मैनपुरी(सुवि)”मिशन समाधान’’ एक अभियान नहीं बल्कि लंबे समय से लंबित भूमि विवादों को दोनों पक्षों की मौजूदगी में आपसी सहमति से निस्तारित किए जाने का सबसे आसान तरीका है, विगत आयोजित समाधान दिवसों में आपसी सहमति से सैकड़ो विवादों का निस्तारण कराया जा चुका है, ग्रामसभा की हजारों बीघा भूमि अतिक्रमण-मुक्त कराई जा चुकी है, बरसों पूर्व आवंटित पट्टों पर जो पट्टेदार काबिज नहीं थे, उन्हें ’’मिशन समाधान’’ के दौरान काबिज कराया गया है, जिलाधिकारी की इस अनूठी पहल से लंबे समय से पीड़ित व्यक्तियों को राहत मिल रही है। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देशन में प्रत्येक गुरुवार को आयोजित होने वाला ’’मिशन समाधान’’ गुरुवार को अवकाश होने के फलस्वरुप आज आयोजित किया गया, प्रत्येक तहसील में 04-04 टीमों द्वारा चिन्हित 245 प्रकरणों को आपसी समझौते के आधार पर निस्तारित कराया गया, आज ’’मिशन समाधान’’ में अधिकांश प्रकरण दोनों पक्षों की मौजूदगी में दोनों की सहमति के आधार पर निस्तारित किये गये। जिलाधिकारी ने ’’मिशन समाधान’’ के तहत तहसील घिरोर के ग्राम गोधना, अकबरपुर औंछा में राजस्व, पुलिस की टीम द्वारा किये जा रहे अबैध कब्जों की शिकायतों के निस्तारण का मौके पर जाकर जायजा लेते हुए कहा कि ग्रामसभा की भूमि को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित किया जाए, सरकारी भूमि किसी भी स्थिति में अवैध कब्जे, विवाद का विषय नहीं बननी चाहिए, पहले सरकारी भूमि का सीमांकन, संरक्षण सुनिश्चित किया जाए उसके बाद निजी पक्षों के बीच स्वामित्व, बंटवारे से संबंधित मामलों का नियमानुसार निस्तारण कराया जाए, जिन मामलों में धारा 30(2) अथवा अन्य राजस्व कार्यवाही आवश्यक हो, उन्हें पृथक रूप से आगे बढ़ाया जाए। उन्हांेने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित विवादों का मूल कारण सरकारी, निजी भूमि का स्पष्ट सीमांकन न होना है, पिछले डेढ़ माह से केवल अभिलेखों का परीक्षण किया जा रहा है जबकि समाधान की दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, सरकारी भूमि, विद्यालय, सड़क, विद्युत उपकेंद्र, ग्रामसभा की अन्य परिसंपत्तियों का स्पष्ट, पृथक लेखा-जोखा तैयार कर 01 सप्ताह के भीतर प्रस्तुत किया जाए, राजस्व अभिलेखों में यदि किसी भूमि पर विद्यालय, सड़क या विद्युत उपकेंद्र स्थापित है, तो उसका सही अभिलेखीकरण कराया जाए यदि विद्युत उपकेंद्र अथवा सड़क का क्षेत्रफल अभी तक अलग से दर्ज नहीं है तो नियमानुसार उसका पुनर्गठन कर संबंधित विभागों के नाम दर्ज कराया जाए। अकबरपुर औंछा में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विभिन्न गाटा संख्याओं में पूर्व में बिक्री, निर्माण कार्य किए गए हैं, जबकि कुछ भू-भागों पर कब्जे, सीमांकन को लेकर विवाद बना हुआ है, जिस पर उन्होने मौके पर मौजूद राजस्व टीम को निर्देशित किया कि सभी संबंधित पक्षों की उपस्थिति में वास्तविक स्थिति के अनुसार सीमांकन कर मेड़बंदी कराई जाए, विवादित भूमि का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिन पक्षकारों की उपस्थिति आवश्यक है, उन्हें दूरभाष के माध्यम से सूचना देकर अभिलेखों में उसका उल्लेख किया जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

