मैनपुरी(सूवि)जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में उपस्थित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों से कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वःरोजगार योजना, एक जनपद-एक उत्पाद योजना में बैंकों को प्रेषित की गई पत्रावलियों में से बैंकों द्वारा जिन पत्रावलियों को स्वीकृत किया जा चुका है, उन पर तत्काल ऋण वितरण करना सुनिश्चित करें ताकि लाभार्थी अपना स्वःरोजगार स्थापित कर स्वावलंबी बन सकें, इस कार्य में बैंकर्स ढिलाई न बरतें। उन्होंने समीक्षा करने पर पाया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना में भौतिक लक्ष्य 80 एवं वित्तीय लक्ष्य 242.16 लाख के सापेक्ष चालू वित्तीय वर्ष में 179 ऋण आवेदन पत्रों की ऑनलाइन स्कूटनी कर विभिन्न बैंक शाखाओं को प्रेषित किए गए, जिसमें से 51 आवेदन पत्रों पर स्वीकृत प्राप्त हुई एवं 22 आवेदन पत्रों पर ऋण वितरण किया गया, अभी बैंक ऑफ इंडिया में 14, आर्यावृत बैंक में 10 आवेदन पत्र स्वीकृति के उपरांत भी ऋण वितरण हेतु अवशेष हैं, इसी प्रकार मुख्यमंत्री युवा स्वःरोजगार योजना में भौतिक लक्ष्य 57 एवं वित्तीय मार्जिन 110.58 लाख के सापेक्ष विभिन्न बैंकों को 136 ऋण आवेदन पत्र प्रेषित किए गए, जिनमें से 37 आवेदन पत्रों पर ऋण स्वीकृत कर 22 पत्रावलियों पर ऋण वितरण किया गया, अभी बैंक ऑफ इंडिया में 07, आर्यावृत बैंक में 03 आवेदन पत्र स्वीकृति के बाद भी ऋण वितरण हेतु अवशेष है।
श्री सिंह ने पाया कि एक जनपद-एक उत्पाद योजना में भौतिक लक्ष्य 40 के सापेक्ष 100 आवेदन पत्र बैंकों को प्रेषित किए गए, जिसमें से 30 पत्रावलियों पर ऋण आवेदन पत्र स्वीकृत कर मात्र 19 आवेदन पत्रों पर वितरण की कार्यवाही की गई, इसमें भी आर्यावृत बैंक में 05, बैंक ऑफ इंडिया में 03 एवं पंजाब नेशनल बैंक में 02 आवेदन पत्र स्वीकृति के उपरांत ऋण वितरण शेष है। उन्होंने संबंधित बैंक के शाखा प्रबंधकों निर्देशित करते हुए कहा कि इसी सप्ताह में स्वीकृत पत्रावलियों पर ऋण वितरण करना सुनिश्चित करें। उन्होने समीक्षा के दौरान पाया कि 01 अपै्रल 2021 से अब तक 1136 ऑनलाइन आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनका शत-प्रतिशत निराकरण किया जा चुका है। उन्होंने उद्यमियों से संवाद करते हुए कहा कि किसी भी उद्यमी को उद्योगों के संचालन में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी, सुनिश्चित किया जाएगा। उद्यमियों की प्रत्येक समस्या का सर्वाेच्च प्राथमिकता पर निदान होगा।
बैठक में ईंट भट्टा एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील वर्मा ने बताया कि जनपद में विगत लंबे समय से अन्य जनपदों से अनाधिकृत रूप से लायी जाने वाली ईंटों की बिक्री की जा रही है, जिससे जनपद के ईंट भट्टा स्वामियों को काफी नुकसान हो रहा है साथ ही अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों द्वारा जीएसटी, टैक्स की भी चोरी की जा रही है, अनाधिकृत रूप से ईटों की बिक्री के कारण जनपद के ईट निर्माण व्यवसाय में भारी गिरावट आई है, भट्टा स्वामी रॉयल्टी जमा करने की भी दशा में नहीं है, इस पर उन्होंने व्यापार कर अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि संयुक्त रूप से छापेमारी कर ईंट के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करें, किसी भी दशा में अनाधिकृत बिक्री न हो। उन्होेने कहा कि गैर जनपद से आने वाली ईंटों पर तत्काल कार्यवाही की जाये, जिससे जनपद के ईंट भट्टा संचालकों का अहित न हो और रॉयल्टी की वसूली में सुधार हो।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी श्याम लाल जायसवाल, अधिशासी अभियंता विद्युत, उद्यमी विनय गुप्ता, लक्ष्मी नारायण तापड़िया, घनश्याम दास गुप्ता, के.के. गुप्ता, अजय दुबे, गिरीश गुप्ता, अमित अग्रवाल आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन महाप्रबंधक उद्योग मो. सऊद ने किया।