मैनुपरी 07 जनवरी, 2023- संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर तहसील घिरोर में जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह के सम्मुख जब नगला सिकरवार नि. दिव्यांग अरविन्द ने अपने शिकायती प्रार्थना प्रत्र के माध्यम से बताया कि उसे आवास योजना के तहत उपलब्ध कराये गये आवास, खेत की निजी भूमि पर ग्राम के ही दबंग जनवेद, राम प्रकाश द्वारा अनाधिकृत कब्जा कर लिया है, इसे गंभीरता से लेते हुये उन्होने तत्काल मौके से ही पुलिस, क्षेत्रीय लेखपाल को मौके पर भेजकर आवास से अनाधिकृत कब्जा हटवाकर फरियादी को तत्काल राहत प्रदान की, खेत की भूमि की पैमाइश कर वहां से भी अनाधिकृत कब्जा हटवाने हेतु लेखपाल को निर्देशित किया, अटा हरेना नि. राकेश द्वारा अपने शिकायती प्रार्थना पत्र के माध्यम से बताया कि गाटा संख्या-510/.648 हे. के स्थान पर सही रकवा .243 हे. होने के सम्बन्ध में पूर्व में की गयी शिकायत की जांच में मौके पर उक्त गाटा संख्या का रकवा .243 हे. पाया गया लेकिन अभी तक उक्त रकवे को न तो आर.-6 रजिस्टर में अंकित किया गया है और नाहीं भू-माफियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही की गयी है, इस पर भी जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुये मौके पर ही आर.-6 रजिस्टर में रकवे का अंकन कराकर शिकायत का मौके पर ही निराकरण कराया।
श्री सिंह ने अन्य शिकायतकर्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से सुन भूमि सम्बन्धी शिकायतों पर असंतोष व्यक्त करते हुये कहा कि निजी, सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायतें लगातार मिल रहीं है, क्षेत्रीय राजस्व कर्मी सुनिश्चित करायें कि कहीं भी सार्वजनिक भूमि यथा चकरोड़, तालाब, चारागाह, विद्यालय की भूमि पर अवैध कब्जा न रहे, गरीब, कमजोर व्यक्ति की भूमि पर भी कोई दबंग काबिज न रहे, भूमि पर अनाधिकृत कब्जा करने वालों को भू-माफिया में चिन्हित किया जाये, अनाधिकृत कब्जे हटवाने के बाद यदि किसी के द्वारा पुनः कब्जा किया जाये तो उसके विरूद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करायी जाये। उन्होने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि इस दिवस पर प्राप्त शिकायतों का स्वयं संज्ञान लेकर निस्तारण करें, शिकायतों का निस्तारण पूर्ण गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से किया जाये, शिकायतों के निस्तारण में किसी स्तर पर विलंब न हो, सुनिश्चित किया जाये।
जिलाधिकारी ने अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार को निर्देशित करते हुये कहा कि कड़ाके की सर्दी को ध्यान में रख क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों पर निरतंर अलाव जलाये जायें, जहां-जहां रैन बसेरे बने हैं, वहां कोई न कोई न कर्मी उपस्थित रहे, रैन बसेरे में रजाई-गद्दे की समुचित व्यवस्था रहे, संचालित गौ आश्रय स्थल में संरक्षित पशुओं को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाये। उन्होने जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक कार्यदिवस में प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक अपने-अपने कार्यालय में बैठकर जनता की शिकायतें अवश्य सुनें और उनका समय से निराकरण करना सुनिश्चित करें, सभी जिला, तहसील, खंड स्तरीय अधिकारी अपने-अपने तैनाती स्थल पर ही रात्रि विश्राम करें, यदि निरीक्षण के दौरान कोई भी अधिकारी अपने तैनाती स्थल पर रात्रि विश्राम करते न मिला तो उसके विरूद्ध दंडात्मक कार्यवाही होगी।
आज आयोजित सम्पूंर्ण समाधान दिवस के अवसर पर तहसील घिरोर में 31 शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी के सम्मुख शिकायती प्रार्थना पत्रों के माध्यम से अपनी व्यथा दर्ज करायी, जिसमें से 05 शिकायतों का मौके पर निराकरण कर तत्काल फरियादी को राहत प्रदान की, बमरौली नि. विजयपाल सिंह ने निराश्रित मरखने सॉड़ को पकड़वाकर गौशाला में संरक्षित कराये जाने, लखई नि. ऊषा देवी ने राशन कार्ड बनवाये जाने, बमरौली नि. सुदीप, जगतपाल, गोविन्द शाक्य, राम बहादुर, वीरपाल आदि ने चकरोड पर दबंगों द्वारा किये गये अनाधिकृत कब्जे को हटवाने, गोधना नि. गीता देवी ने गाटा संख्या 01-ब से अवैध कब्जा हटवाने, नगला फत्तेखॉ बमरौली नि. कौशल किशोर ने नाबालिग पुत्र के बालिग होने पर उसका नाम बालिग के रूप में भूमि पर दर्ज किये जाने की मांग अपने शिकायती प्रार्थना पत्रों के माध्यम से की जिन्हें सम्बन्धित अधिकारियों को पृष्ठाकिंत कर निस्तारण हेतु उपलब्ध कराया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित, उप जिलाधिकारी घिरोर शिव नारायण, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पी.पी. सिंह, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. के.के. सिंह, तहसीलदार कुरावली कमल कुमार, उप कृषि निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, परियोजना अधिकारी डूडा, जिला कृषि अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण, विद्युत, नहर, नलकूप, जल निगम सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।