मैनपुरी(सुवि)शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप जन-सामान्य की समस्याओं के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निस्तारण के क्रम में चलाए जा रहे ’’मिशन समाधान’’ के तहत जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने आज तहसील भोगांव के ग्राम उद्यमपुर नरैनी पहुँचकर गाटा संख्या-27 से संबंधित विवादित भूमि का स्थलीय निरीक्षण करते हुए राजस्व, पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा विवादित गाटे की वास्तविक भौगोलिक स्थिति, अभिलेखीय साक्ष्यों की समीक्षा की, निरीक्षण के दौरान वादी, प्रतिवादी दोनों पक्षों को की मौजूदगी में उनकी शिकायतों, तर्कों को धैर्यपूर्वक सुन दोनों पक्षों की पारस्परिक सहमति के आधार पर सीमांकन कराकर मेड़बंदी कराई, जिससे लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद का मौके पर ही स्थायी समाधान सुनिश्चित हुआ, स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि काश्तकारों द्वारा आपसी खींचतान के कारण खेत की मेड़ को सीधा रखने के बजाय अनावश्यक रूप से टेढ़ा-मेढ़ा, सर्पाकार बना दिया गया था, जिसके चलते दोनों पक्षों के मध्य आये दिन विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही थी, जिस पर उन्होने उपस्थित लेखपाल, कानूनगो को निर्देशित करते हुए कहा कि खेतों की मेड़ कभी भी टेढ़ी-मेढ़ी या सर्पाकार नहीं हो सकती, दोनों पक्षों के रकबे की पैमाइश की जाए, सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी किसान का रकबा उसके मूल अभिलेखीय क्षेत्रफल से कम न हो, इसके पश्चात दोनों पक्षों की रजामंदी से मौके पर तत्काल चूना, रस्सी और झंडी मंगवाकर सीध में सही सीमांकन कराया तथा ट्रैक्टर, हैरो की सहायता से मेड़ को पूर्णतः सीधा व समतल करवाकर सीमा तय कराई।
श्री त्रिपाठी ने निरीक्षण के दौरान ग्राम में सार्वजनिक आवागमन के लिए बने चकरोड के बाधित होने तथा उस पर अवैध अतिक्रमण का मामले का भी संज्ञान लेते हुए निर्देश दिये कि चकरोड शासकीय संपत्ति है, यह आम-जनता की निर्बाध आवाजाही की सुविधा के लिए आरक्षित है, जिस पर किसी भी व्यक्ति का निजी अधिकार, कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने राजस्व टीम को निर्देशित किया कि चकरोड की पैमाइश कर उसके प्रारंभिक बिंदु से लेकर मुख्य मार्ग तक की पूरी सीमा का चिन्हांकन किया जाए, जहाँ भी अतिक्रमण पाया जाए, उसे तत्काल प्रभाव से हटवाकर मार्ग को जन-सामान्य के उपयोग हेतु पूरी तरह खाली कराया जाए। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष एक ही गाँव, परिवार के सदस्य हैं, ऐसे में छोटी-छोटी सीमाओं, जमीन के मामूली टुकड़ों को लेकर आपस में बैर पालना बुद्धिमानी नहीं है। उन्होंने दोनों पक्षों को प्रेरित करते हुए कहा कि जमीन हमेशा इसी धरती पर रह जाती है, कोई भी व्यक्ति इसे अपने साथ लेकर नहीं जाता, किसानों को अपनी ऊर्जा, समय, मेहनत को अनावश्यक मुकदमों व लड़ाई-झगड़ों में व्यर्थ गंवाने के बजाय अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवार की आर्थिक उन्नति में लगायें। उन्होने मौके पर उपस्थित उप निरीक्षक, पुलिस बल को निर्देशित किया कि पैमाइश, मेड़बंदी की संपूर्ण प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाए यदि कोई भी शरारती तत्व निर्धारित की गई मेड़ को नुकसान पहुँचाने, सीमा से छेड़छाड़ करने अथवा शांति व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास करे तो उसके विरुद्ध तत्काल सुसंगत धाराओं में वैधानिक कार्यवाही की जाये।
इस दौरान उप जिलाधिकारी भोगांव पीयूष कुमार जायसवाल, आई.जी.आर. एस. प्रभारी अनुज कुमार, क्षेत्रीय लेखपाल अंकित आदि उपस्थित रहे।



