कुँवर आर.सी. महिला महाविद्यालय, मैनपुरी में सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत एक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति सजग करना तथा सुरक्षित यातायात व्यवहार को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या महोदया के प्रेरणादायी संबोधन से हुआ।

अपने संबोधन में प्राचार्या महोदया ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएँ आज एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी हैं, जिनका प्रमुख कारण यातायात नियमों की अनदेखी है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिवार व समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, तेज गति से वाहन न चलाने तथा मोबाइल फोन का प्रयोग न करने जैसे महत्वपूर्ण नियमों पर विशेष बल दिया।

संगोष्ठी में महाविद्यालय की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ अनामिका ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि सड़क सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। कुछ छात्राओं ने लघु भाषण, नारे और उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि थोड़ी सी सावधानी कई अनमोल जिंदगियों को बचा सकती है।

कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की गईं और यह संदेश दिया गया कि पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों तथा दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। संगोष्ठी का वातावरण अत्यंत सकारात्मक और प्रेरणादायी रहा।

अंत में यह संकल्प लिया गया कि महाविद्यालय की छात्राएँ सड़क सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक रहेंगी और समाज में भी इसके प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाएँगी। यह संगोष्ठी न केवल जानकारीपूर्ण रही, बल्कि छात्राओं के भीतर सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ करने वाली सिद्ध हुई।