मैनपुरी 25 नवम्बर, 2023- जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने जिला पोषण समिति की बैठक में उपस्थित बाल विकास परियोजना, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि आपस में सामजंस्य स्थापित कर पूर्व से चिन्हित सैम-मैम बच्चों की बेहतर देखभाल कर उन्हें सुपोषण की श्रेणी में लाना सुनिश्चित करें, सैम-मैम बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराकर उनकी सेहत सुधारी जाए, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा, ए.एन.एम. अपने-अपने क्षेत्र के चिन्हित सैम-मैम बच्चों की सेहत पर पैनी नजर रखें। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के पास अपने-अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं, सैम-मैम बच्चों की अद्यावधिक सूची उपलब्ध रहे, गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं की बेहतर देखभाल की जाए, उन्हें समय से सभी टीके लगाये जाएं, ऑयरन, कैल्शियम की टेबलेट उपलब्ध कराई जाएं, उन्हें पोषण युक्त भोजन खाने के लिए जागरूक किया जाए, समय से आहार मिले ताकि पैदा होने वाले बच्चा सेहतमंद हो। उन्होंने कहा कि यदि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला की बेहतर देखभाल होगी, गर्भवती को बेहतर आहार मिलेगा तो कुपोषण की समस्या से जल्द निजात मिलेगी।
श्री सिंह ने कहा कि विगत दिवस प्रदेश सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत 03-06 वर्ष के बच्चों के लिए हॉट कुक्ड मील योजना प्रारंभ की जा चुकी है, उक्त योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को प्राथमिक विद्यालयों के मीनू के अनुसार ही मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाएगा, इस हेतु प्रति बच्चे पर रू. 08 प्रतिदिन के हिसाब से व्यय होगा, रसोईया को भी 50 पैसे प्रति छात्र के हिसाब से मानदेय का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों से कहा कि ग्राम निधि से तत्काल आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों के लिए बर्तन क्रय करना सुनिश्चित करें, आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को इस योजना का लाभ मिले ताकि आंगनबाड़ी केन्द्रों के पंजीकृत बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाया जा सके। उन्होंने समीक्षा के दौरान पाया की माह अक्टूबर में 19 सैम बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया, भर्ती कराये गये सभी बच्चों की सेहत में सुधार हुआ। उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों, आंगनबाड़ी केन्द्रों की सुपरवाइजर को आदेशित करते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्र के चिन्हित सैम-मैम बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित कर एन.आर.सी. में भर्ती करायें, एन.आर.सी. का कोई भी बेड किसी दिन खाली न रहे, सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने विकासखंड किशनी, करहल, जागीर में संचालित पोषण फैक्ट्री का संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों द्वारा निरीक्षण न किए जाने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों के साथ-साथ जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि नियमित रूप से पोषाहार फैक्ट्री का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें, फैक्ट्री के उत्पादन, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आर.सी. गुप्ता, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. सत्येंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुप्रिया गुप्ता, समस्त खंड विकास अधिकारी, प्र. चिकित्साधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।




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