मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने जिला अनुश्रवण समिति एवं जनपद स्तरीय टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक में कहा कि पीएम पोषण, मिड-डे मील योजनाओं में स्वयं सहायता समूहों की सहभागिता सुनिश्चित की जाये, पी.एम. पोषण एवं मिड-डे मील योजना की आपूर्ति व्यवस्था को स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से जोड़कर महिला सशक्तिकरण का प्रभावी मॉडल विकसित किया जाये, विद्यालयों में उपयोग होने वाली दाल, तेल, मसाले, सब्जियां, फल, दूध, चना एवं अन्य खाद्य सामग्री की आपूर्ति यदि स्वयं सहायता समूहों अथवा ग्राम संगठनों (वीओ) के माध्यम से कराई जाए तो बच्चों को ताजा एवं गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध होगी साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्व-रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, पी.एम. पोषण एवं मिड-डे मील योजनाओं पर प्रतिवर्ष लगभग रू. 07 करोड़ से अधिक की धनराशि व्यय होती है यदि इस व्यवस्था में स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित होती है तो बड़ी संख्या में महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, इस आर्थिक गतिविधि से जुड़कर अनेक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी, डी.सी. एन.आर.एल.एम. से कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से खाद्य सामग्री आपूर्ति की कार्य-योजना तैयार की जाए, प्रारंभिक चरण में चयनित विद्यालयों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस व्यवस्था को लागू किया जाये, सफलता मिलने पर इसे पूरे जनपद में विस्तारित किया जाएगा।

श्री त्रिपाठी ने विद्यालयों की रंगाई-पुताई, स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया कि अवकाश अवधि में विद्यालयों में उपलब्ध धनराशि का उपयोग कर आवश्यक मरम्मत, सौंदर्यीकरण कार्य पूर्ण कराया जाए, नई बाउंड्रीवॉल पर शैक्षिक, प्रेरणादायी चित्रकारी करायी जाये। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र के जिन विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल, शौचालय, अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव हो ऐसे विद्यालयों की सूची उपलब्ध करायी जाये, इन विद्यालयों के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी साथ ही नगर क्षेत्र के चयनित 05 विद्यालयों को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित किया जायेगा, आवश्यकता पड़ने पर इन विद्यालयों के विकास पर विशेष धनराशि व्यय कर उन्हें आदर्श विद्यालय बनाया जाएगा। उन्होंने खण्ड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में नियमित निरीक्षण, सपोर्टिव सुपरविजन, ऑपरेशन कायाकल्प के मानकों की सतत निगरानी की जाए, जहां भी कार्य अधूरे हैं, उन्हें समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाए, प्रत्येक विद्यालय को स्वच्छ, सुरक्षित, आकर्षक एवं बच्चों के अनुकूल बनाने की दिशा में कार्य किया जाये। निपुण भारत मिशन की समीक्षा के दौरान पाया कि 1023 विद्यालयों का ऑकलन किया गया, जिसमें 510 विद्यालय निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए, जिस पर उन्होंने वर्तमान रैंकिंग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार लाने के लिए ब्लॉकवार कार्य-योजना तैयार कर प्रभावी कार्यवाही की जाए, कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाया जाये।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता, वरिष्ठ कोषाधिकारी मनोज यादव, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. सतेन्द्र सिंह, प्राचार्य डायट विजय कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी राजेश बघेल, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका बुद्वि प्रकाश, खण्ड विकास अधिकारी, खण्ड शिक्षाधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता ने किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here