मैनपुरी(सुवि)जनपद में जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के उत्थान तथा पर्यावरण संरक्षण के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए., जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दिव्यांगजन, विमुक्त एवं घुमंतू जातियों के परिवारों को आवास योजना में शत-प्रतिशत लाभान्वित कराया जाये, मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ पाने से कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे, पात्रों के चिन्हांकन हेतु आगामी 15 दिन विशेष अभियान चलाया जाए, अभियान के दौरान सभी विकास खण्डों, ग्राम पंचायतों में सर्वेक्षण कर ऐसे दिव्यांगजनों की पहचान की जाए, जिनके पास स्वयं का आवास नहीं है अथवा जो आवासीय सुविधा से वंचित हैं। उन्होने आदेशित करते हुए कहा कि जनपद का कोई भी पात्र दिव्यांग व्यक्ति आवास योजना के लाभ से वंचित न रहे, शत-प्रतिशत पात्र दिव्यांगजनों को आवास उपलब्ध कराया जाए। उन्होने कहा कि विमुक्त एवं घुमंतू जातियों यथा बंजारा, नट, सपेरा, बहेलिया एवं अन्य घुमंतू समुदायों के परिवारों, जिनके पास स्थायी आवास उपलब्ध नहीं है अथवा जो आवासहीन जीवन व्यतीत कर रहे हैं, का भी आगामी 15 दिनों के भीतर चिन्हित किया जाए, सर्वेक्षण पूर्ण होने के उपरांत सभी पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना अथवा अन्य उपयुक्त योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जाए, मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जनपद में एक विशेष क्लस्टर विकसित किया जाये, पात्र लाभार्थियों को समूहबद्ध तरीके से आवास उपलब्ध कराने के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करते हुए कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे योजना का प्रभावी एवं व्यवस्थित क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि समाज के सबसे कमजोर और वंचित वर्गों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च जिम्मेदारी है।

श्री त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत चयनित 17066 परिवारों की ग्राम पंचायतवार डिजिटल डायरी आगामी 15 दिनों के भीतर तैयार कर प्रस्तुत की जाए, डिजिटल डायरी में प्रत्येक लाभार्थी का पूर्ण विवरण, आवास निर्माण की स्थिति, भू-स्थानिक जानकारी तथा आवश्यक अभिलेख सम्मिलित किए जाएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल डायरी प्राप्त होने के उपरांत जनपद के 50 अधिकारियों को आवास योजना के लाभार्थियों का स्थलीय सत्यापन करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, सत्यापन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजना का लाभ वास्तविक एवं पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी ढंग से पहुंच रहा है। उन्होने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आगामी वन महोत्सव में प्रत्येक विकास खंड में 03 से 05 बड़े पैच चिन्हित किए जाएं, प्रत्येक पैच में 10 हजार पौधों का रोपण कराया जाए इसके लिए पूर्व से ही भूमि चयन, गड्ढा खुदाई, पौधों की उपलब्धता तथा सिंचाई व्यवस्था की कार्ययोजना तैयार की जाए, पौधों के संरक्षण के कार्य में स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, समूहों के माध्यम से पौधों की देखभाल, संरक्षण एवं निगरानी की व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे वृक्षारोपण अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर उनके संरक्षण एवं संवर्धन का भी सफल मॉडल बन सके, वन महोत्सव के दौरान जनपद के विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, अमृत सरोवरों, सार्वजनिक स्थलों, सरकारी परिसरों, सड़क किनारों तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाए, सभी विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधरोपण एवं पौध संरक्षण सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, परियोजना निदेशक शोभनाथ चौरसिया, जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार मिश्र, प्र. जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश बघेल, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम के अलावा समस्त खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत आदि उपस्थित रहे।



