कुंवर आर.सी. महिला महाविद्यालय, मैनपुरी में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सामूहिक वंदे मातरम गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की दोनों इकाइयों द्वारा किया गया।

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शेफाली यादव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रीय गीत के साथ साथ भारत की एकता, श्रद्धा और स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह गीत हर भारतीय के हृदय में मातृभूमि के प्रति गर्व और प्रेम की भावना जगाता है।

एन.एस.एस. कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनामिका सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् का प्रत्येक शब्द देश की आत्मा से जुड़ा हुआ है और हमें इसकी भावना को अपने आचरण में उतारना चाहिए। कार्यक्रम अधिकारी जया सिंह ने छात्राओं को राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी और बताया कि 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।

इस अवसर पर छात्राएँ एवं शिक्षिकाएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं और सभी ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया।