मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा के दौरान बैंकर्स, विद्युत, नेडा विभाग के अधिकारियों एवं सोलर एनर्जी के वेंडर से कहा कि समय की मांग को देखते हुए सोलर स्थापना की प्रगति सुधारें, बैंकर्स, विद्युत, नेडा एवं वेंडर आपस में समन्वय स्थापित कर तत्काल पत्रावलियों को स्वीकृत कराकर लोगों के यहां सोलर पैनल की स्थापना करायें, अधिशासी ) विद्युत जिन लोगों के नाम संशोधित होने हैं, उन्हें प्राथमिकता पर संशोधन करायें, सोलर स्थापना के कार्य में किसी भी स्तर पर विलंब न हो, सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सोलर स्थापना से जो सोलर पावर एनर्जी जनरेट होगी, वह विद्युत विभाग के लिए लाभकारी होगी। उन्होंने कहा कि सोलर सिस्टम, रैन वाटर हार्वेस्टिंग सभी सरकारी भवनों में प्राथमिकता पर स्थापित होंगे। उन्होंने परियोजना अधिकारी नेडा को निर्देशित करते हुए कहा कि ब्लॉक स्तर पर पी.एम. सूर्यघर की कार्यशालाएं आयोजित करायें, जिसमें ग्राम प्रधानों, कोटेदारों, क्षेत्रीय कर्मियों, शिक्षकों सहित ग्रामीणों की उपस्थिति सुनिश्चित कराकर उन्हें सोलर सिस्टम के लाभ के बारे में बताया जाए साथ ही लोगों को सोलर सिस्टम लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होने कहा कि वर्तमान समय में बिजली, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती मांग तथा ऊर्जा संकट को देखते हुए सोलर ऊर्जा योजनाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई हैं, अधिक से अधिक घरों एवं संस्थानों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जाने से न केवल आमजन को राहत मिलेगी बल्कि विद्युत ग्रिड पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकेगा।

श्री त्रिपाठी ने पी.एम. सूर्यघर योजना की बैंकवार लंबित पत्रावलियों की समीक्षा के दौरान कहा कि विभिन्न बैंकों में अभी 498 पत्रावलियां स्वीकृत हेतु अवशेष हैं, जिसमें सर्वाधिक 147 पत्रावलियां भारतीय स्टेट बैंक में, 82 बैंक ऑफ इडिंया में, 69 पंजाब नेशनल बैंक, 39 बैंक ऑफ बड़ौदा में, 24 आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में, 22 यूनियन बैंक ऑफ इडिया में स्वीकृत हेतु लंबित हैं। उन्होने बैंकर्स से कहा कि केन्द्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना में पत्रावलियों को अकारण लंबित न रखें, लंबित पंत्रावलियों को प्रत्येक दशा मंे 25 मई तक स्वीकृत कर वितरण सुनिश्चित करायें यदि किसी स्तर पर कोई समस्या आये तो तत्काल परियोजना अधिकारी नेडा, मुख्य विकास अधिकारी के संज्ञान में लायें। उन्होंने कहा कि वेंडर्स, बैंकर्स एवं विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी के कारण अनावश्यक देरी हो रही है। उन्होंने सभी वेंडर्स का 30 मई तक 15-15 सोलर पैनल स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए वैण्डर्स से कहा कि अधिकतम संख्या में इंस्टॉलेशन पूर्ण किए जाएं। उन्होने कहा कि प्रत्येक वेंडर प्रतिदिन कम से कम एक इंस्टॉलेशन का लक्ष्य निर्धारित करे तथा 15 दिन में न्यूनतम 15 इंस्टॉलेशन अवश्य पूरे करे, जो वेंडर्स बेहतर कार्य करेंगे, उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी समय में वर्षा ऋतु के कारण इंस्टॉलेशन कार्य प्रभावित हो सकता है इसलिए जुलाई से पूर्व अधिकतम कार्य पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि सोलर ऊर्जा राष्ट्रीय हित से जुड़ा विषय है तथा वर्तमान समय में विद्युत खपत लगातार बढ़ रही है, इलैक्ट्रिक वाहन, घरेलू उपकरण एवं अन्य संसाधनों के उपयोग से भविष्य में बिजली की मांग और बढ़ेगी, इसलिए सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिले में सोलर ऊर्जा को जनांदोलन के रूप में विकसित किया जाए तथा इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिले में सोलर ऊर्जा पर एक कार्यशाला आयोजित की जाए, जिसमें लाभार्थियों द्वारा अपने अनुभव साझा किए जाएं ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हों। उन्होने नगर निकायों, कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि नए भवनों, प्लॉटिंग योजनाओं में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग तथा रूफटॉप सोलर सिस्टम को अनिवार्य किए जाने संबंधी प्रस्ताव तैयार किए जाएं, शासन स्तर से सोलर ऊर्जा एवं वर्षा जल संचयन के लिए पर्याप्त सब्सिडी उपलब्ध करायी जा रही है, जिसका लाभ आमजन तक पहुंचाया जाए।

जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी ने सोलर सिस्टम स्थापित कराने वाले आनन्द कुमार, रमेश चन्द्र, नगेन्द्र सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, अमित कुलश्रेष्ठ, अभिषेक श्रीवास्तव, शैलेन्द्र दीक्षित, डॉ. इन्द्रकमल मिश्रा, सिद्धांत चौहान, अभिलाष चन्द्र को प्रमाण पत्र, प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अग्रणी जिला प्रबन्धक रामचन्द्र शाहा, अधिशाषी अभियंता विद्युत अनिल वर्मा, परियोजना अधिकारी नेडा रामानन्द दुबे, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबन्धक, सोलर इनर्जी के इम्पेनल्ड वेडर आदि उपस्थित रहे।

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