मैनपुरी: महिला कल्याण बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार मंत्री उ.प्र. शासन बेबी रानी मौर्य ने 06 माह की आयु पूर्ण कर चुके बच्चों को अन्न-प्रासन योजना के तहत ऊपरी आहार एवं गर्भवती महिलाओं की गोद-भराई कार्यक्रम के उपरांत विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभाग की संचालित योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र तक आसानी से पहुंचे, विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों के ऊपर गर्भवती, धात्री महिलाओं, बालिकाओं, सैम-मैम बच्चों का दायित्व है, सभी अधिकारी, कर्मचारी विभागीय दायित्वों का निर्वाहन निष्ठापूर्वक करें, जनपद के चिन्हित सैम-मैम बच्चों, गर्भवती महिलाओं की निरंतर देखभाल की जाए, चिन्हित सैम बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती करने के लिए प्रेरित किया जाए ताकि सैम बच्चों को भी पोषण की श्रेणी में लाया जा सके, सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वजन मशीन सहित अन्य आवश्यक उपकरण क्रियाशील रहे, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत बच्चे प्रतिदिन आंगनबाड़ी केंद्र आएं, सहायिका घर-घर जाकर बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर लाने में सहयोग करें, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को उपलब्ध कराये जा रहे पुष्टाहार की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी पुष्टाहार की गुणवत्ता स्वयं चेक करें, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर समस्त मूल-भूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

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महिला कल्याण बाल विकास मंत्री ने कहा कि केन्द्र-प्रदेश की सरकार महिलाओं के सर्वागींण विकास के साथ-साथ उनकी स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है, महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हो और वह भी सम्मान के साथ अपना जीवन-यापन कर सकें, इसके लिए गांव-गांव समूहों का गठन कर महिलाओं को जोड़ा गया। उन्होने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं से कहा कि आपको प्रदेश सरकार ने जो दायित्व सौंपे हैं, उनका भलि-भांति निर्वहन करें, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत बच्चे प्रतिदिन केन्द्रों पर आयें, आंगनबाड़ी कार्यकत्री बच्चों के साथ मृदुल व्यवहार कर उन्हें प्रारम्भिक शिक्षा के साथ व्यवहारिक ज्ञान दें, सैम-मैम बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करें, उन्हें समय से पोषक आहार उपलब्ध करायें ताकि वह भी सामान्य श्रेणी में आकर उत्तम स्वास्थ्य के साथ जीवन-यापन कर सकें। उन्होने समीक्षा के दौरान पाया कि माह मार्च में चिन्हित बच्चों में से मात्र 16 बच्चे ही एन.आर.सी. में भर्ती कराये गये, विकास खंड किशनी, मैनपुरी देहात से माह मार्च में एक भी बच्चो भर्ती नहीं कराया गया जबकि विकास खंड करहल, घिरोर, बरनाहल, सुल्तानगंज से मात्र 01-01 बच्चा ही एन.आर.सी. में भर्ती कराया गया है, जिस पर उन्होने सम्बन्धित बाल विकास परियोजना अधिकारियों से कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, प्रतिमाह अधिक से अधिक बच्चे एन.आर.सी. में भर्ती करायें ताकि उनकी सेहत में सुधार हो सके।

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उन्होने चेहरा प्रमाणीकरण की समीक्षा के दौरान कहा कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी का ई-के.वाई.सी. के साथ चेहरा प्रमाणीकरण कराया जाये, पोषण ट्रेकर एप पर सभी सूचनाएं समय से अद्यावधिक की जायें, पुष्टाहार की जानकारी करने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जनपद में संचालित कुल 1788 अंगनबाड़ी केन्द्रों पर उन्नति प्रेरणा लघु उद्योग, मोहन भोग लघु उद्योग, अन्नपूर्णा लघु उद्योग के माध्यम से ड्राई राशन की आपूर्ति की जा रही है, संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में से वर्तमान में 209 आंगनबाड़ी केन्दों को सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, मुख्यमंत्री कन्यासुमंगला योजना के अन्तर्गत 18411 ऑनलाइन आवेदन पत्र प्राप्त हुये, जिसके सापेक्ष 17942 आवेदन पत्र अग्रसारित कर 17679 को लाभान्वित किया जा चुका है, लाभार्थियों को 06 श्रेणियों में रू. 616.85 लाख की धनराशि हस्तान्तरित की जा चुकी है, मुख्यमंत्री बाल सेवायोजना कोविड में 54 एवं सामान्य में 770 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है।

महिला कल्याण बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार मंत्री ने 06 माह की आयु पूर्ण कर चुकी आराध्या, तेजी, नित्या, कुश, शिव को ऊपरी आहार खिलाया वहीं गोद-भराई योजनान्तर्गत मुस्कान, ज्योति, प्रीति, खुशबूबानो, मोहिनी को पोषण आहार किट उपलब्ध करायी। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम, बाल विकास परियोजना अधिकारी हरीओम बाजपेयी, संजय कुमार, अंजू राठौर, हृदय नारायन, बाल संरक्षण अधिकारी अल्का मिश्रा, जिला समन्वयक शिशुपाल सिंह चौहान, सामाजिक कार्यकत्री विनीता सिंह, अनुज कुमार, प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर राजीव के अलावा समस्त सुपरवाइजर, ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर आदि उपस्थित रहे।