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श्री त्रिपाठी ने कहा कि एक गांव में 05-05 प्रकरण लंबित रहने की स्थिति स्वीकार्य नहीं है, प्रत्येक टीम 01 दिन में कम से कम 10-10 प्रकरणों का निस्तारण करें, सुनिश्चित किया जाये। उन्होने कहा कि भूमि विवादों में आरोप-प्रत्यारोप से प्रभावित हुए बिना अधिकारियों को तथ्यों, अभिलेखों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए, भूमि का क्षेत्रफल न बढ़ सकता है और न घट सकता है इसलिए वास्तविक स्थिति का निर्धारण अभिलेखों और मौके की पैमाइश के आधार पर ही किया जाए। उन्होने कहा कि ’’मिशन समाधान’’ का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से लंबित भूमि विवादों का स्थानीय स्तर पर समाधान कर आमजन को राहत प्रदान करना है, भूमि विवाद अनेक बार सामाजिक तनाव, पारिवारिक कलह, कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याओं का कारण बनते हैं, ऐसे में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्यवाही से इन विवादों का समयबद्ध, स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है, जिन मामलों में आपसी सहमति एवं सुलह की संभावना हो, उनमें दोनों पक्षों को विश्वास में लेकर समझौते के आधार पर विवाद का निस्तारण कराया जाए, जो भी प्रकरण निस्तारित किये जाएं, उन प्रकरणों में दोनों पक्षों की उपस्थिति अवश्य सुनिश्चित करायी जाये और कृत-कार्यवाही पर दोनों पक्षों के हस्ताक्षर कराए जाएं, किसी प्रकार का पक्का निर्माण न हटाया जाए, उसे नियमानुसार ही हटाया जाए, स्पॉट मेमो पर दोनों पक्षों की नाप पर सहमति के हस्ताक्षर अवश्य कराए, पट्टेदारों को कब्जा दिलाने पर दखलनामा अवश्य बनाया जाये, किसी भी स्थिति में पक्षपात पूर्ण, अधूरी कार्यवाही न की जाए तथा निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ग्रामसभा के अवैध कब्जे के प्रकरणों में नाप के तुरंत बाद मनरेगा से ग्राम पंचायत द्वारा कार्य प्रारंभ कराया जाए, जिसका पर्यवेक्षण उपायुक्त मनरेगा एवं सम्बन्धित खंड विकास अधिकारी द्वारा किया जाए।

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आज आयोजित मिशन समाधान में तहसील करहल के राजस्व ग्राम नगला मदारी के गाटा संख्या-152 के पट्टेदार राजपाल सिंह पुत्र होरीलाल को 26 वर्ष पहले हुए आवंटन पर कब्जा दिलाया गया, ग्राम अंडनी में 50 साल बाद पट्टे धारक को पट्टा दिलवाया गया, ग्राम मद्रावली में चारागाह की भूमि को सीमाकिंत करते हुए अतिक्रमण-मुक्त, ग्राम नगला मदारी में चकमार्ग संख्या-168 को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, ग्राम गोधना में शिकायकर्ता उमेश गुप्ता के गाटा संख्या-357 पर समझौते के आधार पर निस्तारण, ग्राम बसित में गाटा संख्या-807 का चिन्हांकन कराकर आपसी सहमति से निस्तारण, ग्राम पतरापुर में आवेदक कप्तान सिंह के प्रार्थना पत्र, ग्राम औंग में खलियान, तालाब की भूमि के अतिक्रमण, ग्राम अरसारा में गाटा संख्या-1338, 1018 का सीमांकन, तालाब की जमीन का सीमांकन, ग्राम ज्योति में पट्टे धारक राकेश कुमार को पट्टे की भूमि पर कब्जा, ग्राम बरियापुर भाग ज्योति देहात में पट्टे धारक कमलेश को कब्जा दिलाया गया तथा भूदान की 0.405 हे. से अवैध कब्जा हटाये जाने, ग्राम मुधौसी में ग्रामसभा की भूमि से अवैध कब्जा हटवाया, पट्टेदार की भूमि चिन्हित की गयी, ग्राम चौराईपुर में अजीत कुमार के प्रर्थना पत्र पर गाटा संख्या-1651 से अवैध निर्माण हटवाया गया, ग्राम सिंहपुर में ग्राम समाज की भूमि को कब्जामुक्त, ग्राम जरामई में निजी भूमि विवाद का निस्तारण, चकबंदी के समय से पूर्णतः बंद चकमार्ग की पैमाइश कराकर अतिक्रमण मुक्त कराया गया, नगला सिकरवार घिरोर खास में शिकायतकर्ता जिलेदार सिंह के गाटा संख्या-270 पर कब्जा दिलाने, ग्राम सिंहपुर में 40 वर्षों से अतिक्रमित चकमार्ग को चिन्हांकित कर कब्जामुक्त कराने, ग्राम फूलपुर में खेल के मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराये जाने की कार्यवाही की गयी, आज समस्त तहसीलों में पुलिस, राजस्व की 24 संयुक्त टीमें गठित कर चिन्हित किये गये, तहसील सदर के 57, भोगांव के 32, किशनी के 37, करहल के 54, कुरावली के 40 तथा घिरोर के 25 कुल 245 प्रकरणों में मौके पर उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार, प्रभारी निरीक्षक, नायब तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी के साथ लेखपाल एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने चिन्हित प्रकरणों में मौके पर जाकर कार्यवाही की गयी।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी घिरोर अंजली सिंह, तहसीलदार, राजस्व, पुलिस की संयुक्त टीम, क्षेत्रीय लेखपाल, बड़ी संख्या में ग्रामीण आदि उपस्थित रहे।

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