मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा के साथ थाना समाधान दिवस के अवसर पर कोतवाली भोगांव में जन-समस्याएं सुनने के दौरान कहा कि सार्वजनिक, निजी भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायतों पर राजस्व, पुलिस विभाग के अधिकारी, कर्मचारी आपस में समन्वय स्थापित कर सार्वजनिक भूमि पर अनाधिकृत कब्जा करने वालों के विरूद्व प्रभावी कार्यवाही करें, किसी भी दशा में कहीं भी सार्वजनिक भूमि यथा चकरोड, विद्यालय की भूमि, खलिहान, चारागाह, खाद के गड्डों, तालाब की भूमि पर अनाधिकृत कब्जा न रहे, सार्वजनिक भूमि से एक बार कब्जा हटवाने के बाद यदि किसी के द्वारा पुनः कब्जा किया जाये तो उन्हें भू-माफिया मंे चिन्हित कर सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करायी जाये। उन्होने कहा कि थाना समाधान दिवस पर प्राप्त शिकायतों पर थाने से ही राजस्व, पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजी जाये, यथासम्भव उसी दिन समस्या का निदान किया जाये ताकि फरियादी को तत्काल राहत मिले, और आमजन के बीच संदेश पहुंचे कि शासन-प्रशासन उनकी शिकायतों के समयबद्ध, गुणवत्तापरक निराकरण के प्रति संवेदनशील है।
जन-शिकायतें सुनने के दौरान जब ग्राम श्योना भोगांव एवं वर्तमान में मो. गढ़ी जदीद नि. बृजेश कुमार सक्सैना ने अपने शिकायती प्रार्थना पत्र के माध्यम से बताया कि राजस्व न्यायालय, उप जिलाधिकारी भोगांव के कुरा बटवारा आदेश के क्रम में धारा-24 के अन्तर्गत खेत की मेड़बंदी की जा चुकी थी, लेकिन मेड़बंदी होने के बाद भी विपक्षीगणों द्वारा खेत की पूरी मेड़ तोड़कर बल-पूर्वक अवैध कब्जा कर लिया, शिकायतकर्ता ने पक्की पैमाइश के बाद पुनः कब्जा करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए धारा-24 के आदेश का अनुपालन कराये जाने की मॉग की, जिस पर उन्होने तहसीलदार भोगांव को टीम गठित कर शिकायत की जॉच कराकर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि धारा-24 के वाद मेड़बंदी के उपरांत यदि किसी के द्वारा मेड़ तोड़ी गयी हो तो उसके विरूद्ध वैद्यानिक कार्यवाही कर शिकायतकर्ता को भूमि पर काबिज कराया जाये।
अधिकारी द्वय ने जन-समस्याएं सुनने के उपरांत प्रभारी निरीक्षक भोगांव को निर्देशित करते हुए कहा कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था सुदृढ़ रहे, अवैध शराब की बिक्री किसी भी दशा में न हो, अवैध शराब में संलिप्त व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाये, महिला उत्पीड़न के प्रकरण में कार्यवाही में किसी भी स्तर पर विलम्ब न हो, सुनिश्चित किया जाये, हिस्ट्रीशीटर की नियमित निगरानी की जाये, उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाये।



