
मैनपुरी 24 जून, 2022- जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने जिला पर्यटन एवं संस्कृति विकास परिषद की बैठक में कहा कि जनपद के विभिन्न आकर्षणों-पौराणिक, पुरातात्विक, एतिहासिक तथा सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण तथा संवर्धन, विभिन्न पर्यटन एवं सांस्कृतिक स्थलों को प्रमुख स्थान से जुड़े व्यक्तियों, कलाकारों एवं स्थानीय समुदाय के आर्थिक विकास, प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रोजगार के साधनों का सृजन, सांस्कृतिक धरोहरों एवं परम्पराओं को अक्षुण बनाये रखने, जनपद के विभिन्न विशेषज्ञों को पर्यटन विकास कार्यक्रमों, सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़कर प्रोत्साहन किया जाये, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास हेतु नये क्षेत्रों की पहचान की जाये, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास में होने वाले गतिरोध, समस्याओं का चिन्हिकरण करते हुये उनका प्राथमिकता पर समाधान कराया जाये, पर्यटन संभावनाओं से परिपूर्ण स्थलों के पर्यटन विकास तथा मूर्त एवं अमूर्त कलाओं के विकास हेतु कार्य योजना तैयार की जाये, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास हेतु प्रचलित नीतियों को लागू कर इसको बेहतर बनाये जाने हेतु सुझाव प्राप्त किये जायें, जनपद के पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास हेतु स्थानीय स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर प्रचार-प्रसार कराया जाये। उन्होने कहा कि परिषद का गठन प्राथमिकता पर कराया जाए, पर्यटन के क्षेत्र में जो भी कार्य संचालित हैं, उनकी गुणवत्ता, मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक में सैद्धांतिक सहमति से शीतला देवी मंदिर, महाराजा तेजसिंह का किला, च्यवन ऋषि आश्रम औंछा, मारकंडेय ऋषि आश्रम विधूना, समान पक्षी विहार, सारस सर्किट के जीर्णोद्धार एवं जसराजपुर संकिसा का क्षेत्रीय, पर्यटन विकास का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक मधुबन कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.पी.पी. सिंह, संयुक्त निदेशक अभियोजन डी.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी सदर नवोदिता शर्मा, वरिष्ठ कोषाधिकारी श्यामलाल जायसवाल, उप निदेशक पर्यटन आगरा आर.के. रावत सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



