मैनपुरी(सुवि) थाना समाधान दिवस के अवसर पर थाना बेवर में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने जन-समस्याएं सुनने के दौरान पुलिस, राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों को आदेशित करते हुए कहा कि थाना समाधान दिवस के अवसर पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण यथासंभव उसी दिन किया जाये, भूमि विवाद से संबंधित प्रकरणों पर थाने से ही राजस्व, पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजकर शिकायत का निस्तारण किया जाए, कृत-कार्यवाही पर दोनों पक्षों के हस्ताक्षर कराये जाएं, वापस आने पर थाने की जीडी में कृत-कार्यवाही का अंकन भी किया जाए।
अधिकारी द्वय ने कहा कि थाने पर आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता के साथ सुना जाए, शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित लेखपाल, हल्का इंचार्ज, बीट कॉस्टेबल को मौके पर भेजकर समस्या का समाधान कराया जाए, सुनिश्चित किया जाए कि थाना समाधान दिवस पर प्राप्त शिकायतों का यथासंभव उसी दिन निस्तारण हो यदि तत्काल निस्तारण न हो सके तो प्रत्येक दशा में समस्या का निदान 01 सप्ताह में किया जाये। उन्होने कहा कि पट्टों पर पट्टेदार ही काबिज रहे, सार्वजनिक स्थान यथा चकरोड, तालाब, चरागाह की भूमि पर अनाधिकृत कब्जे न रहें, एक बार पैमाइश, अनाधिकृत कब्जा हटाने के बाद पुनः कब्जा करने वालों को भू-माफिया में चिन्हित कर प्राथमिकी दर्ज करायी जाये, धारा- 24 राजस्व संहिता की कोई भी पैमाईश लम्बित न रहे, पैमाइश के दैरान यदि किसी के द्वारा विरोध किया जाए तो दोषी पक्ष को भारी मुचलके में पाबंद किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि महिला सुरक्षा-स्वावलाम्बन-सम्मान मिशन शक्ति के 03 सबसे महत्वपूर्ण घटक हैं, केंद्र-प्रदेश सरकार महिलाओं के उत्थान, सर्वांगीण विकास के लिए कृत-संकल्पित है, वर्तमान में 05वां संस्करण संचालित है, पिछले 04 संस्करण सफल रहें, यह एक अभूतपूर्व स्थिति है, महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधार की दिशा में तेजी से कार्य हुआ है, आज शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित समूहों से जुड़कर लखपति दीदी बन चुकी हैं, स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं न केवल अपने परिवार बल्कि समाज, देश-प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे रही हैं। उन्होंने मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत एक दिन की एस.एच.ओ. बनी छात्रा को सम्मानित करते हुए कहा कि महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए प्रशासन द्वारा गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा के साथ उनकी सुरक्षा के ठोस प्रबंध किए गए हैं, घरेलू उत्पीड़न या किसी के द्वारा प्रताड़ित महिलाओं को अपनी समस्या बताने में संकोच न हो इसके लिए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प-डेस्क की स्थापना की गई है साथ ही हैल्प-डेस्क पर महिला पुलिसकर्मी की ही तैनाती की गई है ताकि पीड़ित महिला अपनी बात आसानी से बता सके। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं-बालिकाएं अपने आपको सुरक्षित महसूस कर रही हैं, जिस कारण महिलाओं में आत्मसम्मान बढ़ा है साथ ही समाज की दृष्टि में भी महिलाओं का सम्मान काफी बढ़ा है। उन्होने कहा कि मिशन शक्ति-5.0 के अन्तर्गत हमारी टीम बहुत ही अच्छा कार्य कर रही है, इन दिनों में महिलाआंे-बालिकाओं के अंदर उत्साह, उमंग उत्पन्न हुयी है तथा समाज में अपनी स्थिति को मजबूत करने की भावना जागृत हुयी है।



