मैनपुरी(सुवि)मुख्यमंत्री उ.प्र. शासन योगी आदित्यनाथ द्वारा उचित दर विक्रेताओं के लाभांश वृद्धि का उपहार एवं सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत ई-पॉश आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली के शुभारंभ का सजीव प्रसारण जनपद की समस्त विधान सभाओं में किया गया, विधानसभा सदर में जिलाध्यक्ष ममता राजपूत, विधानसभा भोगांव में विधायक भोगांव रामनरेश अग्निहोत्री, विधानसभा करहल मंे अनुजेश प्रताप यादव एवं विधानसभा क्षेत्र किशनी में पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किये गये। तहसील करहल के सभागार में उपस्थित उचित दर विक्रेताओं को संबोधित करते हुए विधानसभा क्षेत्र करहल के पूर्व प्रत्याशी अनुजेश प्रताप सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल से केन्द्र-प्रदेश सरकार राशन कार्ड धारकों को प्रतिमाह निःशुक्ल खाद्यान्न उपलब्ध करा रही है, सरकार द्वारा निर्धारित मात्रा में पात्र तक खाद्यान्न पहुॅचाने की जिम्मेदारी आप सबके ऊपर है, आप पूरी निष्ठा, ईमानदारी के साथ कार्ड धारकों को निर्धारित मात्रा में समय से खाद्यान्न मुहैया करायें। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने आप सबकी समस्याओं को दृष्टिगत रख लाभांश में वृद्धि की गयी है साथ ही आपको अन्नपूर्णां योजना के अन्तर्गत पक्की दुकानों को निर्माण कराकर उपलब्ध कराया गया है ताकि आप राशन वितरण के उपरांत दुकान से अन्य सामग्री की बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।

भोगांव में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विधायक भोगांव राम नरेश अग्निहोत्री ने कहा कि उचित दर विक्रेता गरीबों की थाली तक अन्न पहुंचाने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, आपके ऊपर गरीब व्यक्ति को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है, आप समय से राशन कार्ड धारकों को निःशुक्ल खाद्यान्न उपलब्ध करायें ताकि कोई भी गरीब व्यक्ति भूखा न सोए। उन्होने कहा कि केन्द्र-प्रदेश सरकार मिशन अन्त्योदय के अन्तर्गत समाज के निचले पायदान के व्यक्ति तक संचालित योजनाओं का लाभ पहॅुचाने के लिए प्रतिबद्ध है, केन्द्र-प्रदेश सरकार की संचालित योजनाओं का लाभ बिना किसी भेद-भाव के समाज के प्रत्येक वर्ग के पात्र व्यक्ति को मिल रहा है। कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने कहा कि आज से उचित दर विक्रेताओं को नई पहचान, जिम्मेदारी मिली है, अब वह केवल कोटेदार के रूप में नहीं बल्कि अन्नपूर्णा केंद्र संचालक के रूप में जाने जाएंगे, सरकार ने उनकी प्रोत्साहन राशि रू. 90 से बढ़ाकर रू 125 प्रति कुंतल कर दी है, जो गेहूं, चावल दोनों के वितरण पर लागू होगी इसके साथ ही अन्नपूर्णा केंद्रों पर दैनिक जरूरत की अन्य वस्तुएं रखने की सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा केंद्र संचालकों के कंधों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, उनका दायित्व है कि सरकार की खाद्यान्न योजना का लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचे और किसी भी अपात्र व्यक्ति को इसका लाभ न मिले, जो लोग वास्तव में गरीब, जरूरतमंद, मजदूर या आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उन्हें पूरी ईमानदारी से निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि नाप-तौल में किसी प्रकार की कमी या हेरा-फेरी न हो, जिस माप के अनुसार राशन देना है, उसका पात्र भी सही हो, लाभार्थी को पूरा राशन मिले सुनिश्चित किया जाये। उन्होने कहा कि पहले कई स्थानों पर घरों या ऐसे स्थानों से राशन का वितरण होता था जहां सीलन आदि के कारण खाद्यान्न के खराब होने की आशंका रहती थी, अब अन्नपूर्णा केंद्रों के लिए पक्के और व्यवस्थित भवन बनाए जा रहे हैं, जिससे खाद्यान्न का सुरक्षित भंडारण और वितरण संभव होगा। किशनी में कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के उपरांत पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान ने कहा कि आज प्रदेश में लगभग 78 हजार उचित दर विक्रेताओं के लाभांश को रू. 90 से बढ़ाकर अब रू. 125 प्रति कुंतल किया गया है इसके अलावा डोर-स्टेप डिलीवरी के माध्यम से राशन उचित दर दुकानों तक पहुंचाया जा रहा है, अन्नपूर्णा भवन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, ई-पॉश मशीन के माध्यम से वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, सरकार ने उचित दर विक्रेताओं के काम को सुगम बनाने के साथ उनकी आय, सम्मान का भी ध्यान रखा है।

जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने उचित दर विक्रेताओं से कहा कि सरकार गरीब, वंचित, शोषित और जरूरतमंद परिवारों तक निःशुल्क खाद्यान्न पहुंचाने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है, उचित दर विक्रेता इस व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं इसलिए उनका दायित्व केवल राशन का वितरण करना नहीं बल्कि प्रत्येक पात्र परिवार तक उसका हक का अन्न सम्मान और मानवीय संवेदना के साथ पहुंचाना भी है। उन्होनेे कहा कि अन्न का दान सबसे बड़ा दान माना गया है, किसान खेत में अन्न पैदा करता है और उचित दर विक्रेता उसी अन्न को गरीब की थाली तक पहुंचाने का कार्य करता है, इस दृष्टि से उचित दर विक्रेता भी अन्नदाता की भूमिका निभा रहे हैं, सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति भूखा न सोए, प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को समय से उसका खाद्यान्न उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि पहले राशन वितरण व्यवस्था में उचित दर विक्रेताओं के सामने कई व्यावहारिक समस्याएं रहती थीं, उन्हें खाद्यान्न की व्यवस्था करने, लाभार्थियों द्वारा पूरा राशन न उठाने तथा शेष खाद्यान्न के संबंध में परेशानियों का सामना करना पड़ता था, कई बार ईमानदारी से काम करने वाले विक्रेता भी ऐसी परिस्थितियों में कठिनाई में पड़ जाते थे, अब व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है, सिंगल स्टेज, डोर-स्टेप डिलीवरी, ई-पॉश मशीन, कैरी फॉरवर्ड और तकनीक आधारित निगरानी ने व्यवस्था को पहले से अधिक सरल और पारदर्शी बनाया है। उन्होंने कोटा डीलर से कहा कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर राशन वितरण के दौरान राशन कार्ड धारकों के बैठने, पीने के पानी की व्यवस्था करें, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दी जाए यदि किसी दुकान पर लोग लाइन में खड़े हैं और कोई बुजुर्ग, महिला या दिव्यांग व्यक्ति लंबे समय से अपनी बारी का इंतजार कर रहा है तो उसे पहले राशन उपलब्ध कराया जाए।

डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि पहले तहसील दिवस और अन्य शिकायत निवारण मंचों पर राशन वितरण से संबंधित शिकायतें बड़ी संख्या में प्राप्त होती थीं, कई अवसरों पर कुल शिकायतों में 40-50 प्रतिशत तक शिकायतें राशन वितरण व्यवस्था से जुड़ी होती थीं, अब स्थिति में बड़ा बदलाव आया है और ऐसी शिकायतें एक प्रतिशत से भी कम रह गई हैं, यह उपलब्धि पारदर्शी व्यवस्था के साथ-साथ उचित दर विक्रेताओं के बेहतर कार्य का भी परिणाम है। उन्होंने कहा कि उचित दर विक्रेता की भूमिका अब एक प्रकार से डाकघर की तरह है, सरकार की ओर से जो खाद्यान्न भेजा गया है, उसे बिना किसी कटौती, अनियमितता के सही लाभार्थी तक पहुंचाना है, जिस व्यक्ति का जितना हक है, उसे उतना ही खाद्यान्न मिलना चाहिए, सरकार गरीबों के कल्याण के लिए संसाधन उपलब्ध करा रही है और प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होने कहा कि ‘रोटी, कपड़ा और मकान’ में रोटी मनुष्य की सबसे मूल-भूत आवश्यकता है, गरीब की थाली में रोटी पहुंचाने में उचित दर विक्रेताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है यदि किसी परिवार को समय से खाद्यान्न मिल जाता है तो उसके जीवन की बड़ी चिंता दूर होती है, इसलिए इस कार्य को केवल व्यवसाय न मानकर जनसेवा के रूप में लिया जाना चाहिए।

इस दौरान उप जिलाधिकारी सदर, करहल, श्याम प्रताप सिंह, सुनिष्ठा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा, पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार श्रीवास्तव, अमर सिंह के अलावा पूर्व जिलाध्यक्ष अरविन्द तोमर, जिला कोषाध्यक्ष डॉ. विमल पाण्डेय, जिला उपाध्यक्ष पंकज भदौरिया, जिला महामंत्री हरीओम दुबे, सुमित चौहान, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि विशाल बाल्मीकि, कल्पेन्द्र भारती, बड़ी संख्या में कोटा डीलर, प्रधान आदि उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here