मैनपुरी(सुवि)राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण, जनपद के प्रभारी मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कलैक्ट्रेट सभागार में जनपद के शिक्षामित्रों से संवाद करते हुऐ कहा कि शिक्षामित्र, शिक्षक समाज के निर्माण की आधारशिला हैं, वह न केवल बच्चों को शिक्षा प्रदान करते हैं बल्कि उनके व्यक्तित्व का विकास, संस्कारों का निर्माण एवं भविष्य की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, यदि देश के समग्र विकास, आर्थिक प्रगति और वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को बढ़ाने की कल्पना की जाती है, तो उसमें शिक्षा व्यवस्था की भूमिका सर्वाेपरि है और इस व्यवस्था के केंद्र में शिक्षक, शिक्षामित्र ही होते हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में लगभग 1840 शिक्षामित्र पूरी निष्ठा, लगन एवं समर्पण के साथ सीमित संसाधनों में अपने दायित्वों का निर्वहन कर प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जो अत्यंत सराहनीय है।

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प्रभारी मंत्री ने शिक्षामित्रों के मानदेय में हुई वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष-2017 तक शिक्षामित्रों को मात्र रू. 3500 प्रतिमाह मानदेय प्राप्त होता था जो उनकी सेवाओं और जिम्मेदारियों के अनुरूप अत्यंत कम था, इसके पश्चात सर्वाेच्च न्यायालय के निर्णय के कारण परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो गई थीं लेकिन प्रदेश सरकार ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए शिक्षामित्रों के हित में मानदेय को बढ़ाकर रू. 10 हजार किया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षामित्रों की समस्याओं के प्रति निरंतर संवेदनशील रही है और इसी क्रम में बजट सत्र 2025-26 के दौरान एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शिक्षामित्रों के मानदेय को रू. 10 हजार से बढ़ाकर रू. 18 हजार प्रतिमाह कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय शिक्षामित्रों के परिश्रम, समर्पण एवं उनके योगदान के प्रति सरकार के सम्मान को दर्शाता है। उन्होने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा लिए गए निर्णय अंतिम नहीं होते बल्कि समय, परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं के अनुसार उनमें निरंतर सुधार एवं वृद्धि की जाती रहती है। उन्होंने शिक्षामित्रों से अपेक्षा की है कि वह अपने कर्तव्यों का निर्वहन और अधिक निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ करें तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहें। उन्होंने कहा कि शिक्षक, अध्यापक एवं शिक्षामित्र नाम चाहे जो भी हो, मूलरूप से ‘गुरु’ हैं और भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वाेच्च माना गया है, समाज में कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है, जिसने किसी शिक्षक से शिक्षा प्राप्त न की हो इसलिए शिक्षा से जुड़े सभी व्यक्तियों का दायित्व अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सम्मानजनक है।

पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ने कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने मंत्रीगणों को निर्देश दिए है कि वह अपने-अपने जनपदों के भ्रमण के दौरान केवल समीक्षा बैठकों तक सीमित न रहें बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों यथा किसान, मजदूर, स्वयं सहायता समूह, शिक्षामित्र एवं अन्य हितधारकों के साथ सीधे संवाद स्थापित करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संवाद से न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का ऑकलन होता है बल्कि जन-सामान्य की अपेक्षाओं और समस्याओं को समझने का अवसर भी मिलता है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार केवल शिक्षामित्रों के लिए ही नहीं बल्कि समाज के अन्य कमजोर एवं वंचित वर्गों के कल्याणा के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष-2017 तक विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को मात्र रू. 300 प्रतिमाह की सहायता दी जाती थी, जिसे पहले बढ़ाकर रू. 1000 किया गया और अब बजट सत्र 2025-26 में इसे बढ़ाकर रू. 1500 कर दिया गया है, यह सरकार की जन-कल्याणकारी सोच एवं संवेदनशीलता का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाना है तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, शिक्षामित्र इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि वह सीधे समाज के बच्चों एवं परिवारों से जुड़े होते हैं।

संवाद कार्यक्रम के दौरान शिक्षामित्रों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार एवं सुझाव भी प्रस्तुत किए गए, प्रभारी मंत्री ने आश्वस्त किया कि सभी सुझावों एवं समस्याओं को गंभीरता से संकलित कर शासन स्तर पर भेजा जाएगा ताकि भविष्य की योजनाओं एवं नीतियों में उनका समुचित समावेश किया जा सके।

जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने उपस्थित शिक्षामित्रों से कहा कि आप सभी के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है कि प्रदेश सरकार ने आपकी पारिश्रमिक राशि रू. 10 हजार से बढ़ाकर रू. 18 हजार कर दी गई है, आपके पारिश्रमिक में 80 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि है, ऐसा अवसर बहुत कम देखने को मिलता है जब एक साथ इतनी बड़ी वृद्धि प्राप्त हो। उन्होने कहा कि प्रभारी मंत्री जी स्वयं आज आपके बीच उपस्थित हुए, आपसे संवाद स्थापित किया और आपका उत्साहवर्धन किया, इसके लिए हम सभी उनके प्रति कृतज्ञ हैं साथ ही विधायक भोगांव का भी हृदय से धन्यवाद करते हैं, जिनका मार्गदर्शन और सहयोग निरंतर प्राप्त होता रहा है।

इस दौरान पूर्व मंत्री, विधायक भोगांव राम नरेश अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द, बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी, बड़ी संख्या में शिक्षामित्र आदि उपस्थित रहे।

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