. जगमग.जगमग करे दिवाली
खुशियां मन भर लाए दीवाली
अपने और पराए का
सब भेद मिटाएं आए दिवाली
मन के सारे अंधकार में
उजियारा भर लाए दिवाली
धर्मए एकता के सूत्रों का
गठबंधन कर आए दिवाली
नए लक्ष्य और नई उमंगें
ज्ञान की जोत जलाए दिवाली
रागए द्वेष और अहं हमारे
धुआं हो जाएं मन से सारे
दुर्गम बाधाओं की आंधी में
बहुरंगे दीप जलाए दिवाली
भटक रहा जो उद्देश्यों से
उसको इसका भान कराए
दीन.दुखी और अबलाओं में
मन.भर खुशियां लाए दिवाली
रात भले हो अमावस की
मुस्काने भर लाए दिवाली
जगमग.जगमग करे दिवाली। कार्तिकेय त्रिपाठी,
विभूति फीचर्स।




Happy diwali🎆
Lovely thought
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