मैनपुरी। कुँ. आर. सी. महिला महाविद्यालय, मैनपुरी में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की संयुक्त इकाइयों के तत्वावधान में शासन के निर्देशानुसार “नारी शक्ति वंदन अधिनियम–2023” के प्रचार-प्रसार हेतु व्यापक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत “नारी शक्ति वंदन मानव श्रृंखला” एवं “नारी शक्ति दीवार हस्ताक्षर अभियान” का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा NSS की स्वयंसेविका छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

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कार्यक्रम के प्रथम चरण में महाविद्यालय परिसर में एक विशाल मानव श्रृंखला का निर्माण किया गया, जिसके माध्यम से महिला सशक्तिकरण और समान अधिकारों का संदेश दिया गया। इसके उपरांत नारी शक्ति वंदन बैनर के तहत हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने अपने हस्ताक्षर कर इस अभियान का समर्थन किया। साथ ही “नारी शक्ति वंदन अधिनियम–2023” पर आधारित जागरूकता वीडियो (रील) का भी निर्माण किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की संयुक्त सचिव डॉ. सुशीला त्यागी एवं मुख्य अतिथि के रूप में पधारी श्रीमती ममता राजपूत जी (भाजपा जिला अध्यक्ष, मैनपुरी) सहित पंकज भदौरिया जी, सुषमा दीक्षित जी, मनोरमा सिंह जी, मंजूषा चौहान जी एवं भरत गुप्ता जी ने सक्रिय सहभागिता निभाई और अभियान को सफल बनाने हेतु अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया। अपने व्याख्यान में श्रीमती ममता राजपूत ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इससे महिलाओं की भागीदारी और सम्मान समाज में और अधिक सुदृढ़ होगा। कार्यक्रम की अगली कड़ी में डॉ. सुशीला त्यागी मैम (संयुक्त सचिव, कुँ. आर. सी. महिला महाविद्यालय) ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है और छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शेफाली यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल कानून तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का विषय है। शिक्षित और जागरूक महिलाएँ ही समाज को प्रगतिशील बना सकती हैं।

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कार्यक्रम के अंत में NSS कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनामिका सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह अधिनियम एक नई शुरुआत है, एक ऐसे भारत की, जहाँ नारी केवल पूजनीय नहीं, बल्कि समाज निर्णय और परिवर्तन की सशक्त धुरी होगी। ऐसे कार्यक्रम छात्राओं में जागरूकता, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय की समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ, कर्मचारी एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं और कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान और इस अधिनियम के तहत सरकार की मंशा का समर्थन किया।

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