मैनपुरी 09 नवम्बर, 2021- संचालित प्रत्येक गौशाला में उपलब्ध दुधारी गाय का डाटा तैयार कर सर्वाेच्च प्राथमिकता पर अति कुपोषित बच्चों के परिवारों को गाय उपलब्ध कराई जाएं, कोई दुधारू गाय गौशाला में न रहे, सहभागिता योजना के तहत पूर्व में उपलब्ध कराई गई गायों का सत्यापन कराकर ही अनुमन्य राशि उपलब्ध कराई जाए, खंड विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की संचालित गौशालाओं का आगामी 03 दिन में पशु चिकित्साधिकारी के साथ भ्रमण कर व्यवस्थाएं देखें, सभी गौशालाओं में पर्याप्त मात्रा में भूसे, चारे की व्यवस्था रहे, सर्दी से बचाव हेतु पर्याप्त इंतजाम रहें। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में स्वीकृत आवासों का गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाएं, चयन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, सामुदायिक शौचालय क्रियाशील रहें, उनकी देख-रेख, सफाई आदि की व्यवस्था नामित स्वयं सहायता समूह द्वारा ही की जाए, सहायक विकास अधिकारी पंचायत अगले 48 घंटों में अपने-अपने क्षेत्र के सभी सामुदायिक शौचालयों, पंचायत घरों का सत्यापन कराएं, 50 प्रतिशत शौचालयों, पंचायत घरों का स्थल पर जाकर स्वयं सत्यापन करें। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूह संचालित रहे, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, मिट्टी के बर्तन बनाने के कार्य से जोड़ा जाए ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मे सुधार हो।
उक्त निर्देश जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने मा. मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान देते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने कार्यों के प्रति सजग रहें, कार्यालय के प्रत्येक पटल के कार्यों की जानकारी रखें, अपने अंदर कार्य क्षमता विकसित करें, 15 दिसंबर तक विभागीय लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों में शिक्षक, स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ समय से उपस्थित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें, सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध रहें, वैक्टर जनित बीमारियों से बचाव हेतु नियमित रूप से शहर से लेकर गांव तक पैराथ्रम का छिड़काव कराया जाए, एंबुलेंस 108, 102 में जीवन रक्षक उपकरण चालू दशा में रहे, एंबुलेंस की सघन मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने परिवार नियोजन की समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद में 1800 नसबंदी लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक मात्र 129 महिला नसबंदी ही हुई है, महिला-पुरुष नसबंदी की प्रगति बेहद खराब पाए जाने पर उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित नसबंदी के लक्ष्यों की पूर्ति करें, होंसला, साझेदारी के तहत प्राइवेट नर्सिंग होम में भी नसबंदी कराई जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों का जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत निरंतर निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित कराएं, निर्माण कार्यों में मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जनपद के निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु सभी खंड विकास अधिकारी अपने-अपने यहां कम से कम 75-75 लाभार्थियों का 20 नवंबर तक चयन कर उनके अभिभावकों को बुलाकर सत्यापन करायें, योजना में किसी भी अपात्र व्यक्ति को लाभान्वित न किया जाए, सत्यापन के उपरांत ही सूची समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने समीक्षा के दौरान जानकारी करने पर पाया कि जनपद में 98 हजार 44 पात्रों को वृद्धावस्था पेंशन, 12 हजार 892 को दिव्यांग पेंशन एवं 26 हजार 977 को निराश्रित महिला पेंशन योजना में लाभान्वित किया जा रहा है, सभी के खातों में द्वितीय की धनराशि भेजी जा चुकी है। उन्होने समीक्षा के दौरान कहा कि पूर्वदशम छात्रवृत्ति हेतु 19 नवम्बर तक एवं दशामोत्तर छात्रवृत्ति हेतु 30 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन फाॅर्म भरे जा सकते हैं, जिन छात्रों द्वारा अभी तक आवेदन नहीं किए गए हैं वह तत्काल छात्रवृत्ति हेतु आवेदन करें, संबंधित विद्यालय समय से ऑनलाइन आवेदन पत्रों को अपने स्तर से फॉरवर्ड करें, इस कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए। उन्होने कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद से 8188 पात्रों का डाटा ऑनलाइन किया गया था जिसके सापेक्ष 8025 के खातों में सीधे शासन स्तर से धनराशि प्रेषित की जा चुकी है।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने कार्यदायी संस्थाओं के परियोजना प्रबंधकों, अधिशासी अभियंताओं से कहा कि निर्माणाधीन कार्यों में समयबद्धता, गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए यदि किसी कार्य में मानकों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित ठेकेदार, अभियंता की जिम्मेदारी होगी। उन्होने श्रम प्रवर्तन अधिकारी को आदेशित करते हुए कहा कि ई-श्रम पोर्टल पर अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण कराया जाये, सभी सम्बन्धित विभाग अपने-अपने निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति करें, जिन योजनाओं में जनपद डी, सी श्रेणी में चल रहा है, सम्बन्धित विभाग के अधिकारी माह के अंत तक अभियान चलाकर उन योजनाओं को बी श्रेणी में लायें। उन्होने मत्स्य निरीक्षक से कहा कि निर्माणाधीन 08 तालाबों की सूची सम्बन्धित खंड विकास अधिकारी को उपलब्ध करायें, खंड विकास अधिकारी निर्माणाधीन तालाबों का सत्यापन करें।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पी.पी. सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी एस.एन. मौर्य, परियोजना निदेशक के.के. सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।