मैनपुरी(सुवि)मा. मुख्यमंत्री उ.प्र. शासन योगी आदित्यनाथ जी द्वारा अंशकालिक अनुदेशकों का सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के उपरांत उच्च शिक्षामंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने उपस्थित अनुदेशकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षा और चिकित्सा मानव जीवन की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताएं हैं, वर्तमान सरकार ने दोनों क्षेत्रों में संवेदनशीलता के साथ कार्य किया है, यदि शिक्षक सम्मानित और संतुष्ट रहेगा तभी शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और राष्ट्र निर्माण का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों ने शिक्षकों की समस्याओं और उनके दर्द को गंभीरता से नहीं समझा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने अनुदेशकों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि कर उन्हें सम्मान देने का कार्य किया है, पहले अनुदेशकों को रू. 07 हजार से 09 हजार तक मानदेय मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर लगभग दोगुना किया गया है, यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि शिक्षकों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने पर ही शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और विद्यार्थियों का भविष्य बेहतर बनेगा।

श्री उपाध्याय ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने गरीब, किसान, मजदूर, महिला एवं समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य किया है, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से देश के करोड़ों लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे गरीब परिवारों के रसोई खर्च में सरकार भागीदारी निभा रही है, आयुष्मान भारत योजना एवं प्रदेश सरकार द्वारा घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा से गरीब परिवारों को गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ रहा है, सरकार रू. 05 लाख तक के इलाज का खर्च वहन कर रही है, पहले गरीब परिवार बीमारी के कारण कर्ज, संकट में डूब जाते थे लेकिन अब सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं था, उन्हें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घर उपलब्ध कराए गये, उज्ज्वला योजना के माध्यम से महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली तथा उनके स्वास्थ्य की रक्षा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार केवल योजनाएं नहीं चला रही बल्कि लोगों को आत्मसम्मान और सुरक्षा का भाव भी दे रही है।
उच्च शिक्षामंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना से कार्य कर रही है, योजनाओं का लाभ बिना किसी भेद-भाव के हर वर्ग और हर समाज तक पहुंचाया जा रहा है, सरकार की नीतियों का लाभ सभी समुदायों को समान रूप से मिल रहा है, यही लोकतंत्र की वास्तविक भावना है। उन्होंने कहा कि उ.प्र. को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, प्रदेश में निवेश लाने के लिए मंत्रियों और अधिकारियों को विदेशों तक भेजा गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं, प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। उन्होने कहा कि आज विश्व स्तर पर भारत का सम्मान बढ़ा है और विदेशों में भी भारतीयों को नई पहचान मिली है, आज भारत और भारतीय नेतृत्व के प्रति दुनिया का नजरिया बदला है, जो देश के लिए गर्व की बात है।
जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने उपस्थित अनुदेशकों से कहा कि प्रदेश सरकार ने आपकी मेहनत, लगन का पारितोषित देने का कार्य किया है, आपने बहुत कम मानदेय में अपने दायित्वांे का निर्वहन कर बच्चों को शिक्षा प्रदान करने में महति भूमिका निभाई। उन्होने कहा कि देश के भविष्य बच्चों को शिक्षित, संस्कारवान बनाने का दायित्व आपके ऊपर है, आप सब इसी निष्ठा, लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होने कार्यक्रमों की प्रस्तुति देने वाली छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि बेसिक शिक्षा के बच्चों मंें योग्यता की कमी नहीं है, बस इनकी योग्यता को संवारने, दिशा देने की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने उच्च शिक्षामंत्री सहित सभी जन-प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस आत्मीयता, संवेदनशीलता के साथ अनुदेशकों के सम्मान, शिक्षा व्यवस्था तथा सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं पर विचार रखंे, वह निश्चित रूप से सभी के लिए प्रेरणादायी हैं। उन्होने कहा कि आज का यह कार्यक्रम केवल मानदेय वृद्धि का आयोजन नहीं है बल्कि उन अनुदेशकों के सम्मान का अवसर है, जिन्होंने सीमित संसाधनों में भी शिक्षा की अलख जगाने का कार्य किया है, सरकार द्वारा मानदेय में की गई वृद्धि से निश्चित रूप से अनुदेशकों में नया उत्साह और नई ऊर्जा का संचार करेगा, यह निर्णय उनके कार्यों की सराहना के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होने विश्वास व्यक्त करते हुए अनुदेशकों से कहा कि आप सब इसी समर्पण और निष्ठा के साथ समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
उच्च शिक्षामंत्री, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, जिलाध्यक्ष ने विकास खंड किशनी के जतिन्द्र सिंह, विकास खंड बेवर के मुनीष कुमार सिंह, विकास खंड घिरोर के भानु प्रकाश, विकास खंड कुरावली के विपिन कुमार, अभिषेक कुमार, विकास खंड मैनपुरी की रूपाली, नीति यादव, आशीष कुमार, विकास खंड जागीर के आशीष कुमार, विकास खंड सुल्तानगंज के पारुल राजपूत, सत्येंद्र कुमार, विकास खंड करहल की नेहा शाक्य अंशकालिक अनुदेशक को बढ़े हुए मानदेय की धनराशि के प्रतीकात्मक चेक उपलब्ध कराये, प्राथमिक विद्यालय बिछिया की छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं कस्तूरबा गॉधी विद्यालय भोगांव की बालिकाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किये। इस दौरान पैक्सफेड के अध्यक्ष प्रेम सिंह शाक्य, जिला उपाध्यक्ष गौरव यादव, विनीत यादव, विमल पांडेय, बिजेन्द्र सिंह चौहान के अलावा पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार, क्षेत्राधिकारी नगर संतोष कुमार, उपयुक्त एऩ.आर.एल.एम. शौकत अली, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता, समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक, बड़ी संख्या में अंशकालिक अनुदेशक आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन राकेश कुमार ने किया।



