मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए जननी सुरक्षा योजना में जनपद प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि निरंतर समीक्षा और प्रभावी कार्य-योजना के माध्यम से अगले 01-02 माह में जनपद को प्रदेश में प्रथम स्थान पर लाने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाएं। उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारियों से कहा कि जननी सुरक्षा योजना की प्रगति को बनाए रखने के साथ उसमें और सुधार किया जाए, सभी क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की समय से पहचान, पंजीकरण एवं ट्रैकिंग सुनिश्चित हो तथा उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, गर्भवती महिलाओं, उनके परिजनों को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया जाए ताकि प्रत्येक प्रसव सुरक्षित वातावरण में हो, समीक्षा के दौरान गत् माह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घिरोर क्षेत्र में 03 तथा स्वास्थ्य केंद्र बेवर के अंतर्गत 01 घरेलू प्रसव का मामला सामने आने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि घरेलू प्रसव के मामले ट्रैकिंग व्यवस्था में लापरवाही का परिणाम हैं। उन्होने लापरवाही बरतने वाली आशाओं की सेवाएं समाप्त करने तथा संबंधित ए.एन.एम. के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करने के निर्देश दिये।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि जनपद में सभी प्रसव संस्थागत और सुरक्षित हो, गर्भावस्था के दौरान ही प्रत्येक गर्भवती महिला की निरंतर निगरानी की जाए और समय से जांच एवं उपचार उपलब्ध कराया जाए, पात्र गर्भवती महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ समय से दिलाया जाए, किसी भी स्तर पर पात्र लाभार्थी वंचित न रहे, बैठक में गत् माह सामने आए 03 मातृ मृत्यु के मामलों की समीक्षा करते हुए नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इन प्रकरणों का समय से ऑडिट नहीं कराया गया। उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारी घिरोर, बेवर एवं सुल्तानगंज को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन अस्पतालों में लापरवाही के कारण मैटरनल डेथ हुई है, उनकी जांच कराई जाए, लापरवाही पाये जाने पर संबंधित चिकित्सालय संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने, चिकित्सालय को सीज करने तथा पंजीकरण निरस्त करने की कार्यवाही की जाए। उन्होने प्र. चिकित्साधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित निजी चिकित्सालयों की नियमित जांच कराने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में अनधिकृत रूप से चिकित्सालय संचालित न हो, बिना आवश्यक पंजीकरण, अनुमति के संचालित पाए जाने वाले चिकित्सालयों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाए, समीक्षा के दौरान डॉ. शादाब फारुकी के कई माह से चिकित्सा अवकाश पर रहने की जानकारी मिलने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए संबंधित चिकित्सक के लंबे समय से अनधिकृत रूप से चिकित्सा अवकाश पर रहने के संबंध में स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजने के निर्देश दिए ताकि नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।
जिलाधिकारी ने जन औषधि केंद्रों के संचालन की जानकारी करने पर पाया कि जिला चिकित्सालय में स्थापित जन औषधि केंद्र रात्रि 12 बजे तक तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संचालित केंद्र सायं 04 बजे तक खुले रहते हैं, जिस पर उन्होने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थापित जन औषधि केंद्रों को शाम 06 बजे तक संचालित कराने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को आवश्यकतानुसार सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होने नियमित टीकाकरण की समीक्षा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरनाहार, कुरावली एवं करहल की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर संबंधित प्र. चिकित्साधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि टीकाकरण की प्रगति में तत्काल सुधार किया जाए, कोई भी लक्षित बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे, स्वास्थ्य विभाग घर-घर संपर्क, प्रभावी ट्रैकिंग के माध्यम से सभी पात्र बच्चों की पहचान कर उनका समय से टीकाकरण सुनिश्चित करें, जिससे उन्हें गंभीर बीमारियों से प्रतिरक्षित किया जा सके। उन्होने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि उसका लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी करने, कम प्रगति वाले कार्यक्रमों की पहचान कर तत्काल सुधार कराने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी ने निःक्षय पोषण योजना अंतर्गत क्षय रोग से ग्रसित विनीता देवी, रूबी, रुखसाना, सीताराम, सुनीता, शिवानी, राजेन्द्र, कृष्ण, गुड्डी बेगम, रिंकू चौहान, विशाल चौहान, विशेष राजपूत, श्वेता राजपूत, रोशनी माथुर, श्वेता, प्रियंाक, पल्लवी, शिव प्रताप, धीरज, राधा आदि को पोषण किट उपलब्ध कराई। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, परियोजना निदेशक शोभनाथ चौरसिया, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. राज सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनिल वर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डा. आशुतोष, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. हिलाल अहमद, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविंद्र सिंह गौर, डी.पी.एम. संजीव, समस्त प्र. चिकित्साधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुरेन्द्र कुमार ने किया।



