मैनपुरी: जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला पोषण समिति की बैठक के दौरान विभागीय योजनाओं की समीक्षा करने पर पाया कि जनपद में 1540 सैम एवं 3666 मैम बच्चे जनवरी 2026 में चिन्हित हैं लेकिन माह जनवरी में मात्र 10 सैम बच्चे ही पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती कराये गये, विकास खंड करहल, किशनी, मैनपुरी देहात, बरनाहल से एक भी बच्चा एन.आर.सी. में भर्ती नहीं कराया गया है जबकि विकास खंड घिरोर, जागीर, सुल्तानगंज से 01-01 बच्चा ही भर्ती कराया गया है, जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बाल विकास परियोजना अधिकारियों, प्रभारी चिकित्साधिकारियों द्वारा चिन्हित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराने में दिलचस्पी नहीं दिखायी जा रही है। उन्होने करहल, किशनी, मैनपुरी देहात, बरनाहल के प्रभारी चिकित्साधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों को आदेशित करते हुये कहा कि क्षेत्र के चिन्हित मैम बच्चों को पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती कराने में रूचि दिखायें, स्वास्थ्य, बाल विकास विभाग के अधिकारी चिन्हित सैम-मैम बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, सैम बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित कर बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती करायें ताकि उनकी सेहत में सुधार हो सकें।

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श्री सिंह ने चेहरा प्रमाणीकरण की समीक्षा में पाया कि फरवरी तक 139833 पात्र लाभार्थियों के सापेक्ष 134066 का चेहरा प्रमाणीकरण हो चुका है, चेहरा प्रमाणीकरण के साथ 133134 की ई-के.वाई.सी. भी हो चुकी है, चेहरा प्रमाणीकरण कार्य में सबसे बेहतर कार्य किशनी, मैनपुरी, सुल्तानगंज, कुरावली, बरनाहल में हुआ है, करहल, जागीर, बेवर, घिरोर, मैनपुरी देहात में अन्य विकास खंडों के सापेक्ष चेहरा प्रमाणीकरण की प्रगति धीमी है, विकास खंड करहल में 10914 के सापेक्ष 9982, विकास खंड जागीर में 9595 के सापेक्ष 8855, विकास खंड बेवर में 18149 के सापेक्ष 17047, विकास खंड घिरोर में 13325 के सापेक्ष 12642 एवं मैनपुरी देहात में 17181 के सापेक्ष 15962 का चेहरा प्रमाणीकरण ई-के.वाई.सी. के साथ हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान पाया कि मैनपुरी देहात में लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 18.65, सुल्तानगंज में 21.44, किशनी में 20.07 प्रतिशत की पूर्ति की गयी है, योजना में सबसे बेहतर कार्य कुरावली, बरनाहल, जागीर में हुआ है।

उन्होने आंगनबाड़ी केन्द्र निर्माण की समीक्षा के दौरान पाया कि वर्ष 2023-24 में स्वीकृत 44 आंगनवाडी केन्द्रों के सापेक्ष 39 पर कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष 05 पर कार्य प्रगति पर है जबकि वर्ष 2024-25 में 47 आंगनवाडी केन्द्रों के निर्माण के सापेक्ष 38 पर ही कार्य प्रारंभ हुआ है, शेष 09 स्थानों पर अभी कार्य प्रारंम्भ नही हुआ है, नगला धुरा, एलाऊ, वसावनपुर, कुसमाखेड़ा, भूपतिपुर, कसद, अर्जुनपुर गढ़ी, द्वारिकापुर, राजपुरकला आदि स्थानों पर कार्य प्रारंम्भ नहीं हुआ है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जनपद में संचालित 1788 आंगनबाड़ी केन्द्रों के सापेक्ष शत-प्रतिशत आंगनबाड़ी केद्रों में इन्फ्राकिट उपलब्ध करायी जा चुकी है, निदेशालय स्तर से 209 सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्रों हेतु ई.सी.सी.ई., इन्फ्राकिट की आपूर्ति जनपद में हो रही है, सत्यापन के उपरांत इनका वितरण आंगनबाड़ी केन्द्रांे पर किया जायेगा।

मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि करहल, किशनी, घिरोर में पुष्टाहार वितरण की स्थिति ठीक नहीं है, 10 फरवरी को पुष्टाहार उपलब्ध होने के बावजूद भी अभी तक करहल में मात्र 62 प्रतिशत पुष्टाहार का वितरण हुआ है जबकि मैनपुरी शहर में सबसे अधिक 86 प्रतिशत पुष्टाहार का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारी करहल को निर्देशित करते हुए कहा के अगले 02 दिन में गर्भवती महिलाओं, चिन्हित सैम-मैम बच्चों को पुष्टाहार उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारियों, सुपरवाइजर से कहा कि क्षेत्र में रहकर कार्य करें, बच्चों के चिन्हांकन में पूरी सावधानी बरती जाए, उनकी सही ढंग से लंबाई, वजन किया जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री चिन्हित सैम-मैम बच्चों के घर प्रतिमाह भ्रमण कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी करें, प्रतिमाह समय से चिन्हित बच्चों, गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार उपलब्ध कराया जाए ताकि उनकी सेहत में सुधार हो सके, गर्भवती महिलाओं को भरपूर पोषक आहार, ऑयरन की टेबलेट खाने के लिए प्रेरित किया जाए, उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच हो, समय से सभी टीके लगाये जाएं ताकि बच्चा स्वस्थ पैदा हो।

बैठक में उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन बाल विकास परियोजना अधिकारी हरिओम बाजपेयी ने किया।