मैनपुरी(सुवि)भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार समय-समय पर मतदाता सूची की कमियों को दूर करने के लिए के पुनरीक्षण के अभियान संचालित होते हैं, इस बार भी 04 नवंबर से आर्ह तिथि 01.01.2026 के आधार पर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण वर्ष-2003 की निर्वाचक नामावली के आधार पर होगा, विशेष पुनरीक्षण के अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारी प्रत्येक मतदाता तक पहुंच कर उसे 02 प्रतियों में गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे, गणना प्रपत्र पूर्ण करने के पश्चात बूथ लेवल अधिकारी द्वारा एक प्रति अपने पास रखी जाएगी, दूसरी प्रति पर हस्ताक्षर कर मतदाता को उपलब्ध करायी जायेगी। उक्त जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों, मीडिया प्रतिनिधियों की ब्रीफिंग के दौरान देते हुए कहा कि किसी भी निर्वाचन को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष रूप से संपन्न करने के लिए मतदाता सूची का त्रुटिरहित होना बेहद जरूरी है, मतदाता सूची तभी अद्यावधिक होगी जब उसमें प्रत्येक अर्ह मतदाता का नाम सम्मिलित होगा, किसी अयोग्य मतदाता का नाम सूची में शामिल नहीं रहेगा।
श्री सिंह ने कहा कि वर्तमान में जनपद में कुल 14 लाख 03 हजार 413 मतदाता है, जिन्हें बूथ लेबल अधिकारियों द्वारा 04 नवम्बर से 04 दिसम्बर 2025 तक गणना प्रपत्रों का वितरण, प्राप्ति की जायेगी, इस अवधि में घर-घर सत्यापन के दौरान बी.एल.ओ. सम्बन्धित मतदाता की गणना करेंगे तथा गणना प्रपत्र (अनुलग्नक-सी) उपलब्ध कराएंगे, बी.एल.ओ. गणना प्रपत्र की एक प्रति प्राप्त करेगा और दूसरी प्रति पर प्राप्ति की पावती पर हस्ताक्षर करेगा जिसे विद्यमान मतदाता अपने पास रखेगा, नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए या राज्य के बाहर से स्थानान्तरित होने के लिए आवेदन के मामले में यह भी निर्देश दिया है कि अब से फार्म-6, फार्म-8 के साथ आवेदक को उसमें की गई घोषणा के समर्थन में एक अतिरिक्त घोषणा फार्म (अनुलग्नक डी) भी भरना होगा, गणना चरण के दौरान मतदाताओं से कोई दस्तावेज एकत्रित नहीं किया जायेगा। उन्होने कहा कि ई.आर.ओ. द्वारा मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद उन मतदाताओं को नोटिस किया जायेगा, जिन्हें पिछले प्रगाढ़ पुनरीक्षण में मतदाता सूची से नहीं जोड़ा जा सका था ताकि उनकी पात्रता का पता लगाया जा सके।
डी.ई.ओ. ने बताया कि सत्यापन के दौरान यदि मतदाता घर पर नहीं मिलता है, घर बन्द पाया जाता है तो ऐसे प्रकरणों में बी.एल.ओ. द्वारा 03 बार भ्रमण किया जायेगा यदि फिर भी मतदाता नहीं मिलते हैं तो गणना प्रपत्र को उस घर के दरवाजे पर चस्पा करके पड़ोसियों के गवाह के रूप में हस्ताक्षर करायेंगे, वर्ष 2003 के विवरण से मतदाता के विवरण का मिलान किया जायेगा यदि मिलान नहीं पाया जाता है तो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के द्वारा नोटिस जारी करते हुए उसका समाधान किया जायेगा। उन्होने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रत्येक मतदेय स्थल पर 1200 मतदाता का मानक निर्धारित किया गया है, दावे-आपत्तियों को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय पर प्राप्त किए जायेंगे तथा जांचोपरान्त उसका निस्तारण भी उन्हीं के द्वारा किया जायेगा, फार्मों में मतदाताओं से ज्यादा से ज्यादा मोबाइल नम्बर प्राप्त किए जायेंगे। उन्होने बैठक में उपस्थित विभिन्न राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों से कहा कि अविलम्ब बूथ लेबिल एजेन्टों की नियुक्ति कर सूची जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध करा दें, नियुक्ति के समय यह ध्यान रखा जाये कि बी.