मैनपुरी 09 नवम्बर, 2021- जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने कोविड-19 से बचाव हेतु कराए जा रहे टीकाकरण कार्य की समीक्षा के दौरान समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आज प्रत्येक दशा में खंड विकास अधिकारियों को उनके क्षेत्र में कोविड-19 से बचाव हेतु कराए जा रहे टीकाकरण सत्र में लगे कार्मिकों के नाम, मोबाइल नंबर की सूची, टीकाकरण से अवशेष व्यक्तियों, प्रथम डोज लगवाने वाले लोगों की सूची उपलब्ध कराएं, खंड विकास अधिकारी आज ही अपने-अपने क्षेत्र के सचिवों के साथ बैठक कर उन्हें टीकाकरण करने वाले टीम की जानकारी दें, सचिव, ग्राम प्रधान टीकाकरण सत्र के दौरान टीम का सहयोग कर अपने-अपने क्षेत्र के टीकाकरण से वंचित लोगों का टीकाकरण कराएं। उन्होने कहा कि प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत प्रतिदिन कम से कम 2500 व्यक्तियों का टीकाकरण होना है, सभी एमओआईसी सुनिश्चित करें कि प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति की जाये, टीकाकरण करने वाली टीम समय से उपस्थित होकर टीकाकरण करे, प्रधान, सचिव का सहयोग लेकर क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति का टीकाकरण कराया जाए, जिस ग्राम पंचायत में प्रत्येक व्यक्ति का सबसे पहले टीकाकरण का लक्ष्य पूरा होगा, उस ग्राम पंचायत के प्रधान, सचिव, टीकाकरण करने वाले टीम के सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा।
श्री सिंह ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में टीकाकरण की प्रगति काफी खराब है, सभी संबंधित अधिकारी, कर्मचारी आपस में समन्वय स्थापित कर टीकाकरण की प्रगति सुधारें, जनपद में पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है इसके बावजूद भी लोगों का टीकाकरण नहीं किया जा रहा है। उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिदिन क्लस्टर बनाकर टीकाकरण कराया जाए, स्प्रिट सेशन को भी माइक्रोप्लान में शामिल किया जाए, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अपने-अपने यहां प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट टीकाकरण करने वाली टीमों की समीक्षा कर मुख्य चिकित्साधिकारी को साप्ताहिक रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। उन्होने नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि टीकाकरण के कार्य में किसी भी स्तर पर कोताही, शिथिलता न बरती जाये, प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष लोगों का टीकाकरण किया जाये, यदि किसी स्तर पर लापरवाही बरती गयी या प्रतिदिन लक्ष्य की पूर्ति न हुयी तो प्रभारी चिकित्साधिकारियों जिम्मेदारी तय कर दंडात्मक कार्यवाही होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि कोविड-19 से बचाव हेतु टीकाकरण अभियान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, इसलिए अभियान से जुुड़े सभी अधिकारी, कर्मचारी, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाॅफ पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, खंड विकास अधिकारी, सचिव, अन्य ग्राम स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी टीकाकरण से वंचित लोगों को टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने प्र. चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि अभी भी बुखार का प्रकोप बना हुआ है इसलिए अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्र के अधीन नियमित रूप से छिड़काव, फागिंग की व्यवस्था करें, सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर पैराथ्रम, बीटीआई, मैलेथियम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें, स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं, स्वास्थ्य केंद्र पर साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि गांव-गांव टीम लगाकर पात्र व्यक्तियों के गोल्डन कार्ड बनवाए जाएं, गोल्डन कार्ड धारकों को इंपैनल्ड चिकित्सालयों में जाकर स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने जानकारी करने पर पाया कि अब तक 05 लाख 57 हजार के सापेक्ष मात्र 01 लाख 47 हजार 829 परिवारों के ही गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं जिसमें से मात्र 5226 व्यक्तियों ने ही गोल्डन कार्ड का प्रयोग कर स्वास्थ्य लाभ लिया है, माह सितंबर में 16822 परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाए गए थे लेकिन माह अक्टूबर में यह संख्या घटकर 8818 रह गयी, जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने नोडल अधिकारी से कहा कि प्रभावी कार्यवाही करें, बी.एल.ई. के माध्यम से गांव-गांव कैंप लगाकर शेष पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाए जाएं।
समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पी.पी. सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए केके. सिंह, समस्त प्र. चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी आदि उपस्थित रहे।