मैनपुरी(सुवि) जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरणीय समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला आर्द्रभूमि समिति तथा वन बन्दोवस्त समिति की मासिक समीक्षा के दौरान कहा कि वृहद वृक्षारोपण अभियान के दौरान रोपित पौधों को विकसित करने के लिए बेहतर देखभाल की जाए, रोपित पौधों की सुरक्षा के बेहतर प्रबंध किए जाएं, पौधों की पर्याप्त निराई, गुढ़़ाई कराई जाए, मृत-सूखे पौधों को उचित ऊॅचाई के स्वास्थ्य एवं सुदृण पौधों से बदला जाये। उन्होंने समीक्षा के दौरान नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अभी विभिन्न विभागों द्वारा रोपित पौधों के सापेक्ष जियो टेगिंग की प्रगति संतोषजनक नहीं है, बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा रोपित पौधों के सापेक्ष मात्र 66.63 प्रतिशत, नगर विकास द्वारा 70.77 प्रतिशत, ऊर्जा विभाग द्वारा 77.86 प्रतिशत, खंड विकास अधिकारी मैनपुरी द्वारा 80.69 प्रतिशत, खंड विकास अधिकारी सुल्तानगंज के द्वारा 84.40 प्रतिशत पौधों की जियो टैगिंग की गई, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि तत्काल रोपित किए गए शत-प्रतिशत पौधों की जियो टैगिंग कर रिपोर्ट वन विभाग को उपलब्ध कराना सनुश्चित करें।
श्री सिंह ने प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानकी से कहा कि बीट, सेक्शन अधिकारी का रोस्टर तैयार कर प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रीन चौपाल का गठन कराकर प्रत्येक शुक्रवार को ग्रीन चौपाल की बैठक खंड विकास अधिकारियों के समन्वय से करना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि रेंज अधिकारी वन भूमि के अमल-दरामद की कार्यवाही हेतु पत्रावली तैयार कर उप जिलाधिकारियों को उपलब्ध करायें, धारा-20 के उपरांत जो पट्टे आवंटित हुए हैं, उनके निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाए, वन विभाग की भूमि का उप जिलाधिकारी प्राथमिकता पर अमल-दरामद करना सुनिश्चित करें। उन्होने जानकारी करने पर पाया कि रेंज करहल के अब्दुल नवीपुर, किरथुआ, पहाड़पुर, निटावली, आलमगीरपुर, जगन्नाथपुर, रेंज मैनपुरी में अंजनी, बदनपुर, पड़रिया, लालपुर सथनी, रेंज किशनी में समान, चौराईपुर, सोनासी में वन विभाग की भूमि अमल-दरामद हेतु अवशेष है।
जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि स्थलवार नोडल अधिकारी की तैनाती कर सूची वन विभाग को उपलब्ध करायें। उन्होने जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय को निर्देशित करते हुये कहा कि एम.आर.एफ. सेंटर क्रियाशील रहें, सॉलिड वेस्ट के निस्तारण के साथ मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के उचित प्रबन्ध किये जायें, शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक कूड़ा उठान, निस्तारण के बेहतर प्रबन्ध किये जायें, जिन ग्रामों में ग्राम गंगा समितियों का गठन हो चुका है वहां प्रतिमाह बैठक आयोजित कराकर ग्रामीणों को जागरूक किया जाये। उन्होने समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद में 256 वेटलैण्ड चिन्हित हुये हैं, जिसमें से तहसील मैनपुरी में 35 के सापेक्ष 10, तहसील कुरावली में 21 के सापेक्ष 05, तहसील घिरोर में 20 के सापेक्ष 17, तहसील करहल में 68 के सापेक्ष 49, तहसील भोगांव में 87 के सापेक्ष 52 वेटलैण्ड का बाउण्ड्री हेतु चिन्हिकरण हो चुका है, जिस पर उन्होने शेष चिन्हित वेटलैण्ड का भी प्राथमिकता पर बाउण्ड्रीवॉल हेतु चिन्हांकन के निर्देश दिये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्याम लता आनंद, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी संजय कुमार मल्ल, उपायुक्त मनरेगा श्वेतांक पांडेय, उप कृषि निदेशक नरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी शिवम यादव, उपायुक्त उद्योग उत्कर्ष चन्द्र, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण ए.के. अरुण, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरूण कुमार शुक्ला, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बुद्धि प्रकाश सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन उप क्षेत्रीय वनाधिकारी राजीव दीक्षित ने किया।



