मैनपुरी(सुवि)जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला पोषण समिति की बैठक में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान कहा कि चिन्हित सैम-मैम बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति स्वास्थ्य, बाल विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारी सजग रहें, बच्चों के चिन्हांकन में नियमों का पालन किया जाये, चिन्हित सैम-मैम बच्चों के अभिभावकों से निरतंर संवाद कर चिन्हित बच्चों को भरपूर पोषक आहार, दवा खिलाने के लिए प्रेरित किया जाये, सैम बच्चों के अभिभावकों को जागरूक कर बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराया जाये ताकि उनकी सेहत में जल्द सुधार हो और वह सुपोषण की श्रेणी में आकर बेहतर जीवन-यापन कर सकें। उन्होने समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद में 2165 सैम एवं 5570 मैम बच्चे चिन्हित हैं, जिसमें सर्वाधिक 348 सुल्तानगंज में, 291 बेवर में, 281 मैनपुरी देहात में, 275 सैम बच्चे किशनी में चिन्हित है, जबकि 936 मैम बच्चे बेवर, 807 बच्चे मैनपुरी देहात, 786 सुल्तानगंज, 556 किशनी में चिन्हित हैं, माह जुलाई में 19 सैम बच्चे ही पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराये गये हैं, बाल विकास परियोजना अधिकारी किशनी, घिरोर, जागीर द्वारा एक भी बच्चा एन.आर.सी. में भर्ती नहीं कराया गया है, जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होने सम्बन्धित सी.डी.पी.ओ. के साथ प्र. चिकित्साधिकारी को आदेशित करते हुये कहा कि चिन्हित सैम बच्चों को एन.आर.सी. में भर्ती कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाये।
श्री सिंह ने समीक्षा के दौरान पाया कि पोषण ट्रैकर एप पर मोबाइल वेरीफिकेशन लक्ष्य 121249 के सापेक्ष 86227 लाभार्थियों के मोबाइल वेरीफिकेशन कराये जा चुके हैं, लाभार्थियों के आधार सीडिंग का कार्य लगभग शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है, मात्र 26 लाभार्थियों के आधार सीडिंग शेष है, चेहरा प्रमाणीकरण में जनपद मंडल में दूसरे स्थान पर है, 155796 पात्र लाभार्थियों के सापेक्ष 107157 का चेहरा प्रमाणीकरण हो चुका है, चेहरा प्रमाणीकरण के साथ 101971 की ई-के.वाई.सी. भी हो चुकी है, चेहरा प्रमाणीकरण कार्य में सबसे बेहतर कार्य मैनपुरी शहर, बरनाहल, कुरावली में हुआ है, घिरोर, जागीर में अन्य विकास खंडों के सापेक्ष चेहरा प्रमाणीकरण की प्रगति धीमी है, जिस पर उन्होने सम्बन्धित सी.डी.पी.ओ. को प्रगति में सुधार के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां समयान्तर्गत गृह भ्रमण कर पोषण ट्रैकर ऐप में अपलोड करें, शेष लाभार्थियों के आधार, मोबाइल नम्बर प्राथमिकता पर सत्यापित कराये जायें, सभी आंगनबाड़ी केन्द्रांे पर इन्फ्राकिट उपलब्ध रहें, वी.एच.एस.एन.डी. सत्र हेतु तख्त, कुर्सी, मेज व पर्दा आदि सामग्री की उपलब्ध रहंे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी हृदय नारायण, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, खंड विकास अधिकारी, प्र. चिकित्साधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन बाल विकास परियोजना अधिकारी हरिओम बाजपेयी ने किया।
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