मैनपुरी(सूवि)जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति एवं जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान वन विभाग के अधिकारियों को निर्देर्शित करते हुए कहा कि उप जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर वन क्षेत्र की चिन्हित भूमि को प्राथमिकता पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि वृक्षारोपण अभियान के अन्तर्गत ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों एवं जिला स्तर पर विकसित किये गये ग्राम वन, नंदन वन, आयुष वन की विशेष देखभाल की जाये, खंड विकास अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय नियमित रूप से नंदन वन, ग्राम वन का निरीक्षण करें, आयुष, वन विभाग के अधिकारी विकसित आयुष वन की देखरेख करें, रोपित सभी पौधे विकसित हों, सुनिश्चित किया जाये। उन्होने बैठक में उपस्थित अधिकारियों से कहा कि वृक्षारोपण अभियान के तहत जिन विभागों द्वारा वृहद स्तर पर पौधे रोपित किये गये हैं उनकी देखरेख हुये साइटवार नोडल की तैनाती कर तत्काल सूचना वन विभाग को उपलब्ध करायें, रोपित किये गये पौधों की गुढ़ाई, सिंचाई की समुचित व्यवस्था की जाये, पौधों के रख-रखाव हेतु उपलब्ध बजट का 0.5 प्रतिशत की राशि व्यय करने का प्राविधान शासन स्तर से किया गया है, सम्बन्धित अधिकारी शासनादेश के अनुरूप धनराशि व्यय कर रोपित किये गये पौधों को विकसित करायें।
श्री सिंह ने वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत रोपित किए गए पौधों की जियो टैगिंग अभी तक न किए जाने पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगले 02 दिन में शत-प्रतिशत पौधों की जियो टैगिंग कर रिपोर्ट अपलोड करना सुनिश्चित करें, जानकारी करने पर पाया कि अभी तक परिवहन, पर्यटन विभाग द्वारा मात्र 25 प्रतिशत, आबकारी विभाग द्वारा मात्र 60 प्रतिशत, राजस्व विभाग द्वारा 80 प्रतिशत, कृषि विभाग द्वारा 84 प्रतिशत, पशुपालन विभाग द्वारा 85 प्रतिशत, सहकारिता विभाग द्वारा 86 प्रतिशत, पर्यावरण विभाग द्वारा 93 प्रतिशत, बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 95 प्रतिशत जियो टैगिंग की गई है। उन्होंने उप जिलाधिकारियों से कहा कि जनपद में 1222 हेक्टेयर भूमि वन विभाग के नाम दर्ज है इसके अलावा 197 हे. भूमि का अमल दरामद भी होना है, उप जिलाधिकारी प्राथमिकता पर वन विभाग की भूमि का अमलदरामद कराना सुनिश्चित करें साथ ही वन विभाग की भूमि पर कहीं भी अनाधिकृत कब्जा न रहे, पहाड़पुर, बिरथुआ, अब्दुल नबीपुर में सबसे अधिक भूमि वन विभाग के नाम दर्ज है, इन ग्रामों में उपलब्ध भूमि पर विशेष नजर रखी जाये। उन्होने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि नदी के किनारे वाली जिन ग्राम पंचायतों में गंगा समिति का गठन किया गया है, उन ग्राम पंचायतों में गठित गंगा समिति की बैठक प्रतिमाह अनिवार्य रूप से आयोजित करायी जायें, लोगों को नदी, नालों, नहरों में ठोस अपशिष्ट न डालने के लिए जागरूक किया जाये। उन्होंने उप जिलाधिकारियों से कहा कि नदियों के किनारे बसे, ऐसे ग्रामों जहां ग्राम गंगा समितियांे का गठन किया गया है, उन ग्राम पंचायत में श्मशान हेतु भूमि चिन्हित कर ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी विकास नायक, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, उपायुक्त मनरेगा पी.सी. राम, परियोजना निदेशक डीआरडीए सत्येन्द्र कुमार, उप जिलाधिकारी सदर, करहल, घिरोर अभिषेक कुमार, गोपाल शर्मा, राज कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी क्यामुद्दीन अंसारी, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी पवन यादव, जिला कृषि अधिकारी डॉ. एस.पी. सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी तुलसी राम, जिला पर्यटन अधिकारी प्रदीप टम्टा, समस्त खंड विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
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