मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जब से जनपद में कार्यभार ग्रहण किया है, वह जन-शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए निरंतर प्रयत्नशील है, भूमि संबंधी विवादों को लेकर उनकी संवेदनशीलता इस बात से जाहिर है कि वह भूमि विवाद के तमाम प्रकरणों में स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेकर प्रभावी कार्यवाही कर रहे हैं, तमाम स्थानों पर सार्वजनिक भूमि से अनाधिकृत कब्जे हटवाकर भूमि को ग्राम सभा के सुपुर्द किया गया है, दबंगई के बल पर कब्जा करने, अनाधिकृत रूप से निर्माण करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही कर तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रुकवाकर न्यायोचित कार्यवाही की जा रही है, बड़ी संख्या में खतौनी में दर्ज गलत नाम, गाटा संख्या को मौके पर ही दुरुस्त कराकर फरियादियों को उनके द्वारा राहत प्रदान की जा रही है, उनकी कार्यशाली को लेकर आम जनता राहत महसूस कर रही है। उन्होने राजस्व, पुलिस विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि भूमि विवाद सम्बन्धी प्रकरणों पर विशेष सतर्कता बरती जाये, भूमि विवाद प्रकरण पर पुलिस, राजस्व की संयुक्त टीम मौके पर भेजकर तत्काल कार्यवाही करायी जाये, सार्वजनिक भूमि पर कब्जों की शिकायत पर राजस्व टीम गठित कर पैमाइश कराकर ग्राम सभा की भूमि को संरक्षित करे साथ ही भूमि पर अनाधिकृत कब्जा करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाए, एक बार सीमांकन, पैमाइश के बाद यदि किसी के द्वारा पुनः कब्जा किया जाये तो उसे भू-माफिया में चिन्हित कर उसके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराकर वैद्यानिक कार्यवाही अमल में लायी जाये।
आज जन-सुनवाई के दौरान जब विरथुआ नि. राजरानी ने अपने शिकायती प्रार्थना पत्र के माध्यम से बताया कि गाटा सं.-806 ग्राम सभा की सम्पत्ति है, उक्त भूमि पर नियमों की अनदेखी कर गलत तरीके से विनीता देवी, ममता देवी, राजेश, विमला देवी, सुन्दरी, बेवी, सूरजकली, विनोद, सरला देवी, सुनीता, जशोदा, नीलम आदि 24-25 व्यक्तियों को पट्टे आवंटित किये गये हैं, जिन लोगों को पट्टे आवंटित हुये हैं, उनके पास निजी भूमि है, कई व्यक्ति शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हैं, कई के पास चार पहिया वाहन व निजी नलकूँप भी है, पट्टा आवंटन में पात्र व्यक्तियों की अनदेखी की गयी है। शिकायतकर्ता ने बताया कि पट्टा निरस्तीकरण हेतु एक वाद न्यायालय में विचाराधीन है, फिर भी विपक्षीगणों द्वारा अवैध तरीके से कब्जा किया जा रहा है, जिसे गंभीरता से लेते हुये वह तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुये मौके पर उपस्थित उप जिलाधिकारी करहल को आदेशित करते हुये कहा कि पट्टा आवंटन की जॉच कर तत्काल विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें यदि पट्टा आवंटन में नियमों की अनदेखी कर अपात्रों को आवंटन किया गया हो तो लापरवाही, नियमों की अनदेखी करने वालों का उत्तरदायित्व निर्धारित कर प्रभावी कार्यवाही करते हुये पट्टा निरस्तीकरण की प्रक्रिया की जाये।
श्री सिंह ने बाग मौजा बूरामई नि. मर्दान सिंह के न्यायालय में दायर लेखपत्र संख्या-1315, गाटा संख्या-540/.335 हे. के 1/6 भाग में से विक्रीत रकवा .04 हे. मंे उप निबन्धक करहल द्वारा 03 लाख 29 हजार 520 की स्टांप कमी इंगित करते हुये धारा-47ए के अन्तर्गत स्टांप कमी वाद दर्ज हेतु आख्या उपलब्ध करायी गयी, जिसका भी मौके पर जाकर जायजा लेते हुए प्रथम दृष्टतया इंगित स्टांप कमी ज्यादा पायी। इस दौरान उप जिलाधिकारी करहल नीरज कुमार द्विवेदी, तहसीलदार करहल कमल कुमार, प्रभाकर गंगवार, आई.जी.आर.एस. प्रभारी अनुज कुमार आदि उपस्थित रहे।



