण जनपद की रैंक में गिरावट आयी है, सम्बन्धित अधिकारी प्राप्त असंतुष्ट फीडबैक को तत्काल निस्तारित करें ताकि जनपद की रैंक में इस माह में सुधार हो सके।
श्री सिंह ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आई.जी.आर.एस. में प्राप्त शिकायतों को अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर सर्वे, शिकायतकर्ता से वार्ता नहीं की जा रही है, जिस कारण असंतुष्ट फीडबैक में वृद्धि हो रही है, अधिशासी अभियंता विद्युत द्वारा 99, अधिशासी अभियंता प्रान्तीय खंड लोक निर्माण द्वारा 32, तहसीलदार करहल द्वारा 17, जिला समाज कल्याण अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक भोगांव द्वारा 11-11, मुख्य चिकित्साधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा 10-10 शिकायती पत्रों का मौके पर जाकर न तो सर्वे किया गया और नांही शिकायतकर्ता से वार्ता की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि शिकायत के निस्तारण के पश्चात शिकायतकर्ता से वार्ता अवश्य करें, उसके संतुष्ट होने के उपरांत ही निस्तारण आख्या अपलोड की जाए। उन्होंने समीक्षा के दौरान असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अधिशासी अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता यांत्रिकी द्वारा विलंब से शिकायतों का निस्तारण करने के फलस्वरूप अंको की कटौती हुई है, सबसे ज्यादा डिफाल्टर, असंतुष्ट फीडबैक विद्युत विभाग के ही प्राप्त हुए हैं, जिस पर उन्होंने आई.जी.आर.एस. संदर्भ के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर अधिशाषी अभियंता विद्युत के विरुद्ध अध्यक्ष पावर कॉर्पाेरेशन को पत्र लिखे जाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आई.जी.आर.एस. पोर्टल की समीक्षा में पाया कि दि. 01 अगस्त से 26 अगस्त के मध्य 787 फीडबैक में से 371 पर असंतुष्ट फीडबैक शासन स्तर से मिले है, जिसमें सर्वाधिक अधिशाषी अभियंता विद्युत से सम्बन्धित 187 फीडबैक में से 93, अधिशाषी अभियंता प्रान्तीय खंड लोक निर्माण से सम्बन्धित 43 फीडबैक में से 29, मुख्य चिकित्साधिकारी से सम्बन्धित 27 फीडबैक में से 15, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी से सम्बन्धित 13 फीडबैक में से 09, जिला समाज कल्याण अधिकारी से सम्बन्धित 12 फीडबैक में से 11, जिला विद्यालय निरीक्षक से सम्बन्धित 12 फीडबैक में से 09, प्रभागीय वनाधिकारी से सम्बन्धित 10 फीडबैक में से 08, अग्रणी जिला प्रबन्धक से सम्बन्धित 09 फीडबैक में से 05, बन्दोवस्त अधिकारी चकबंदी से सम्बन्धित 05 फीडबैक में से 05, तहसीलदार करहल से सम्बन्धित 41 फीडबैक में से 22, तहसीलदार घिरोर से सम्बन्धित 34 फीडबैक में से 14, तहसीलदार भोगांव से सम्बन्धित 25 फीडबैक में से 12, पूर्ति निरीक्षक भोगांव से सम्बन्धित 16 फीडबैक में से 05, उप जिलाधिकारी कुरावली से सम्बन्धित 15 फीडबैक में से 09, उप जिलाधिकारी घिरोर से सम्बन्धित 09 फीडबैक में से 06, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका से सम्बन्धित 26 फीडबैक में से 09 शिकायतों के निस्तारण पर असंतुष्ट फीडबैक मिला है, सम्बन्धित अधिकारी प्राप्त असंतुष्ट फीडबैक पर तत्काल कार्यवाही कर निस्तारण करना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्याम लता आनन्द, अपर जिलाधिकारी न्यायिक ज्ञानेश्वर प्रसाद, डिप्टी कलेक्टर धु्रव शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी.गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी संजय कुमार मल्ल, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. सत्येन्द्र सिंह, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारियों के अलावा आई.जी.आर.एस. प्रभारी अनुज कुमार, सौम्यवर्धन आदि उपस्थित रहे।