मैनपुरी(सूवि)मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने समारोह को सम्बोधित करते हुये कहा कि प्रतिस्पर्धा अपने आपको सिद्ध करने के लिए होती है, कोई भी प्रतिस्पर्धा हो अपने आपको सिद्ध करने के लिए बहुत ही आवश्यक है, फिर वह चाहे खेल की प्रतिस्पर्धा हो या जीवन के किसी भी परिस्थिति में हम कुछ भी करते हैं, हमें हर बात में अपने आपको सिद्ध करना होता है। उन्होने प्रसन्नता व्यक्त करते हुये कहा कि परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के इस नये रूप को देखा। उन्होने कहा कि जब हम भ्रमण पर जाते हैं, तो हम देखते हैं, कि बच्चे क्या पढ़ रहे हैं, उन्हें क्या पढ़ाया जा रहा है, हम कभी इस बात की चर्चा नहीं करते कि उनका स्वास्थ्य कैसा है, उनके शारीरिक परिश्रम के बारे में क्या किया जा रहा है। उन्होने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुये कहा कि जिले स्तर पर खेलने वाले बच्चे मंडल स्तर पर जायें, जो मंडल स्तर पर खेल रहे हैं, वह राज्य स्तर पर जाकर खेलें और जब वह उच्च स्तर पर खेलने जायेंगे तो न सिर्फ अपने जनपद का नाम रोशन करेंगे बल्कि अपने माता-पिता, परिवार, अपने साथियों, गुरूजनों का भी नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताएं प्रतिभागी बच्चों को मंच प्रदान करने का कार्य करती हैं साथ ही खेल प्रतियोगिताएं प्रतिभागी बच्चों को अच्छे स्वास्थ्य की दिशा में प्रेरित करने का कार्य करती है, उन्होंने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं से कहा कि जिस क्षेत्र में रुचि हो, उसका चयन कर आगे बढ़ें।
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार राय ने कहा कि ये प्रतियोगिता एक बहाना है, प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को एक नये रूप में देखने का अवसर मिलता है, ये बच्चे जो कि आज इस रूप में है सम्भव है कि भविष्य में देश के निर्माता बने, काफी अच्छी-अच्छी जगहों पर जायें, देश का नाम रोशन करें, हो सकता है कि इनमें से कुछ बच्चे खेल में जायें, कुछ मेडीकल, इंजीनियरिंग के क्षेत्र के साथ अन्य क्षेत्रों में जायें। उन्होनंे कहा कि स्वाभाविक है कि कहीं न कहीं खेल की जो भावना है उसके अन्तर्गत एक जीतेगा और एक हारेगा लेकिन जो निरतंर प्रयास करते हैं, निरतंरता जिस कार्य में आये तो निश्चित रूप से वह जीवन में सफल होता है। उन्होने कहा कि खेलों की प्रेरणा है कि हम जिस पद पर हैं, जिस रूप में हैं, कभी निराश न हों, इसी के आधार पर एक सृजन होता है कि वह कितना उद्यमी है, कितना लगनशील हैं और किस रूप में वह अपने को ढालता हैं, अपने व्यक्तित्व का विकास करता है। उन्होने प्रतिभागी बच्चों से कहा कि हार में ही जीत छिपी है, हार से ही जीत का रास्ता निकलता है, हार से हम सीखते हैं कि हमारी कमियां क्या रहीं और उस आधार पर हम आगे की रणनीति बनाते हैं, यही सबसे बड़ी प्रेरणा है, बच्चे इसी भावना के साथ खेल को आगे बढ़ायें और अपनी कमियों का अवलोकन कर उन्हें दूर करें।
जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान ने कहा कि नवम्बर-दिसम्बर में होने वाली प्रतियोगिता कोविड के कारण आगे बढ़ायी गयी, इसके बावजूद बच्चों का हौसला, बच्चों को प्रशिक्षित करने वाले शिक्षक, शिक्षिकाएं, विभाग का कार्यक्रम को पूरे मनोयोग से करने का उत्साह, लगन काबिले तारीफ हैं। उन्होने सभी को सफल आयोजन की शुभकामनाएं देते हुये कहा कि सभी प्रतिभागी बच्चे अपना बेस्ट से बेस्ट दें, अपना और अपने जिले का नाम रोशन करें, ये बच्चे भारत का भविष्य हैं और निश्चित तौर पर जो समाज की प्रगति होगी वह इनके बिना नहीं हो सकती, प्रगति की जो आधारशिला रखी है उसके लिए सभी बधाई के पात्र है।
इस अवसर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कमल सिंह, आयोजन से सम्बन्धित शिक्षक, शिक्षिकायें एवं बडी संख्या में प्रतिभागी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।