
जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण, मूल्यांकन के कार्य में लापरवाही बरतने पर खंड शिक्षा अधिकारी मैनपुरी, बरनाहल को चेतावनी जारी की जाये- जिलाधिकारी।
मैनपुरी 06 मार्च, 2023- जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति, निपुण भारत, मध्यान्ह भोजन, जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की समीक्षा के दौरान कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि खण्ड शिक्षाधिकारियों द्वारा जनपद में बड़ी संख्या में विद्यालयों के निष्प्रयोज्य होने की रिपोर्ट भेजी है, लेकिन उनके मूल्यांकन, ध्वस्तीकरण एवं मलवे की नीलामी के कार्य में रूचि नहीं ली जा रही है साथ ही विद्यालयों के निष्प्रयोज्य होने की रिपोर्ट भी मानक के अनुसार नहीं दी गयी है, जिसपर उन्होने सम्बन्धित को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन विद्यालयों का ध्वस्तीकरण होना है, उनका सत्यापन मानक के अनुसार गठित कमेटी के माध्यम से कर रिपोर्ट उपलब्ध करायी जाय। उन्होने अधिशाषी अभियंता ग्रामीण अभियंन्त्रण विभाग को आदेशित करते हुये कहा कि मलवे की धनराशि का निर्धारण किसी भी दशा में अधिक न हो, मलवा की धनराशि निर्धारित करते समय मूल्यांकन नियमावली का पालन किया जाये साथ ही फिजीकल स्थिति भी देखी जाये, ताकि नीलामी के समय किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने मूल्यांकन के कार्य में रूचि न लेने, ध्वस्तीकरण की खराब स्थिति पाये जाने पर खण्ड शिक्षाधिकारी मैनपुरी, बरनाहल को चेतावनी जारी करने के भी निर्देश दिये।
श्री सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि जिन विद्यालयों में दिव्यांग बच्चें पंजीकृत हैं, वहां प्राथमिकता पर दिव्यांग शौचालय बनाये जायें, किसी भी विद्यालय में बालक-बालिका शौचालय बनने के लिए शेष न रहे, विद्यालयों की रंगाई-पुताई का कार्य निर्धारित प्रक्रिया के तहत कम्पोजिट ग्रांट से कराया जाये। उन्होने नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन लगभग 20 प्रतिशत शिक्षकों का अवकाश स्वीकृत किया जा रहा है, जिस कारण छात्रों के पठन-पाठन में अनावश्यक विलम्ब हो रहा है। उन्होने खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेशित करते हुये कहा कि अपरिहार्य कारणों में ही शिक्षकों का अवकाश स्वीकृत किया जाये, 10 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों को अवकाश किसी भी दशा में स्वीकृत न किये जाये। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, खंड शिक्षाधिकारी, जिला समन्वयक निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष प्रतिमाह विद्यालयों का निरीक्षण करें, शिक्षक विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण सृजित करें, बच्चों के अभिभावकों से संवाद कर प्रतिदिन विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करें ।
जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान पाया कि ब्लाॅक जागीर, मैनपुरी के 15-15, करहल के 12, कुरावली के 10, बेवर, घिरोर कें 07-07, सुल्तानगंज के 06, किशनी कें 04, बरनाहल के 02 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कार्य संचालित है, जिस पर उन्होने कहा कि विद्यालयों में हो रहे अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाये, अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कार्य का जिम्मा शिक्षकों के ऊपर न छोड़ा जाये, निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी पर जिला समन्वयक निर्माण, सम्बन्धित खंड शिक्षाधिकारी को जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही होगी। उन्होने कहा कि जिन विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कार्य संचालित हैं, उन विद्यालयों का सम्बन्धित खंड विकास कार्यालयों के अवर अभियंताओं या अन्य विभागों के अभियंताओं के माध्यम से स्थलीय निरीक्षण कराकर गुणवत्ता की जांच करायी जाये। उन्होने खंड शिक्षा अधिकारियों, जिला समन्वयक निर्माण से कहा कि जिन विद्यालयों में बाउण्ड्रीवाॅल नहीं है, उन विद्यालयों के आस-पास के सम्भ्रात व्यक्तियों, ईंट भट्टा संचालकों को पे्ररित कर बाउण्ड्रीवाॅल कराने हेतु पे्ररित किया जाये, जिसके द्वारा बाण्ड्रीवाॅल का निर्माण कराये जाये उस व्यक्ति के नाम की पट्टिका बाउण्ड्रीवाॅल पर लगायी जाये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पी.पी. सिंह, डीसी मनरेगा पी.सी. राम, जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी महेन्द्र कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी क्यामुद्दीन अंसारी, परियोजना अधिकारी डूडा आर.के. सिंह, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका लालचन्द भारती, समस्त खंड शिक्षाधिकारी, अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय, खंड विकास अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता ने किया।