एल.ए. उसी मतदेय स्थल में सम्मिलित क्षेत्र का निवासी हो, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा यह समाधान किया जायेगा कि कोई भी पात्र नागरिक छूटा नहीं है तथा कोई अयोग्य व्यक्ति सम्मिलित नहीं है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्यामलता आनन्द ने बताया कि दि. 03 नवम्बर 2025 तक विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण से संबंधित तैयारी, प्रशिक्षण एवं गणना प्रपत्रों का मुद्रण किया जायेगा, दि. 04 नवम्बर से 04 दिसम्बर 2025 तक बी.एल.ओ. द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का मतदाताओं को वितरण किया जायेगा एवं प्रपत्रों को भरवाकर प्राप्त किया जायेगा, दि. 05 दिसम्बर से 08 दिसम्बर तक ड्राफ्ट रोल टेबिल की तैयारी, दि. 09 दिसम्बर 2025 को आलेख्य मतदाता सूची का प्रकाशन होगा, दि. 09 दिसम्बर से 08 जनवरी 26 तक दावे-आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी, दि. 09 दिसम्बर से 31 जनवरी, 2026 तक नोटिस जारी किये जाने, सुनवाई एवं सत्यापन व दावे और आपत्तियों का निस्तारण एवं गणना प्रपत्रों पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्णय लिया जायेगा, दि. 03 फरवरी को मतदाता सूचियों के स्वास्थ्य मापदंडों, अंतिम प्रकाशन के लिए आयोग से अनुमति प्राप्त की जायेगी, दि. 07 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अन्तिम प्रकाशन होगा। उन्होने बताया कि जिन मतदाताओं का नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं होगा, ऐसे व्यक्तियों को अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए केन्द्र, राज्य सरकार के द्वारा कर्मचारियों, पेंशनरों को जारी पहचान पत्र, केन्द्र, राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकारी, बैंक, पोस्ट आफिस, एलआईसी, पी.एस.यू. द्वारा दि. 01-07-1987 से पूर्व जारी पहचान पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड, विश्वविद्यालय से जारी मेट्रिक का शैक्षिक प्रमाण पत्र, सक्षम राज्य प्राधिकारी के द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी के द्वारा जारी पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति से सम्बन्धित प्राधिकार पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां भी अस्तित्व में हो), राज्य, स्थानीय प्राधिकारी द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर, सरकार द्वारा जारी भूमि, मकान आवंटन प्रमाण-पत्र, आधार के लिए, आयोग के पत्र के क्रम में जारी निर्देश लागू होंगे अर्थात् आधार मतदाता की पहचान का अभिलेख होगा परन्तु निवास एवं जन्म का प्रमाण नहीं माना जायेगा, में से 01 प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
इस दौरान उप जिलाधिकारी सदर, करहल, भोगांव, किशनी, कुरावली, घिरोर, अभिषेक कुमार, सुनिष्ठा सिंह, संध्या शर्मा, गोपाल शर्मा, नीरज कुमार द्विवेदी, प्रसून कश्यप के अलावा जिलाध्यक्ष कॉग्रेस गोपाल कुलश्रेष्ठ, भारतीय जनता पार्टी से डा. विमल पाण्डेय, सुरेन्द्र यादव, सपा से राम नारायण बाथम, राजू चौधरी, बसपा से डा. अवनीश शाक्य, दिलीप शाक्य, आम आदमी पार्टी से संतोष कुमार श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।




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Sir to sahi he lakin jo documents isme lagne uske banne ki vyavastha gram panchayats ster per ho
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