मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने उ.प्र. विधान परिषद हेतु आगरा खंड शिक्षक, खंड स्नातक हेतु नामित पदनामित, अपर पदनामित अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में कहा कि अर्हता 01.11.2025 के आधार पर खंड शिक्षक, स्नातक निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण का कार्य दि. 30 सितम्बर से प्रारंभ हो रहा है, सभी नामित पदनामित, अपर पदनामित अधिकारी पुनरीक्षण के कार्य के सम्बन्ध में आयोग के निर्देशों का भली-भांति अध्ययन कर लें यदि कोई शंका हो तो उसे अभी दूर कर लें, पुनरीक्षण का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाये। उन्होने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकरण हेतु व्यक्ति अर्ह तिथि 01 नवम्बर 2025 से कम से कम 03 वर्ष पहले से भारत के किसी प्रदेश में किसी विश्वविद्यालय का स्नातक, यथानिर्धारित समतुल्य अर्हता रखता हो, अर्हता तिथि 01 नवम्बर 2025 उस वर्ष की पहली नवम्बर होगी, जिस वर्ष निर्वाचक नामावली की तैयारी या पुनरीक्षण प्रारम्भ किया जाता है, विश्वविद्यालय या संस्थान द्वारा जारी डिग्री, डिप्लोमा को मूलरूप में या इसकी एक प्रति जिसे संबंधित जिले के पदनामित अधिकारी, अपर पदनामित अधिकारी, राजपत्रित अधिकारी द्वारा विधिवत रूप से सत्यापित करने के पश्चात् अनुप्रमाणित किया गया हो। उन्होने बताया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए नामावली हिन्दी व अंग्रेजी में वर्णानुसार तैयार की जाएगी।

श्री सिंह ने बताया कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हेतु अर्ह तिथि 01 नवम्बर 2025 के आधार पर तैयार होगी, उक्त अर्ह तिथि से तत्काल पहले 06 वर्षों के भीतर राज्य के शैक्षणिक संस्थान जिनका स्तर माध्यमिक स्तर से कम न हो, कम से कम कुल 03 वर्ष की अवधि तक शिक्षण कार्य किया हो, शिक्षण संस्थानों में अध्यापन में किसी व्यक्ति या पूर्ववर्ती 06 वर्षों के भीतर कम से कम 03 वर्षों के लिए परिनियोजित या तो एक सतत् अवधि में या विभिन्न अवधियों में हो सकता है और यह भी कि परिनियोजन एक संस्था या एक से अधिक संस्थाओं में हो सकता है, किन्तु एसी सभी संस्थाएं राज्य सरकार द्वारा विर्निदिष्ट होनी चाहिए और उसे पूर्ण कालिक शिक्षक होना चाहिए, अंश कालिक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए निर्वाचक नामावलियों में पंजीयन के पात्र नहीं होंगे। उन्होने कहा कि शिक्षक निर्वाचन हेतु प्रतिदिन प्राप्त होने वाले आवेदनों पर अंग्रेजी में निर्वाचन क्षेत्र का नाम, मतदेय स्थल संख्या अवश्य अंकित किया जाये, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में नामांकन (प्ररूप-19) के लिए आवेदन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षण संस्था के प्रमुख द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र अनुबंध-2 पर दिए गए प्रारूप में होगा, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए नामावली हिन्दी व अंग्रेजी में तैयार की जाएगी। उन्होने कहा कि थोक, बल्क में आवेदन पत्रों, चाहे स्वयं या डाक द्वारा जमा कराए जाएं, को शामिल कराने हेतु सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा उन पर विचार नहीं किया जाएगा, हालांकि शैक्षणिक संस्थाओं के प्रमुख अपने सभी पात्र कर्मियों के आवेदन-पत्र एक साथ भेज सकते हैं, इसी प्रकार कोई व्यक्ति एक समान पते पर रहने वाले अपने परिवार के पात्र अन्य सदस्यों के बारे में प्ररूप-18, 19 भी प्रस्तुत कर सकते है और ऐसे प्रत्येक सदस्य के मूल प्रमाण पत्र प्रस्तुत करके प्रमाण पत्रों को सत्यापित करवा सकता है। उन्होने कहा कि राजनैतिक दलों, बूथ लेविल अभिकर्ताओं द्वारा थोक में प्रस्तुत आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा, स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों को निर्वाचकीय भाग-वार (मतदेय स्थलवार) रखा जाएगा, एक निर्वाचकीय भाग में 800 से 1400 निर्वाचक होगें, सामान्यतः प्रत्येक निर्वाचकीय भाग में एक मतदान केन्द्र होगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक ज्ञानेश्वर प्रसाद, जिला विकास अधिकारी अजय कुमार, परियोजना निदेशक सत्येन्द्र कुमार, उप जिलाधिकारी सदर, भोगांव, करहल, किशनी, घिरोर, कुरावली, अभिषेक कुमार, संध्या शर्मा, सुनिष्ठा सिंह, गोपाल शर्मा, प्रसून कश्यप, नीरज कुमार द्विवेदी सहित अपर पदनामित अधिकारी के रूप में तैनात अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



